शहर में चल रहे विकास कार्यों में लीपापोती और घटिया निर्माण को लेकर महापौर पूजा विधानी बेहद सख्त तेवर में नजर आ रही हैं। मंगलवार शाम हुई तेज बारिश ने निगम के दावों और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी।
राजकिशोर नगर में हाल ही में बनी नई सीसी रोड पहली ही बारिश का दबाव झेल नहीं पाई और जगह-जगह से उखड़ गई। सड़क से गिट्टी और रेत बाहर बहते देख निरीक्षण पर निकलीं महापौर का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर ही मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार की क्लास लगा दी।
कर्मचारियों को मौके पर किया तलब
सड़क की दुर्दशा देख महापौर पूजा विधानी ने तुरंत जोन के उच्च अधिकारियों और निर्माण से जुड़े कर्मचारियों को मौके पर तलब किया। उन्होंने उखड़ी हुई सड़क को दिखाते हुए सख्त लहजे में कहा कि जो सड़क पहली ही बारिश नहीं झेल पाई, उसकी गुणवत्ता का अंदाजा साफ लगाया जा सकता है।
उन्होंने ठेकेदार को दोटूक चेतावनी देते हुए कहा:
"जनता के पैसे की बर्बादी और काम में इस तरह की लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस सड़क की तुरंत मरम्मत कराई जाए और इसे मानकों के अनुरूप सही किया जाए।"
नगर की सड़कों का लिया जायजा
इस औचक निरीक्षण के दौरान महापौर के साथ एमआईसी सदस्य श्याम साहू, तिलक साहू, जोन अध्यक्ष श्रीमती रेखा सूर्यवंशी, जोन इंजीनियर प्रीती कंवर समेत जोन-7 के कई कर्मचारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। राजकिशोर नगर में सड़क का जायजा लेने के बाद महापौर का काफिला सीधे नगर निगम जोन क्रमांक-7 के तहत मोपका स्थित पशु आश्रय स्थल (गौशाला) पहुंचा।
गौशाला में व्यवस्थाओं की जांच
यहां महापौर ने बिना किसी पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण किया। उन्होंने गौशाला में चारे, पानी और सफाई की व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा। महापौर ने वहां मौजूद स्टाफ और अधिकारियों को निर्देश दिए कि मौसम को देखते हुए गौवंश के रख-रखाव में कोई कमी नहीं आनी चाहिए और उनके स्वास्थ्य व चारे का विशेष ध्यान रखा जाए। शहर में हो रहे विकास कार्यों में लगातार आ रही शिकायतों को देखते हुए महापौर ने प्रशासनिक कसावट भी शुरू कर दी है।अधिकारी खुद क्वालिटी चेक करें
उन्होंने जोन कमिश्नर भूपेन्द्र उपाध्याय को स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी किए हैं कि शहर के भीतर जहां कहीं भी निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहां अधिकारी खुद फील्ड पर उतरकर समय-समय पर क्वालिटी चेक करें। महापौर ने साफ कर दिया है कि अगर भविष्य में किसी भी वार्ड या सड़क के निर्माण में मानकों की अनदेखी पाई गई, तो सिर्फ ठेकेदार पर ही नहीं, बल्कि संबंधित निगरानी अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।