भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला लगातार चौथे कारोबारी दिन भी जारी रहा। वैश्विक चिंताओं और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच घरेलू बाजार पर दबाव देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई, जिसका असर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर दिखाई दिया।
मंगलवार दोपहर करीब 1:55 बजे बीएसई सेंसेक्स 407.62 अंक यानी 0.53 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,347.43 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं, एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स 136.50 अंक यानी 0.57 प्रतिशत फिसलकर 23,859.75 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले कारोबार की शुरुआत में ही सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयर लाल निशान में खुले थे।
इंडिगो समेत कई शेयर गिरे
बाजार में सबसे ज्यादा दबाव इंडिगो के शेयरों पर देखने को मिला। इसके अलावा अल्ट्राटेक सीमेंट, सन फार्मा, एशियन पेंट्स, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, पावरग्रिड, इंफोसिस, ट्रेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे बड़े शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि कुछ कंपनियों के शेयरों में खरीदारी का रुख भी नजर आया। इटरनल, टाटा स्टील, अडानी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस और मारुति के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे।
निफ्टी के कई प्रमुख शेयरों में गिरावट
निफ्टी 50 इंडेक्स में डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, नेस्ले इंडिया और इंफोसिस सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे। निवेशकों ने इन शेयरों में बिकवाली दिखाई, जिससे इंडेक्स पर दबाव बढ़ा। ब्रॉडर मार्केट की बात करें तो निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 0.54 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।
फार्मा और रियल्टी सेक्टर कमजोर
सेक्टर के लिहाज से निफ्टी फार्मा, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में कमजोरी देखने को मिली। वहीं दूसरी ओर निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी ऑटो सेक्टर ने बाजार में गिरावट के बीच बेहतर प्रदर्शन किया। विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।