UPI Digital Revolution: यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI ने भारत में डिजिटल भुगतान के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। वर्ष 2016 में शुरू हुई इस व्यवस्था ने अब अपने 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं। आसान, तेज और रियल टाइम भुगतान की सुविधा के चलते UPI आज देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुका है। इसकी सफलता और भरोसेमंद व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। वर्तमान में UPI की सेवाएं 11 देशों तक पहुंच चुकी हैं।
UPI को भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की सफल पहलों में गिना जाता है। इसके जरिए अलग-अलग बैंकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बीच तुरंत भुगतान संभव हुआ। इससे छोटे-बड़े लेन-देन के लिए लोगों की नकदी और पारंपरिक बैंकिंग पर निर्भरता भी कम हुई है।
10 साल में हजारों गुना बढ़ा इस्तेमाल
UPI के इस्तेमाल में बीते एक दशक के दौरान जबरदस्त विस्तार हुआ है। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2016-17 में UPI के जरिए करीब 1.78 करोड़ लेन-देन हुए थे। यही संख्या 2025-26 में बढ़कर 24,162 करोड़ से अधिक पहुंच गई। यानी इस अवधि में लेन-देन की संख्या में करीब 13 हजार गुना वृद्धि दर्ज की गई। लेन-देन के कुल मूल्य में भी इसी तरह बड़ा इजाफा हुआ। वर्ष 2016-17 में UPI के माध्यम से करीब 7 हजार करोड़ रुपए के भुगतान हुए थे, जबकि 2025-26 में यह आंकड़ा लगभग 314 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया।
वित्तीय समावेशन को मिली रफ्तार
UPI ने डिजिटल भुगतान को सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहने दिया। इसकी आसान प्रक्रिया और व्यापक पहुंच ने देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को डिजिटल वित्तीय सेवाओं से जोड़ने में मदद की है। छोटे कारोबारियों से लेकर आम उपभोक्ताओं तक, बड़ी संख्या में लोग रोजमर्रा के भुगतान के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके विस्तार से डिजिटल अंतर कम करने, वित्तीय समावेशन बढ़ाने और अर्थव्यवस्था में ज्यादा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने में भी मदद मिली है।पीएम मोदी ने बताया निर्णायक पड़ाव
UPI के 10 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत की डिजिटल भुगतान यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले UPI की शुरुआत देश के डिजिटल पेमेंट इतिहास में निर्णायक क्षण थी। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए UPI के व्यापक स्तर पर हुए विस्तार पर देशवासियों के गर्व की बात कही। उन्होंने लोगों से UPI के साथ अपने अनुभव भी साझा करने का आग्रह किया।