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महिलाओं में UTI का खतरा
महिलाओं में UTI का खतरा
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UTI : महिलाओं की बड़ी समस्या, साफ-सफाई में लापरवाही पड़ रही भारी

महिलाओं में UTI का खतरा शारीरिक बनावट, कम पानी पीने, साफ-सफाई की कमी, डायबिटीज, गर्भावस्था और मेनोपॉज जैसे कारणों से बढ़ सकता है। पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब, पेट दर्द, बुखार या कमर दर्द जैसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

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प्रकाशित: 27 May 2026, 01:39 PM · अपडेट: 28 Oct 2026, 05:28 PM
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी UTI का खतरा तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। यह संक्रमण यूरिनरी सिस्टम के किसी भी हिस्से—किडनी, ब्लैडर, यूरेटर या यूरेथ्रा—को प्रभावित कर सकता है। आमतौर पर यह संक्रमण ब्लैडर और यूरेथ्रा में ज्यादा होता है, लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर यह किडनी तक पहुंचकर गंभीर रूप ले सकता है। UTI के सामान्य लक्षणों में पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब आना, खाली ब्लैडर के बावजूद पेशाब की इच्छा होना और निचले पेट में दबाव या दर्द शामिल हैं।

महिलाओं में UTI का खतरा 

महिलाओं में UTI का खतरा पुरुषों की तुलना में अधिक होता है। इसकी सबसे बड़ी वजह महिलाओं की शारीरिक बनावट है। महिलाओं की यूरेथ्रा पुरुषों की तुलना में छोटी होती है, जिससे बैक्टीरिया को ब्लैडर तक पहुंचने में कम दूरी तय करनी पड़ती है। इसके अलावा यूरेथ्रा का स्थान भी मलद्वार के नजदीक होता है, जिससे बैक्टीरिया के संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है।  महिलाओं में UTI की अधिक संभावना मुख्य रूप से उनकी निचली मूत्र नली की संरचना और प्रजनन अंगों की निकटता से जुड़ी होती है।

संक्रमण का खतरा

कम पानी पीना, पेशाब को लंबे समय तक रोककर रखना, साफ-सफाई में लापरवाही, गलत तरीके से टॉयलेट हाइजीन, यौन सक्रियता, डायबिटीज, कमजोर इम्युनिटी और कुछ गर्भनिरोधक तरीकों का इस्तेमाल UTI के खतरे को बढ़ा सकता है। गर्भावस्था और मेनोपॉज के दौरान भी महिलाओं में संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है।पोस्टमेनोपॉजल महिलाओं में एस्ट्रोजन की कमी के कारण यूरिनरी ट्रैक्ट के ऊतकों में बदलाव होता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

लक्षणों को ना करें नजरअंदाज 

UTI के शुरुआती लक्षण कई बार सामान्य लगते हैं, लेकिन इन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब लगना, पेशाब में खून आना, पेट के निचले हिस्से में दर्द, बुखार, ठंड लगना, कमर या पीठ के निचले हिस्से में दर्द जैसे संकेत संक्रमण के बढ़ने की ओर इशारा कर सकते हैं। यदि संक्रमण किडनी तक पहुंच जाता है, तो तेज बुखार, कंपकंपी, उल्टी और पीठ या साइड में दर्द जैसे लक्षण दिख सकते हैं।

बार-बार UTI होना 

महिलाओं में बार-बार UTI होना भी बड़ी समस्या बनता जा रहा है। महिलाओं में recurrent UTI यानी बार-बार होने वाला UTI उनके स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। अध्ययन में यह भी बताया गया कि महिलाओं में जीवनकाल में कम से कम एक बार UTI होने की संभावना काफी अधिक होती है।

बचाव के लिए सावधानियां

UTI से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीना सबसे जरूरी है। पानी पेशाब को पतला करता है और बैक्टीरिया को बाहर निकालने में मदद करता है। पर्याप्त तरल पदार्थ लेने से बार-बार पेशाब होता है, जिससे संक्रमण शुरू होने से पहले ही बैक्टीरिया बाहर निकल सकते हैं। इसके अलावा पेशाब रोककर न रखना, यौन संबंध के बाद पेशाब करना, टॉयलेट के बाद आगे से पीछे की ओर सफाई करना और निजी स्वच्छता का ध्यान रखना जरूरी है।

डॉक्टर से संपर्क करें

अगर पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब, बदबूदार या धुंधला यूरिन, पेशाब में खून, बुखार, कमर दर्द या उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक लेना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि गलत दवा या अधूरा इलाज संक्रमण को दोबारा बढ़ा सकता है और एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस की समस्या पैदा कर सकता है।

जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव

UTI महिलाओं में आम समस्या जरूर है, लेकिन इसे हल्के में लेना सही नहीं है। समय पर पहचान, सही इलाज और साफ-सफाई की आदतें इस संक्रमण से बचाव में बड़ी भूमिका निभाती हैं। खासकर गर्भवती महिलाओं, डायबिटीज मरीजों, बुजुर्ग महिलाओं और बार-बार UTI से परेशान महिलाओं को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
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