Vatsalya Ganpati Mahotsav: डोल ग्यारस के अवसर पर भव्य समापन हुआ। भगवान श्री गणेश की विदाई के लिए निकाले गए चल समारोह में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और श्रद्धालु शामिल हुए। बैंड-बाजों और भक्ति गीतों के बीच निकले इस जुलूस में पूरा शहर गणपति बप्पा के जयकारों से गूंज उठा। चल समारोह के दौरान छात्र-छात्राएं उत्साह के साथ नाचते-गाते हुए मुख्य मार्गों से गुजरे।
साइबर जागरूकता झांकी बनी आकर्षण
इस धार्मिक आयोजन में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला। वहीं, इस बार समारोह में तैयार की गई साइबर फ्रॉड जागरूकता झांकी लोगों के बीच खास चर्चा का विषय रही। झांकी के जरिए लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
साइबर ठगी से बचाव का संदेश
अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी और बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की अपील की गई। छात्र-छात्राओं ने संदेश दिया कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर साइबर ठगी से बचा जा सकता है। आयोजन में शामिल विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भी साइबर सुरक्षा से जुड़े संदेश को लोगों तक पहुंचाया।भक्ति और जागरूकता के साथ गणपति विसर्जन
धार्मिक कार्यक्रम के साथ सामाजिक जागरूकता का यह प्रयास लोगों को काफी पसंद आया। इसके बाद भगवान गणेश की प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाया गया। श्रद्धालुओं ने नम आंखों से बप्पा को विदाई दी और ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारों के साथ विसर्जन संपन्न हुआ। वात्सल्य गणपति महोत्सव का समापन भक्ति, उत्साह और सामाजिक जागरूकता के संदेश के साथ हुआ।
