मतदाता जागरूकता की अनोखी पहल : डॉ. विश्वनाथ पाणिग्राही को मिला वर्ल्ड रिकॉर्ड सम्मान
लोकसभा चुनाव 2024 में नवाचारी तरीकों से मतदाता जागरूकता अभियान चलाने के लिए डॉ. विश्वनाथ पाणिग्राही को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड सम्मान मिला। उन्होंने 23 हजार नेवता पत्र और 16 भाषाओं में पोस्टर के जरिए कई शहरों व राज्यों तक मतदान का संदेश पहुंचाया।
कीर्तिमान डेस्क
18 Aug 2026, 08:44 PM
बागबाहरा
लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने और जागरूकता अभियान को नए तरीके से लोगों तक पहुंचाने के लिए डॉ. विश्वनाथ पाणिग्राही को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड सम्मान प्रदान किया गया है। रायपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के एशिया हेड मनीष बिश्नोई ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। लोकसभा चुनाव के दौरान डॉ. पाणिग्राही ने ‘सबसे पहले मतदान, उसके बाद दूसरा काम’ संदेश को केंद्र में रखकर कई जागरूकता कार्यक्रम चलाए। उनका प्रयास मतदान की अपील को सामान्य प्रचार तक सीमित रखने के बजाय इसे शादी-विवाह, सामाजिक आयोजनों और रोजमर्रा की गतिविधियों से जोड़कर लोगों तक पहुंचाना था।
दूल्हा-दुल्हन को भी मतदान के लिए किया प्रेरित
दूल्हा-दुल्हन को भी मतदान के लिए किया प्रेरित
अभियान के दौरान बारात लेकर जा रहे एक दूल्हे को पहले मतदान करने के लिए प्रेरित किया गया। इसी तरह एक विवाह समारोह में दुल्हन की विदाई से पहले ‘पहले मतदान, फिर कन्यादान’ का संदेश देकर मतदान कराया गया। इन गतिविधियों के जरिए लोगों को यह बताने का प्रयास किया गया कि लोकतंत्र के इस पर्व में मतदान को प्राथमिकता देना जरूरी है।
23 हजार नेवता पत्र छपवाकर घर-घर पहुंचाया संदेश
मतदाता जागरूकता को रोचक बनाने के लिए डॉ. पाणिग्राही ने अपनी वेशभूषा और एक्टिवा को भी मतदान संबंधी स्लोगन से सजाया। हाथों में नेवता पत्र लेकर वे गांवों, गलियों और शहरों में पहुंचे। लोगों को पीला चावल और हल्दी लगे आमंत्रण पत्र देकर मतदान के लिए आग्रह किया गया। शादी-ब्याह के निमंत्रण की तर्ज पर अभियान के लिए करीब 23 हजार नेवता पत्र छपवाए गए। इनका विमोचन तत्कालीन महासमुंद कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रभात मलिक ने किया था। अभियान की शुरुआत में पहला नेवता पत्र भी उन्हें सौंपा गया। डॉ. पाणिग्राही को जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा स्वीप का जिला आइकन के रूप में नियुक्त किया गया था। अभियान में नोडल अधिकारी रेखराज शर्मा और विजय शर्मा का मार्गदर्शन मिला।
कई शहरों और राज्यों तक पहुंचा जागरूकता अभियान
अभियान केवल बागबाहरा और महासमुंद तक सीमित नहीं रहा। मतदाता जागरूकता के नेवता पत्र रायपुर, भिलाई, दुर्ग, भोपाल और ओडिशा समेत कई स्थानों पर वितरित किए गए। दुर्ग जिले में अभियान को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ऋचा प्रकाश चौधरी का मार्गदर्शन मिला। डॉ. पाणिग्राही ने ‘मतदान जरूर करें’ संदेश वाले पोस्टर 16 भाषाओं में भी तैयार करवाए। पंडित दीनदयाल उपाध्याय हिंदी विद्यापीठ, वृंदावन धाम मथुरा के भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में इन पोस्टरों का वाचन और वितरण किया गया। कार्यक्रम में करीब 10 राज्यों से पहुंचे विद्वानों को भी नेवता पत्र और पोस्टर दिए गए, जिससे मतदान का संदेश दूसरे राज्यों तक पहुंचाने की पहल हुई।
कॉलेजों में 16 भाषाओं में दिया मतदान का संदेश
दुर्ग में भी 16 भाषाओं में तैयार मतदाता जागरूकता पोस्टरों के माध्यम से अभियान चलाया गया। स्वामी स्वरूपानंद कॉलेज में प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला और प्रोफेसर संयुक्ता पाढ़ी के मार्गदर्शन में कार्यक्रम हुआ। वहीं खालसा कॉलेज में सुनीता बोकाडे के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों और अन्य लोगों को मतदान के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
सहयोगियों और पत्रकारों का जताया आभार
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड सम्मान मिलने के बाद डॉ. विश्वनाथ पाणिग्राही ने मनीष बिश्नोई के प्रति आभार जताया। उन्होंने अभियान को लोगों तक पहुंचाने में सहयोग करने वाले पत्रकारों और सहयोगियों का भी धन्यवाद किया। इनमें दुर्ग से राजेंद्र ठाकुर, पुनीत कौशिक, युवराज पांडे, निर्मल साहू, महेंद्र साहू, अतुल अग्रवाल और धनेन्द्र सिंह चंदेल तथा बागबाहरा से रवि सेन, महेश हरपाल, प्रदीप शर्मा, दानवीर शर्मा, कृष्णानंद दुबे, धनंजय त्रिपाठी, लितेश परमार, देवेंद्र साहू, अब्दुल गोलू और अविनाश राव सहित अन्य पत्रकार शामिल हैं। डॉ. पाणिग्राही को मिले इस सम्मान पर उनके मित्रों, सहयोगियों और शुभचिंतकों ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी है।