UPI Global Expansion: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के तेजी से बढ़ते फिनटेक सेक्टर की सराहना करते हुए कहा कि इस बदलाव में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की भूमिका सबसे अहम रही है। मुंबई में आयोजित ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026’ का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज फिनटेक की चर्चा यूपीआई के बिना पूरी नहीं हो सकती, क्योंकि इसने भारत में डिजिटल भुगतान की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपीआई ने वित्तीय समावेशन को मजबूत करने का काम किया है। जिस आबादी तक पारंपरिक बैंकिंग सेवाएं आसानी से नहीं पहुंच पाती थीं, वहां भी डिजिटल भुगतान व्यवस्था ने अपनी जगह बनाई है। उन्होंने कहा कि तकनीक के जरिए आम लोगों को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और यूपीआई इसका बड़ा उदाहरण है।
अगस्त में हुए 24 अरब से ज्यादा UPI ट्रांजैक्शन
कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने बताया कि केवल अगस्त महीने में ही देश में 24 अरब से अधिक यूपीआई लेनदेन दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि यूपीआई की सफलता अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भी इसकी क्षमता को पहचान रही है। प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने यूपीआई को केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं बल्कि एक व्यापक सामाजिक बदलाव बताया था। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली का विस्तार लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में यूपीआई कई देशों में अपनी सेवाएं दे रहा है और इसके जरिए अंतरराष्ट्रीय भुगतान को आसान बनाने की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि जो सुविधा कभी असंभव लगती थी, वह अब आम लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनती जा रही है।वैश्विक भुगतान नेटवर्क से जोड़ने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब अगला कदम दुनिया के अन्य देशों की डिजिटल भुगतान प्रणालियों के साथ यूपीआई को जोड़ना है। उन्होंने संबंधित पक्षों से अपील की कि उन देशों के साथ भुगतान नेटवर्क को मजबूत किया जाए, जहां बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं या भारत के साथ व्यापारिक संबंध हैं। उन्होंने खासतौर पर प्रवासी भारतीयों के लिए डिजिटल भुगतान को आसान बनाने की जरूरत बताई। पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया में सबसे अधिक धन भेजने वाले देशों में शामिल है, इसलिए विदेशों से भारत पैसे भेजने की प्रक्रिया को सस्ता और तेज बनाना जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर डिजिटल भुगतान प्रणालियों के बेहतर तालमेल से न केवल अंतरराष्ट्रीय लेनदेन आसान होंगे, बल्कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों और उनके परिवारों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
