केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) मुख्यालय में लगभग 189 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एसएसबी के जवानों को संबोधित करते हुए सीमा सुरक्षा और जवानों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
सीमा सुरक्षा में सहयोग मिलने की कही बात
अमित शाह ने कहा कि राज्य में शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के बाद सीमा सुरक्षा से जुड़े कार्यों में पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि कई जरूरी काम औपचारिक कागजी प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही आपसी बातचीत के माध्यम से आगे बढ़ाए जा रहे हैं। एसएसबी के लिए आवश्यक शेष 29 एकड़ जमीन भी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है।
पूर्व सरकार पर जमीन उपलब्ध नहीं कराने का आरोप
गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि घुसपैठ रोकने और सीमा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से कई बार जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। आश्वासन मिलने के बाद भी आवश्यक जमीन उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने राजनीतिक परिवर्तन के लिए पश्चिम बंगाल की जनता के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
एसएसबी के नए शिविरों का होगा निर्माण
कार्यक्रम के दौरान करीब 189 करोड़ रुपए की लागत से एसएसबी के कई शिविरों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी गई। अमित शाह ने कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद सीमाओं की सुरक्षा में तैनात जवानों की सुविधाओं और उनके कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
नेपाल-भूटान की खुली सीमाओं की सुरक्षा बड़ी जिम्मेदारी
गृह मंत्री ने कहा कि नेपाल और भूटान से जुड़ी खुली अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा करना एसएसबी की प्रमुख जिम्मेदारी है। खुली सीमा होने के कारण यहां निगरानी और सुरक्षा बनाए रखना चुनौतीपूर्ण कार्य है। उन्होंने जवानों की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि वे कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं।
सिलीगुड़ी कॉरिडोर में बढ़ाई गई निगरानी
अमित शाह ने कहा कि सामरिक दृष्टि से सिलीगुड़ी कॉरिडोर देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके महत्व को देखते हुए केंद्र सरकार ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया है। सीमावर्ती गतिविधियों पर नजर रखने के साथ आधुनिक तकनीक और अतिरिक्त संसाधनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।