मेटल और माइनिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता लिमिटेड के शेयरों में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट देखने को मिली। कंपनी के शेयर BSE पर पिछले कारोबारी सत्र में 267.70 रुपये पर बंद हुए थे, जबकि आज यह 269 रुपये पर खुले। हालांकि शुरुआती कारोबार में शेयर 1 फीसदी से ज्यादा गिरकर 263.20 रुपये के स्तर तक पहुंच गया।
वेदांता ने गुरुवार को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए थे। कंपनी के शानदार प्रदर्शन के बावजूद बाजार में शेयरों पर दबाव नजर आया। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 72 फीसदी बढ़कर 5,473 करोड़ रुपये हो गया है।
EBITDA में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज
कंपनी के ऑपरेशनल प्रदर्शन में भी मजबूत सुधार देखने को मिला है। पहली तिमाही में वेदांता का EBITDA सालाना आधार पर 98 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 8,469 करोड़ रुपये पहुंच गया। कॉपर बिजनेस को छोड़कर कंपनी का EBITDA मार्जिन 985 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 57 फीसदी हो गया है।
रेवेन्यू में भी जबरदस्त उछाल
वेदांता की ऑपरेशन से होने वाली आय में भी बड़ा इजाफा हुआ है। पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 54 फीसदी बढ़कर 24,205 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 15,754 करोड़ रुपये था। कंपनी के बेहतर प्रदर्शन में मेटल कीमतों, प्रीमियम और विदेशी मुद्रा से मिले फायदे का योगदान रहा।
ब्रोकरेज की राय, नुवामा ने दी खरीदारी की सलाह
वेदांता के शेयर को लेकर ब्रोकरेज फर्म नुवामा ने सकारात्मक रुख अपनाया है। फर्म ने स्टॉक को खरीदने की सलाह देते हुए 333 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 24 फीसदी ज्यादा है।
मोतीलाल ओसवाल ने बरकरार रखी न्यूट्रल रेटिंग
दूसरी ओर, घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने वेदांता के शेयर पर अपनी 'न्यूट्रल' रेटिंग बरकरार रखी है। फर्म ने 290 रुपये प्रति शेयर का लक्ष्य मूल्य दिया है। ब्रोकरेज के अनुसार कंपनी का रेवेन्यू अनुमान के करीब रहा, जिसमें LME कीमतों, प्रीमियम और फॉरेक्स लाभ का अहम योगदान रहा।
निवेशकों के लिए जरूरी सलाह
शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है। वेदांता के शेयर को लेकर अलग-अलग ब्रोकरेज फर्मों की राय अलग हो सकती है। निवेशकों को किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लेनी चाहिए। बाजार की स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लेना जरूरी है।