देश की प्रमुख स्टील कंपनियों में शामिल टाटा स्टील ने जर्मनी की कंपनी मार्ट्रेड (Martrade) के साथ करीब 25 साल पुराने जॉइंट वेंचर को समाप्त करने का फैसला लिया है। यह साझेदारी टाटा स्टील, मार्ट्रेड और जापान की NYK के बीच थी, जिसके तहत कंपनी के कच्चे माल और तैयार स्टील उत्पादों की समुद्री परिवहन व्यवस्था संभाली जाती थी।
कंपनी ने इस फैसले की जानकारी अपने बोर्ड की बैठक के बाद दी। लंबे समय से चल रहे इस संयुक्त उपक्रम के खत्म होने के बाद टाटा स्टील अपनी लॉजिस्टिक्स रणनीति को नए सिरे से आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
समुद्री सप्लाई चेन को संभालने में अहम भूमिका निभाता था वेंचर
टाटा स्टील और मार्ट्रेड का यह जॉइंट वेंचर कंपनी के लिए समुद्री रास्ते से माल ढुलाई का महत्वपूर्ण माध्यम था। इसके जरिए देश-विदेश से कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार स्टील को विभिन्न बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलती थी। करीब ढाई दशक तक चली इस साझेदारी ने टाटा स्टील के वैश्विक कारोबार और सप्लाई चेन नेटवर्क को मजबूत करने में अहम योगदान दिया।
नीलाचल इस्पात के विस्तार के लिए 33,873 करोड़ रुपये का निवेश
टाटा स्टील के बोर्ड ने ओडिशा स्थित नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (NINL) के विस्तार को भी मंजूरी दी है। कंपनी इस प्लांट की उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 4.8 मिलियन टन प्रति वर्ष करने की योजना पर काम करेगी। इसके लिए टाटा स्टील ने 33,873 करोड़ रुपये के बड़े निवेश को मंजूरी दी है। कंपनी का मानना है कि यह निवेश भविष्य में उत्पादन बढ़ाने और बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद करेगा।
निजीकरण के बाद टाटा स्टील में हो रहा नीलाचल का विलय
नीलाचल इस्पात निगम को केंद्र सरकार की निजीकरण प्रक्रिया के तहत टाटा समूह ने खरीदा था। इसके बाद अब कंपनी को टाटा स्टील में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। टाटा स्टील के अनुसार, नीलाचल इस्पात के विस्तार से कंपनी के लॉन्ग प्रोडक्ट्स कारोबार को नई मजबूती मिलेगी। इससे निर्माण क्षेत्र और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी बढ़ती मांग को पूरा करने में सहायता मिलेगी।
रिटेल स्टील उत्पादों की मांग को देखते हुए बढ़ाई जा रही क्षमता
कंपनी ने बताया कि बाजार में ब्रांडेड स्टील उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। खासकर लॉन्ग प्रोडक्ट्स सेगमेंट में बेहतर संभावनाओं को देखते हुए उत्पादन क्षमता बढ़ाने का फैसला किया गया है। टाटा स्टील का फोकस अब अपने रिटेल नेटवर्क और ग्राहकों तक बेहतर गुणवत्ता वाले स्टील उत्पाद पहुंचाने पर है।
पहली तिमाही में टाटा स्टील के मुनाफे में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी
टाटा स्टील ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बेहतर वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का शुद्ध लाभ 19 प्रतिशत बढ़कर 2,385 करोड़ रुपये पहुंच गया है। वहीं, कंपनी का ऑपरेशन से मिलने वाला राजस्व भी 15 प्रतिशत बढ़कर 60,412 करोड़ रुपये हो गया। बेहतर बिक्री और कारोबारी गतिविधियों में सुधार को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है।
विस्तार योजनाओं पर लगातार निवेश कर रही कंपनी
जून तिमाही के दौरान टाटा स्टील ने अपने कारोबार के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 3,579 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च किया है। कंपनी देश में अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने और भविष्य की मांग को पूरा करने के लिए लगातार बड़े निवेश कर रही है। नीलाचल इस्पात का विस्तार भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।