सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण : कोचिंग सेंटरों का सुरक्षा ऑडिट, कई संस्थानों में नहीं मिले जरूरी फायर सेफ्टी इंतजाम
लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के बाद दुर्ग जिला प्रशासन ने सिविक सेंटर स्थित 100 से अधिक कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच में अधिकांश संस्थानों में फायर सेफ्टी से जुड़ी गंभीर कमियां मिलीं। प्रशासन ने संचालकों को तत्काल सुधार के निर्देश देते हुए चेतावनी दी है कि नियमों का पालन नहीं करने पर संस्थानों को सील किया जा सकता है।
लखनऊ में कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद दुर्ग जिला प्रशासन ने भी एहतियात के तौर पर जिले के प्रमुख कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण शुरू कर दिया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सिविक सेंटर स्थित विभिन्न कोचिंग सेंटरों में विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान अग्निशमन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने फायर सेफ्टी से जुड़े सभी जरूरी इंतजामों का बारीकी से निरीक्षण किया।
फायर सेफ्टी मानकों में मिली कई कमियां
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि सिविक सेंटर में संचालित 100 से अधिक कोचिंग संस्थानों में से अधिकांश जगहों पर अग्नि सुरक्षा के आवश्यक मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। कई संस्थानों में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं थे, जबकि कई इमारतों में आपातकालीन निकास मार्ग की समुचित व्यवस्था नहीं मिली। इसके अलावा फायर अलार्म सिस्टम और आपदा की स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों का भी अभाव पाया गया। अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान जिन कमियों की पहचान हुई है, उनकी जानकारी संबंधित कोचिंग संचालकों को दे दी गई है। सभी संस्थानों को जल्द से जल्द आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि तय मानकों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित कोचिंग संस्थानों के खिलाफ सीलिंग सहित कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
हजारों विद्यार्थियों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
दुर्ग जिले में हर दिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी समय गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि कोचिंग संचालक विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कितनी तेजी और गंभीरता से जरूरी व्यवस्थाएं लागू करते हैं।