
कंचनजंगा की छांव और टॉय ट्रेन का जादू
मुख्य आकर्षण: यूनेस्को धरोहर टॉय ट्रेन की सवारी, बतासिया लूप, और घुमंतू चाय के बागान।
खास अनुभव: मल्ल रोड (The Mall) पर शाम के वक्त टहलना और स्थानीय कैफे में ताजी चाय की चुस्कियां लेना अपने आप में अनूठा एहसास है।

गैंगटॉक और आसपास: बादलों के बीच बसा एक खूबसूरत शहर
नाथुला पास और त्सोमगो (छांगू) झील: गैंगटॉक आने वाले सैलानियों के लिए भारत-चीन सीमा के पास स्थित नाथुला पास और बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच बसी छांगू झील देखना सबसे बड़ा अनुभव होता है।
एमजी मार्ग: शहर का दिल कहे जाने वाले एमजी मार्ग पर गाड़ियों की आवाजाही बंद रहती है, जिससे पर्यटक बिना किसी शोर-शराबे के खरीदारी और स्थानीय व्यंजनों का लुत्फ उठा सकते हैं।

कलिम्पोंग और पेलिंग: भीड़-भाड़ से दूर एकांत की तलाश
कलिम्पोंग: अपने फूलों की नर्सरी, औपनिवेशिक दौर के बंगलों और डेलो हिल के विहंगम दृश्यों के लिए जाना जाता है।
पेलिंग: यहां स्थित 'स्काईवॉक' और कंचनजंगा का बिल्कुल करीब से दिखने वाला नजारा फोटोग्राफी के शौकीनों को खूब लुभा रहा है।
यात्रा से जुड़ी जरूरी टिप्स
पहले से कराएं बुकिंग: सीजन होने के कारण होटल और गाड़ियों का किराया बढ़ सकता है, इसलिए अग्रिम बुकिंग कराना समझदारी होगी।
परमिट का ध्यान रखें: नाथुला पास और सिक्किम के कुछ सीमित क्षेत्रों में जाने के लिए विशेष परमिट की आवश्यकता होती है, जिसे आप गैंगटॉक पहुंचकर रजिस्टर्ड टूर ऑपरेटर के जरिए आसानी से बनवा सकते हैं।
गर्म कपड़े साथ रखें: पहाड़ों में मौसम तेजी से बदलता है। शाम के समय ठंड काफी बढ़ जाती है, इसलिए हल्के ऊनी और रेनप्रूफ जैकेट साथ रखना न भूलें।