रायपुर में अनूठी पहल : सैनिकों के लिए तैयार की गईं 1.11 लाख राखियां, मातृशक्ति ने भेजा स्नेह संदेश
रायपुर जिले में ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान के तहत सैनिकों के लिए 1.11 लाख हस्तनिर्मित राखियां तैयार की गईं। महिला एवं बाल विकास विभाग और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने इस अभियान में भाग लेकर जवानों के प्रति सम्मान और स्नेह व्यक्त किया।
कीर्तिमान डेस्क
05 Aug 2026, 07:50 PM
आरंग
रायपुर, रक्षाबंधन के अवसर पर देश की सीमाओं पर तैनात वीर जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए रायपुर जिले में एक विशेष अभियान चलाया गया। जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल पर ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान के तहत इस वर्ष 1 लाख 11 हजार हस्तनिर्मित राखियां तैयार की गई हैं, जिन्हें देश की रक्षा में तैनात सैनिकों तक पहुंचाया जाएगा।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान के माध्यम से रायपुर जिले की महिलाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और स्व-सहायता समूहों ने सैनिकों के लिए अपने हाथों से राखियां तैयार कीं। इन राखियों में बहनों का स्नेह, मातृशक्ति की भावना और जवानों के प्रति सम्मान झलक रहा है।
भारतमाता चौक पर सौंपा गया रक्षा-सूत्र
गुड़ियारी स्थित भारतमाता चौक में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी शैल ठाकुर सहित विभागीय अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अभियान के संयोजक महेंद्र प्रताप सिंह राणा को प्रतीकात्मक रूप से राखियां सौंपीं। इस दौरान सीमा पर सैनिक, घर-घर से स्नेह का संदेश देते हुए सभी ने सैनिकों के प्रति सम्मान और राष्ट्रप्रेम की भावना व्यक्त की।
रायपुर की बहनों का स्नेह
पिछले वर्ष से दोगुना हुआ अभियान का लक्ष्य
महिला एवं बाल विकास विभाग रायपुर द्वारा पिछले वर्ष भी सैनिकों के लिए 52 हजार राखियां तैयार कर भेजी गई थीं। अभियान को मिली व्यापक जनभागीदारी और लोगों के उत्साह को देखते हुए इस वर्ष राखियों की संख्या बढ़ाकर 1.11 लाख कर दी गई है। यह पहल रायपुर जिले की महिलाओं की राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण बनकर सामने आई है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और समूहों ने निभाई भूमिका
इस अभियान में जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं, महिला पर्यवेक्षकों, परियोजना अधिकारियों और स्व-सहायता समूहों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी राखियां स्थानीय स्तर पर तैयार की गई हैं, जो सैनिकों के प्रति सम्मान और अपनत्व का प्रतीक हैं।
कलेक्टर ने बताया राष्ट्रभक्ति और एकता का संदेश
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं है, बल्कि यह विश्वास, सुरक्षा और आत्मीयता का प्रतीक भी है। रायपुर जिले की माताओं, बहनों और बेटियों द्वारा तैयार की गई 1.11 लाख राखियां देश के वीर सैनिकों के प्रति सम्मान और आभार की अभिव्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान समाज में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक सहभागिता और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करेगा। सैनिकों तक पहुंचने वाला प्रत्येक रक्षा-सूत्र यह संदेश देगा कि पूरा देश उनके साहस और त्याग के साथ खड़ा है।
सैनिकों तक पहुंचेगा घर जैसा अपनापन
महिला एवं बाल विकास विभाग का यह अभियान केवल राखियां भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन जवानों के प्रति सम्मान जताने का माध्यम है, जो अपने परिवार से दूर रहकर देश की सुरक्षा में जुटे हैं। सीमा पर सैनिक, घर-घर से स्नेह की भावना के साथ चलाया जा रहा यह अभियान रक्षाबंधन पर्व को राष्ट्र एकता, सामाजिक समरसता और देशभक्ति के उत्सव के रूप में नई पहचान दे रहा है।