भारत की सीमा से सटे नेपाल के सुनसारी जिले में दो गुटों के बीच भड़की सांप्रदायिक झड़प के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। रविवार रात शुरू हुए इस विवाद में पुलिस गोलीबारी के दौरान एक 24 वर्षीय युवक की जान चली गई, जबकि पुलिसकर्मियों समेत एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र में अनिश्चितकालीन धारा 144 जैसे कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।
कैसे शुरू हुआ विवाद ?
यह घटना सुनसारी जिले के देवगंज ग्रामीण नगरपालिका स्थित कप्तानगंज इलाके की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार:
- समारोह के दौरान कहासुनी: रविवार रात दोनों धार्मिक समुदायों के लोग एक ही इलाके में अपने-अपने कार्यक्रम आयोजित कर रहे थे।
- ध्वनि और झंडे पर तकरार: लाउडस्पीकर की आवाज और धार्मिक झंडे फहराने की बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हुई।
- हिंसा में तब्दील हुई बहस: देखते ही देखते कहासुनी ने उग्र रूप ले लिया और दोनों ओर से झड़प होने लगी।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई और पाबंदियां
बढ़ते तनाव को रोकने के लिए जिला प्रशासन कार्यालय, सुनसारी ने सोमवार सुबह 7 बजे से जिले के पांच प्रमुख बाजार क्षेत्रों में अनिश्चितकालीन पाबंदियां लागू कर दी हैं।
लागू नियम:
- प्रभावित इलाकों में 4 या उससे अधिक लोगों के एक साथ जमा होने पर रोक है।
- किसी भी तरह के प्रदर्शन, जनसभा या धरने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
- नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 500 नेपाली रुपये का जुर्माना, एक महीने तक की जेल, या दोनों की सजा हो सकती है।
भारत-नेपाल सीमा पर सतर्कता
सुनसारी जिला भौगोलिक रूप से भारत के बिहार राज्य की सीमा से लगा हुआ है। यह इलाका दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आवाजाही के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण कॉरिडोर माना जाता है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट पर हैं, ताकि हिंसा का असर आसपास के अन्य इलाकों तक न फैले। फिलहाल अधिकारी क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों से बातचीत की कोशिश कर रहे हैं।