Vishwakarma Jayanti: बागबाहरा क्षेत्र के ग्राम कमरौद और दाबपाली में श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। ग्राम कमरौद में राजमिस्त्री समितियों द्वारा भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना कर जयंती मनाई गई, जबकि ग्राम पंचायत दाबपाली में जागरूक युवाओं द्वारा आयोजित डांस प्रतियोगिता में कला के साथ रक्तदान का संदेश दिया गया। दोनों कार्यक्रमों में जनपद पंचायत बागबाहरा के उपाध्यक्ष तरुण व्यवहार अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कमरौद में श्रमिकों के योगदान को बताया विकास की नींव
ग्राम कमरौद में आयोजित कार्यक्रम में भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर तरुण व्यवहार ने समस्त राजमिस्त्री, निर्माण श्रमिकों, मजदूर भाइयों और ग्रामीणों को विश्वकर्मा जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा केवल शिल्प और निर्माण के देवता ही नहीं, बल्कि मेहनत, हुनर, सृजन और कर्म की प्रेरणा के प्रतीक हैं। भारतीय संस्कृति में भगवान विश्वकर्मा को दिव्य वास्तुकार एवं कुशल शिल्पकार के रूप में पूजा जाता है।
हुनर को कौशल से जोड़ने का आह्वान
विश्वकर्मा जयंती श्रम, कौशल और हुनर के प्रति सम्मान व्यक्त करने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि किसी भी गांव, शहर अथवा राष्ट्र का विकास केवल मजबूत इमारतों से नहीं होता, बल्कि उन मजबूत हाथों से होता है जो उन्हें आकार देते हैं। राजमिस्त्री और निर्माण श्रमिक अपने कौशल एवं अथक परिश्रम से घरों, विद्यालयों, सड़कों, भवनों सहित विभिन्न विकास कार्यों को साकार करते हैं। उनके श्रम के बिना विकास की कल्पना अधूरी है। तरुण व्यवहार ने कहा कि बदलते समय के साथ निर्माण क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ रहा है। ऐसे में श्रमिकों को नई तकनीक और कौशल का प्रशिक्षण देकर उनकी कार्यक्षमता तथा रोजगार के अवसरों को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से अपने हुनर को आगे बढ़ाने और नई पीढ़ी को कौशल से जोड़ने का आह्वान किया।
दाबपाली में डांस प्रतियोगिता के जरिए रक्तदान का संदेश
दाबपाली में विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर गांव के जागरूक युवाओं द्वारा एक दिवसीय डांस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। करीब पांच वर्षों से लगातार आयोजित हो रही इस प्रतियोगिता में इस बार मनोरंजन के साथ सामाजिक जागरूकता को भी प्रमुखता दी गई। कार्यक्रम में रक्तदान को मुख्य सामाजिक संदेश के रूप में शामिल किया गया। एक परिवार सामूहिक डांस ग्रुप, चरामा द्वारा रक्तदान की थीम पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई। नृत्य के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की आवश्यकता, रक्तदान के महत्व और समाज की जिम्मेदारी को रेखांकित किया गया। प्रस्तुति ने उपस्थित ग्रामीणों और युवाओं को प्रभावित किया।लगातार पांच वर्षों से डांस प्रतियोगिता का आयोजन
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए तरुण व्यवहार ने युवाओं की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए जीवनदान साबित हो सकता है। स्वस्थ और सक्षम युवाओं को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए जागरूक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दाबपाली के युवाओं द्वारा लगातार पांच वर्षों से डांस प्रतियोगिता आयोजित करना उनकी रचनात्मक सोच और सामाजिक सक्रियता को दर्शाता है। इस बार कला के मंच को रक्तदान जैसे महत्वपूर्ण विषय से जोड़कर युवाओं ने इसे जनजागरूकता का माध्यम बनाया है। उन्होंने एक परिवार सामूहिक डांस ग्रुप, चरामा का भी आभार व्यक्त किया।
ये पदाधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रमों में जनपद सदस्य प्रतिनिधि प्रहलाद साहू, सुनील व्यवहार, उपसरपंच लताघना साहिस, भुवन साहू, यादराम पटेल, गैंदराम पटेल, सेवाराम रात्रे, भूषण नामदेव, पंच लोकेश निषाद, ग्राम प्रमुख गेसराम पटेल, सरपंच लक्ष्मण पटेल, नारायण पटेल, नीलकुमार पटेल, देवेंद्र दीवान, लोकनाथ दीवान सहित युवा समिति के विनोद मरकाम, कामराज ध्रुव, अंकित पटेल, राम प्रसाद, रोशन दीवान तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा, श्रमिक और समितियों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

