अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक ताजा बयान ने वॉशिंगटन और तेहरान के बीच सुलग रही चिंगारी को और भड़का दिया है। स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में दोनों देशों के बीच चल रही बेहद संवेदनशील बातचीत पर अब संकट के बादल मंडराने लगे हैं। ईरान के सरकारी मीडिया का दावा है कि ट्रंप की नई धमकी से नाराज होकर उनका प्रतिनिधिमंडल बातचीत की टेबल छोड़कर बाहर निकल गया है। हालांकि, अमेरिकी खेमा इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए कह रहा है कि बातचीत टूटी नहीं है और ईरानी दल अभी भी वहीं मौजूद है।
X पर ट्रंप की पोस्ट और ईरान का वॉकआउट
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'इरना' (IRNA) के मुताबिक, ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे कतर के अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की, और उसके ठीक बाद वे उस इमारत से बाहर निकल गए जहां यह सीक्रेट टॉक चल रही थी। बताया जा रहा है कि ठीक उसी वक्त, जब स्विट्जरलैंड में दोनों पक्ष बातचीत के लिए बैठे थे, डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ईरान को लेकर फिर से कड़े और आक्रामक तेवर दिखाए। ईरान इसी बात से बिदक गया।
ईरानी मीडिया 'तस्नीम न्यूज' ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उनका डेलिगेशन फिलहाल बातचीत की मेज पर वापस नहीं लौटा है।
अमेरिका का अलग दावा: रातभर चलेगी बातचीत
दूसरी तरफ, वॉशिंगटन की कहानी कुछ और ही बयां कर रही है। अमेरिका के एक सीनियर राजनयिक ने साफ किया कि ईरानी दल कहीं नहीं गया है और वह बातचीत वाली जगह पर ही डटा हुआ है। अमेरिकी खेमे का कहना है कि चर्चा लगातार जारी है और मामला सुलझाने के लिए अमेरिकी राजनयिक रात भर काम करने को तैयार हैं।
'टाइम्स ऑफ इजरायल' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरी बातचीत का मुख्य फोकस फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर उपजे भ्रम को दूर करना है। अमेरिका चाहता है कि कोई ऐसा ठोस रास्ता निकले जिससे यह साफ हो सके कि यह बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए पूरी तरह खुला रहेगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर आर-पार की जंग
दरअसल, पूरा विवाद लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई के बाद शुरू हुआ। ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा ठोक दिया है कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई के तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक कर दिया है। मगर अमेरिका इस दावे को हवाई बता रहा है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह समुद्री रास्ता पूरी तरह चालू है।
इस पूरी बातचीत के केंद्र में लेबनान का मुद्दा सबसे ऊपर है। दिलचस्प बात यह है कि जिस लेबनान, इजरायल और हिजबुल्लाह को लेकर यह पूरी माथापच्ची हो रही है, उनका कोई भी प्रतिनिधि इस बातचीत में शामिल ही नहीं है।
ईरान की दोटूक: 'शर्तें नहीं मानीं, तो होर्मुज जलमार्ग बंद रहेगा'
मामले की गंभीरता को देखते हुए ईरानी बातचीत टीम के बेहद करीबी सूत्रों ने 'तस्नीम न्यूज' को बताया कि अगर लेबनान में इजरायली हमले नहीं रुके और उसकी संप्रभुता की गारंटी नहीं मिली, तो ईरान किसी भी दूसरे मुद्दे पर बात आगे नहीं बढ़ाएगा।क्या है इस्लामाबाद MoU का पेंच? ईरान के आंतरिक सूत्रों का कहना है कि 'इस्लामाबाद MoU' की धारा 13 बेहद स्पष्ट है। अगर अमेरिका धारा 1 के तहत किए गए अपने वादों को पूरा करने में नाकाम रहता है, तो ईरान भी धारा 5 को लागू करने के लिए बाध्य नहीं है। सीधे शब्दों में कहें तो, अगर अमेरिका ने अपनी प्रतिबद्धता नहीं निभाई, तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा नहीं खोलेगा।
फिलहाल बर्गेनस्टॉक में तनाव चरम पर है और दोनों देशों के रुख को देखते हुए यह बातचीत किसी भी मोड़ पर जा सकती है।