Monday, 03 Aug 2026 भारत
ब्रेकिंग
रायपुर नगर निगम की कार्रवाई: अवैध पेंटिंग पर रोक और गंदगी फैलाने वाले होटल पर लगाया जुर्माना बारिश के मौसम में बढ़ा सांपों का खतरा, बिस्तर में छिपे करैत के डसने से युवक की मौत भाठागांव में चलती बाइक बनी आग का गोला, युवक ने कूदकर बचाई जान बेंद्री डैम में दर्दनाक हादसा, दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गए युवक की डूबने से मौत जांजगीर-चांपा में लिफ्ट मांगकर चौकीदार की हत्या, दो नाबालिग आरोपी गिरफ्तार महासमुंद राजस्व पटवारी संघ का एक दिवसीय धरना प्रदर्शन, लंबित मांगों को लेकर खींचा सरकार का ध्यान रायपुर नगर निगम की कार्रवाई: अवैध पेंटिंग पर रोक और गंदगी फैलाने वाले होटल पर लगाया जुर्माना बारिश के मौसम में बढ़ा सांपों का खतरा, बिस्तर में छिपे करैत के डसने से युवक की मौत भाठागांव में चलती बाइक बनी आग का गोला, युवक ने कूदकर बचाई जान बेंद्री डैम में दर्दनाक हादसा, दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गए युवक की डूबने से मौत जांजगीर-चांपा में लिफ्ट मांगकर चौकीदार की हत्या, दो नाबालिग आरोपी गिरफ्तार महासमुंद राजस्व पटवारी संघ का एक दिवसीय धरना प्रदर्शन, लंबित मांगों को लेकर खींचा सरकार का ध्यान
W 𝕏 f
होम सरकारी सूचना चिरायु योजना से बदली जीविका की जिंदगी, इलाज के बा…
चिरायु योजना की सफलता
चिरायु योजना की सफलता
सरकारी सूचना

चिरायु योजना से बदली जीविका की जिंदगी, इलाज के बाद लौटेगी सुनने-बोलने की क्षमता

राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम डुंडेरा की नन्हीं जीविका जन्मजात श्रवण बाधिता से जूझ रही थी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) की टीम ने समय पर समस्या की पहचान कर उसे एम्स रायपुर भेजा, जहां सफल कॉक्लियर इम्प्लांट किया गया। अब स्पीच थेरेपी और पुनर्वास के जरिए जीविका धीरे-धीरे सुनने और बोलने की क्षमता विकसित करेगी।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
03 Aug 2026, 03:49 PM
रायपुर
अब तक जिस दुनिया को नन्हीं जीविका सिर्फ देखती थी, अब उसे वह सुन भी सकेगी। राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम डुंडेरा की इस बच्ची के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) किसी नई जिंदगी की शुरुआत बनकर आया है। जन्मजात श्रवण बाधिता के कारण जीविका सामान्य बच्चों की तरह सुन और बोल नहीं पा रही थी। परिवार के लिए यह चिंता का विषय था, लेकिन समय पर हुई स्वास्थ्य जांच और शासकीय स्वास्थ्य व्यवस्था के सहयोग ने उनकी उम्मीदों को नया जीवन दे दिया।
आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-1, डुंडेरा में नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान आरबीएसके टीम-ए, डोंगरगढ़ ने जीविका की समस्या को पहचाना। टीम ने बिना समय गंवाए आवश्यक चिकित्सकीय जांच कराई, विशेषज्ञों से परामर्श कराया और उसे एम्स रायपुर रेफर किया। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उसका सफल कॉक्लियर इम्प्लांट किया। अब नियमित स्पीच थेरेपी और पुनर्वास के साथ जीविका धीरे-धीरे आवाजों की दुनिया से परिचित हो सकेगी और सामान्य बच्चों की तरह बोलना भी सीख पाएगी।

चिरायु योजना से बच्चों को मिल रहा नया जीवन

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम ऐसे ही हजारों बच्चों के जीवन में उम्मीद की नई किरण बन रहा है। कार्यक्रम के तहत जन्मजात विकार, पोषण संबंधी समस्याएं, विकास में देरी और अन्य गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर बच्चों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाता है। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर कर आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।

समय पर इलाज से बदला जा सकता है भविष्य

जीविका की कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि बीमारी की समय पर पहचान हो और उपचार सही समय पर मिले, तो कई बच्चों का भविष्य बदला जा सकता है। डोंगरगढ़ की श्चिरायुश् टीम की सतर्कता और समन्वित प्रयासों ने एक बच्ची के जीवन में सुनहरे कल की उम्मीद जगा दी है। अब उसके घर में सिर्फ मुस्कान ही नहीं, बल्कि आवाजों की नई दुनिया भी दस्तक दे रही है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
गाइए और छा जाइए
कलमकार
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
भारत
विदेश
राजनीति
मनोरंजन
खेल
तकनीक
कारोबार
शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें