सुकून : मिट्टी से जुड़कर मिली नई राह, प्रीति जिंटा खुद उगा रही हैं फल और सब्जियां
बॉलीवुड अभिनेत्री Preity Zinta इन दिनों लॉस एंजिल्स स्थित अपने घर में किचन गार्डनिंग को लेकर चर्चा में हैं। महामारी के दौरान शुरू हुआ उनका यह शौक अब ऑर्गेनिक फल और सब्जियां उगाने के जुनून में बदल चुका है। प्रीति अपने बगीचे में सेब, टमाटर, शिमला मिर्च और हरी मिर्च जैसी फसलें उगा रही हैं। उनका कहना है कि बागवानी उन्हें अपनी जड़ों, खासकर हिमाचल प्रदेश की यादों और परिवार की परंपराओं से जोड़े रखती है।
बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा इन दिनों फिल्मों से ज्यादा अपनी एक खास जीवनशैली को लेकर चर्चा में हैं। अभिनय की दुनिया में लंबा सफर तय करने के बाद अब उन्होंने अपने लिए एक ऐसा शौक चुन लिया है, जिसने उन्हें प्रकृति और अपनी जड़ों के और करीब ला दिया है। अमेरिका के लॉस एंजिल्स में पति जीन गुडइनफ के साथ रहने वाली प्रीति आजकल अपने घर के किचन गार्डन में काफी समय बिताती हैं और इसे प्यार से “घर की खेती” कहती हैं।
महामारी के दौरान शुरू हुई यह पहल अब उनके जीवन का अहम हिस्सा बन चुकी है। लॉकडाउन के दिनों में समय बिताने के लिए उन्होंने घर के आसपास पौधे लगाने शुरू किए थे, लेकिन धीरे-धीरे यह शौक ऑर्गेनिक फल और सब्जियां उगाने के जुनून में बदल गया। प्रीति का कहना है कि गार्डनिंग ने उन्हें कठिन समय में सकारात्मक सोच, सुकून और उम्मीद बनाए रखने में मदद की।
हर पौधे से जुड़ी है बचपन और हिमाचल की याद
हिमाचल प्रदेश में जन्मी और पली-बढ़ी प्रीति जिंटा अक्सर अपने बगीचे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करती रहती हैं। उनके बगीचे में लगे कई पौधे उन्हें अपने बचपन और पहाड़ों की याद दिलाते हैं। खास तौर पर ‘पिंक लेडी एप्पल’ का पेड़ उनके दिल के बेहद करीब है। एक पोस्ट में उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा था कि किसी लड़की को हिमाचल से दूर ले जाया जा सकता है, लेकिन उसके दिल से हिमाचल को नहीं निकाला जा सकता। इस सेब के पेड़ को फल देने में करीब तीन साल का समय लगा। जब पहली बार उस पर सेब आए, तो उनकी खुशी देखने लायक थी। उन्होंने बताया कि वह अक्सर पेड़ से कहती थीं कि उसे कुछ सेब दे दे, और जब आखिरकार ऐसा हुआ तो यह किसी सपने के सच होने जैसा लगा।
मां से मिली खेती और बागवानी की सीख
प्रीति अपनी इस नई पसंद का श्रेय अपनी मां को देती हैं। उनका कहना है कि बचपन में मां से ही उन्होंने पौधों की देखभाल और घर पर सब्जियां उगाने की बारीकियां सीखीं। यही सीख आज हजारों किलोमीटर दूर विदेश में भी उनके काम आ रही है।
उनके लिए यह सिर्फ बागवानी नहीं, बल्कि परिवार की उन परंपराओं को जीवित रखने का तरीका भी है, जिनसे उनका भावनात्मक जुड़ाव रहा है। यही वजह है कि वह अपने बगीचे को केवल पौधों का संग्रह नहीं, बल्कि यादों और रिश्तों का हिस्सा मानती हैं।
अब बगीचे में उग रही हैं कई तरह की ऑर्गेनिक फसलें
समय के साथ प्रीति ने अपने किचन गार्डन का विस्तार भी किया है। आज उनके बगीचे में टमाटर, शिमला मिर्च, हरी मिर्च, नेवल ऑरेंज और कई अन्य फल-सब्जियां उगाई जा रही हैं। जब भी कोई नई फसल तैयार होती है, वह उसकी खुशी अपने प्रशंसकों के साथ साझा करना नहीं भूलतीं। उनका मानना है कि अपने हाथों से उगाई गई सब्जियों का स्वाद और संतोष बाजार से खरीदी गई चीजों से बिल्कुल अलग होता है। यही कारण है कि वह अब अधिक से अधिक चीजें अपने बगीचे में उगाने की कोशिश करती हैं। चमक-दमक से भरी फिल्मी दुनिया का हिस्सा होने के बावजूद प्रीति जिंटा ने प्रकृति के बीच सुकून तलाश लिया है। उनका यह किचन गार्डन सिर्फ ताजी सब्जियों का स्रोत नहीं, बल्कि उनकी जड़ों, परिवार और बचपन की यादों से जुड़ा एक भावनात्मक पुल बन गया है। लॉस एंजिल्स में रहते हुए भी हिमाचल की मिट्टी और संस्कृति से उनका जुड़ाव आज भी उतना ही गहरा है, और शायद यही वजह है कि उनके बगीचे का हर पौधा उन्हें अपने घर की याद दिलाता है।