जिले के जड़जड़ा गांव में तांत्रिक क्रिया और टोने-टोटके का डर दिखाकर एक महिला से हजारों रुपए ठगी का मामला सामने आया है। खुद को पति-पत्नी बताने वाले दो अज्ञात जालसाजों ने घर का क्लेश दूर करने और बच्चों को बीमारी से बचाने का झांसा देकर पीड़िता से 18,500 रुपये नकदी ऐंठ लिए। शिकायत के बाद गरियाबंद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, जड़जड़ा गांव की रहने वाली सुमती बाई पटेल (45 वर्ष) 19 अगस्त को अपने घर में बहू कोशिका के साथ घरेलू कामकाज निपटा रही थीं।
परिजनों को बच्चों के नाम से डराया
सुबह लगभग 9 बजे एक पुरुष और एक महिला पैदल उनके दरवाजे पर पहुंचे। उन्होंने शुरुआत में खाने के लिए चावल मांगा। सुमती बाई ने जब मुट्ठी भर चावल दिए, तो दोनों ने चाय पिलाने की बात कही। महिला के मना करने के बावजूद दोनों जबरन घर के भीतर दाखिल हो गए। घर में घुसते ही शातिर ठगों ने पीड़िता और उसकी बहू के ऊपर चावल छिड़क दिए। इसके बाद उन्होंने परिजनों को डराते हुए कहा कि “तुम्हारे घर के आसपास किसी ने नींबू गाड़ रखा है, जिससे बच्चों की तबीयत बहुत खराब हो सकती है।”
झांसे में आकर दे दिए पैसे
आरोपियों ने दावा किया कि उनके पास ऐसी दवा और ताबीज है, जिससे घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा और पारिवारिक क्लेश हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। डर और भ्रम के जाल में फंसाकर उन्होंने पूजा-पाठ व ताबीज के नाम पर पैसों की मांग शुरू कर दी। जालसाजों के झांसे में आकर सुमती बाई ने घर में रखे 18,500 रुपये नकदी (500-500 रुपये के 26 नोट और 100-100 रुपये के 55 नोट) उन्हें सौंप दिए।परिजनों को हुआ बाद में ठगी का अहसास
ठगों ने महिलाओं को सख्त हिदायत दी कि वे इस बारे में तुरंत किसी को न बताएं और चुपचाप वहां से रफूचक्कर हो गए। करीब एक घंटे बाद जब पीड़िता का बेटा योगेंद्र पटेल घर लौटा, तब सुमती बाई ने उसे पूरी बात बताई। बेटे ने तुरंत मामले की गंभीरता को समझा और परिजनों को ठगी का अहसास हुआ। पीड़िता की शिकायत पर गरियाबंद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 331(1) और 3(5) के तहत अपराध पंजीकृत कर लिया है। पुलिस आसपास के इलाकों में सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और हुलिए के आधार पर आरोपियों की पतासाजी में जुटी है।