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Swamitva Scheme in Dhamtari(Image Source: CGDPR)
Swamitva Scheme in Dhamtari(Image Source: CGDPR)
राज्य सरकार

Swamitva Yojana: 54 हजार से अधिक परिवारों को मिले प्रॉपर्टी कार्ड

Swamitva Yojana: धमतरी जिले में स्वामित्व योजना के तहत कुल 78 हजार ग्रामीण परिवारों को अधिकार अभिलेख (प्रॉपर्टी कार्ड) देने का लक्ष्य है, जिसमें से अब तक 54 हजार से अधिक परिवारों को प्रॉपर्टी कार्ड बांटे जा चुके हैं।

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प्रकाशित: 17 Oct 2026, 04:57 PM · 3 मिनट पढ़ने का समय
रायपुर
स्रोत: PIB
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Swamitva Yojana: सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को उनकी आवासीय संपत्ति का वैधानिक अधिकार दिलाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2021 में लागू इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में धमतरी जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है, जिले में लगभग 78 हजार अधिकार अभिलेखों के वितरण के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 54 हजार से अधिक अधिकार अभिलेख हितग्राहियों को वितरित किए जा चुके हैं। शेष अधिकार अभिलेखों का वितरण आगामी एक माह में प्रस्तावित है। स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण आबादी क्षेत्र में स्थित आवासीय संपत्तियों का सर्वेक्षण कर पात्र परिवारों को उनके भूखंडों के स्वामित्व संबंधी अभिलेख उपलब्ध कराना है। इससे ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति पर विधिक अधिकार का दस्तावेज प्राप्त होता है। 

ग्रामीणों की आर्थिक उन्नति का नया आधार

संपत्ति संबंधी अभिलेख उपलब्ध होने से न केवल उनके अधिकारों को मजबूती मिलती है, बल्कि संपत्ति का उपयोग आर्थिक उन्नति के साधन के रूप में करने की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्राप्त प्रॉपर्टी कार्ड ग्रामीण परिवारों के लिए केवल जमीन के स्वामित्व का प्रमाण नहीं, बल्कि आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। संपत्ति के वैधानिक अभिलेख होने से पात्र हितग्राहियों को बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों से ऋण प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है। इससे वे आवास निर्माण, मरम्मत तथा व्यवसाय शुरू करने जैसे कार्यों के लिए वित्तीय संसाधन जुटा सकते हैं। संपत्ति के हस्तांतरण एवं क्रय-विक्रय में भी नियमानुसार सुविधा मिलती है।

कृषक ने खड़ा किया खुद का व्यवसाय

योजना के इन्हीं लाभों को साकार करने वाली एक प्रेरक सफलता की कहानी धमतरी जिले के ग्राम मड़ईभाटा के लघु कृषक श्री देवेंद्र देवांगन की है, उन्हें 17 मई 2025 को स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रॉपर्टी कार्ड प्राप्त हुआ। इस अभिलेख के आधार पर उन्होंने आईडीएफसी बैंक से आवास निर्माण एवं व्यवसाय के लिए 14.75 लाख रुपए का ऋण प्राप्त किया। ऋण से प्राप्त राशि का उपयोग करते हुए उन्होंने अपने गांव मड़ईभाटा में ‘देवांगन टेलर्स एंड रेडीमेड गारमेंट्स’ नाम से दुकान शुरू की। देवांगन की यह पहल दर्शाती है कि आवासीय संपत्ति के स्पष्ट स्वामित्व संबंधी दस्तावेज ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक अवसरों के नए द्वार खोल सकते हैं, स्वयं का व्यवसाय शुरू होने से उन्हें आजीविका के लिए नया आधार मिला है। यह उदाहरण अन्य ग्रामीण परिवारों को भी अपनी संपत्ति के अभिलेखों का उपयोग आर्थिक गतिविधियों और स्वरोजगार की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है।

ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

स्वामित्व योजना ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति संबंधी अधिकारों को स्पष्ट करने, वित्तीय संस्थानों तक पहुंच बढ़ाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक सुरक्षा, सामाजिक प्रतिष्ठा और आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलने की संभावना है। साथ ही, संपत्ति संबंधी अभिलेखों की उपलब्धता से भविष्य में स्वामित्व विवादों के निराकरण में भी सहायता मिल सकती है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के नेतृत्व में धमतरी जिले में स्वामित्व योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

विकास को नई गति दे रही स्वामित्व योजना

जिले में अधिकार अभिलेखों के वितरण की प्रगति और देवेंद्र देवांगन जैसे हितग्राही की सफलता इस बात को रेखांकित करती है कि योजनाओं का वास्तविक महत्व तभी सामने आता है, जब उनका लाभ आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए। धमतरी में स्वामित्व योजना का प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीणों को संपत्ति के अधिकार से आर्थिक अवसरों तक जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह पहल ग्रामीण विकास को नई गति देने के साथ आत्मनिर्भर गांवों की परिकल्पना को साकार करने में भी योगदान दे रही है।
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