मौसम अपडेट : बारिश का दौर जारी, किसानों के लिए उम्मीद और चुनौती दोनों
छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय होने से कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। IMD ने बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। बारिश से किसानों को राहत मिली है, लेकिन ज्यादा बारिश से जलभराव और फसलों को नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।
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कीर्तिमान न्यूज
28 Jul 2026, 08:02 AM
रायपुर
छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में आगामी दिनों में बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और स्थानीय सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना जताई है। खासकर मैदानी और वनांचल क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और बिजली गिरने की स्थिति में खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
खेतों में नमी बढ़ने से रोपाई को मिली गति
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। बारिश के कारण मौसम में ठंडक बनी रहेगी और लोगों को उमस से राहत मिल सकती है। मानसून की बारिश खेती-किसानी के लिए काफी अहम मानी जा रही है। धान की खेती वाले इलाकों में किसानों को बारिश से बड़ी राहत मिली है। खेतों में नमी बढ़ने से रोपाई और अन्य कृषि कार्यों को गति मिली है। प्रदेश के कई किसान धान रोपाई, खाद डालने और खरपतवार नियंत्रण जैसे कामों में जुटे हुए हैं।
निचले इलाकों में कच्चे मकानों को नुकसान
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार समय पर होने वाली बारिश फसलों की अच्छी पैदावार के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। पर्याप्त बारिश से जलस्रोतों का जलस्तर भी बढ़ता है, जिसका लाभ आने वाले महीनों में सिंचाई के लिए मिलेगा। हालांकि लगातार तेज बारिश कुछ क्षेत्रों में परेशानी का कारण भी बन सकती है। अधिक पानी भरने से निचले इलाकों में जलभराव, कच्चे मकानों को नुकसान और सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने की संभावना रहती है।
खेती-किसानी ने पकड़ी रफ्तार खेतों में पानी जमा होने से फसलों को हो सकता है नुकसान
किसानों के लिए भी अत्यधिक बारिश चुनौती बन सकती है। खेतों में पानी जमा होने से धान समेत कुछ फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। कृषि विभाग ने किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने और मौसम को देखते हुए कृषि कार्य करने की सलाह दी है। बारिश बढ़ने के साथ ही प्रदेश की कई नदियों और नालों के जलस्तर पर प्रशासन नजर बनाए हुए है।
नदी-नालों के पास जाने से बचने की अपील
जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से अपील की गई है कि तेज बारिश के दौरान नदी-नालों और पुल-पुलियों के पास जाने से बचें।मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में अभी मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में जहां किसानों के लिए यह समय उम्मीद लेकर आया है, वहीं आम लोगों को जलभराव और खराब मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।