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अमेरिका ईरान सैन्य तनाव और एयरस्ट्राइक
अमेरिका ईरान सैन्य तनाव और एयरस्ट्राइक
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पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर : जॉर्डन हमले के बाद अमेरिका की ईरान पर बड़ी जवाबी कार्रवाई, कई इलाकों में सुने गए जोरदार धमाके

जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए मिसाइल हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर एयरस्ट्राइक की पुष्टि की है। हमलों के बाद ईरान के दक्षिणी इलाकों में कई धमाकों की खबर सामने आई है, जिससे मध्य पूर्व में बड़े संघर्ष की आशंका बढ़ गई है।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 30 Jul 2026, 09:12 AM · अपडेट: 24 Oct 2026, 05:08 PM
वॉशिंगटन
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) में हालात एक बार फिर बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच गए हैं। जॉर्डन में अपने सैन्य अड्डे पर हुए मिसाइल हमले के ठीक 24 घंटे के भीतर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने गुरुवार तड़के ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ हवाई हमले शुरू कर दिए। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि यह हमला मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी बलों पर ईरान की ओर से की गई दुस्साहसिक कोशिश का सीधा और कड़ा जवाब है।

ईरान के दक्षिणी हिस्सों में हड़कंप, रिहायशी इलाके भी प्रभावित

अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद ईरान के दक्षिणी इलाकों में सिलसिलेवार धमाकों की गूंज से दहशत का माहौल है। ईरान के सरकारी मीडिया 'प्रेस टीवी' और ब्रॉडकास्टर 'IRIB' की रिपोर्ट के अनुसार:

  • प्रमुख निशाने: बंदर अब्बास, अबू मूसा, किश और केशम द्वीपों के आसपास के इलाकों में धमाकों की आवाजें दर्ज की गईं।

  • केशम द्वीप पर नुकसान: सामरिक रूप से बेहद अहम होर्मुज क्षेत्र में स्थित केशम द्वीप पर तीन बड़े धमाके हुए। यहां एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचा है, जिसके मलबे में दो लोगों के फंसे होने की आशंका है।

  • अवसंरचना सुरक्षित: ईरानी मीडिया एजेंसी 'तस्नीम' के मुताबिक, फार्स प्रांत के काजेरून शहर के बाहरी क्षेत्र को भी निशाना बनाया गया। हालांकि, अधिकारियों ने पुष्टि की है कि किश द्वीप के हवाई अड्डे और यात्री नाव सेवाओं (फेरी सर्विस) पर फिलहाल इसका कोई असर नहीं पड़ा है।

विवाद की मुख्य वजह: जॉर्डन में हुआ हमला

तनाव की यह नई चिंगारी मंगलवार को तब भड़की जब ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दी थीं। यद्यपि जॉर्डन की सेना ने दावा किया था कि उन्होंने हवा में ही 5 मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद अमेरिका ने इसे अपनी संप्रभुता और सुरक्षा पर बड़ा हमला माना और तुरंत जवाबी रणनीति तैयार कर ली। फिलहाल दोनों देशों की ओर से बयानबाजी और सैन्य गतिविधियां तेज हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में व्यापक युद्ध का खतरा मंडराने लगा है।

अब हमारी बारी है...’ – ट्रंप का आक्रामक रुख

इस सैन्य कार्रवाई से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी थी। ट्रंप ने दोटुक लहजे में कहा था:

"अब हमारी बारी है। हम उन पर इतना जोरदार हमला करने जा रहे हैं जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी। उन्हें भली-भांति पता है कि क्या होने वाला है।"

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