Sagar Poisonous Liquor Case: मध्य प्रदेश के सागर जिले में हुई जहरीली शराब त्रासदी में जान गंवाने वालों की वास्तविक संख्या को लेकर असमंजस और विवाद गहरा गया है। एक तरफ जहां स्थानीय प्रशासन के आंकड़े सीमित हैं, वहीं सूबे के कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के बीच मौतों के आंकड़ों को लेकर तीखी सियासत शुरू हो चुकी है। जिला प्रशासन अब तक इस हादसे में 16 लोगों की मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि कर चुका है। हालांकि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने स्थिति को एक नया मोड़ दे दिया। उन्होंने घटना पर गहरा दुख जताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही और साथ ही 19 मृतकों के नामों की सूची जारी की।
पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख की आर्थिक सहायता
मंत्री ने घोषणा की कि पीड़ित परिवारों को शासन की तरफ से 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उनके द्वारा जारी सूची में दिग्विजय लोधी, करतार सिंह लोधी, राजेन्द्र सिंह लोधी, कम्मू अहिरवार, चमन सिंह, उजायर सिंह, गोविंद उर्फ नीलेश, देश कुमार, भोपाली आदिवासी, अनाद रावत, कृष्ण कुमार लोधी, भगवान सिंह लोधी, सचिन उर्फ सत्येंद्र सिंह, राजकुमार, कैलाश, रौशन, हरनाम, गोविन्द और राम सिंह के नाम शामिल हैं।
अपनी लापरवाही पर डाल रहे पर्दा
दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार और प्रशासन पर मौतों की सही संख्या दबाने का आरोप लगाया है। पटवारी का दावा है कि जहरीली शराब से 50 से भी ज्यादा लोगों की जान गई है। जीतू पटवारी ने सवाल उठाते हुए कहा कि खुद सरकार के भीतर ही तालमेल की कमी है। एक तरफ स्थानीय प्रशासन कभी 13 तो कभी 15 मौतों की बात करता है, वहीं सरकार के जिम्मेदार मंत्री 19 मृतकों की सूची सार्वजनिक कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यवस्था अपनी नाकामी और लापरवाही पर पर्दा डालने के लिए आंकड़े कम करके दिखा रही है।
बयानों में भारी विरोधाभास
कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार जमीनी सच्चाई सामने लाए और पारदर्शी तरीके से सही आंकड़े जनता के समक्ष रखे। हादसे के इतने दिन बीत जाने के बाद भी शासकीय तंत्र, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय प्रशासन के बयानों में भारी विरोधाभास बना हुआ है। पक्ष और विपक्ष के बीच शुरू हुई इस बयानबाजी के बीच मुख्य सवाल यही बना हुआ है कि आखिर इस त्रासदी में कितने परिवारों ने अपने अपनों को खोया है। फिलहाल, क्षेत्र में तनाव और शोक का माहौल है और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठ रही है।

