WPL 2027 Auction: युवा खिलाड़ियों पर भी फ्रेंचाइजी ने भरोसा जताया है। नीलामी में कुल 25 खिलाड़ियों को खरीदा गया, जिनमें कई ऐसे नाम शामिल हैं जो कम उम्र में ही अपने प्रदर्शन से पहचान बना रही हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा 15 साल की उमा काश्वी की है, जिन्हें दिल्ली कैपिटल्स ने अपने साथ जोड़ा है।
उमा के अलावा 16 साल की समायरा राघव और 18 साल की जी कमालिनी भी इस नीलामी में खरीदी गईं। कमालिनी का नाम इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि उन्होंने अंडर-19 वर्ल्ड कप के बजाय WPL में खेलने का फैसला किया है। अब इन युवा खिलाड़ियों को बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। आइए जानते हैं नीलामी में खरीदी गई पांच युवा खिलाड़ियों के बारे में।

उमा काश्वी: 15 साल की उम्र में WPL में एंट्री
उमा काश्वी इस नीलामी की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी रहीं। 9 अप्रैल 2011 को जन्मी उमा की नीलामी के समय उम्र 15 साल 202 दिन थी। दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें उनके बेस प्राइस 10 लाख रुपए में खरीदा।
इस खरीद के साथ उमा ने WPL ऑक्शन में सबसे कम उम्र में बिकने वाली खिलाड़ी का रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले यह रिकॉर्ड 16 साल की दीया यादव के नाम था। कर्नाटक की रहने वाली उमा ऑलराउंडर हैं। वह दाएं हाथ से बल्लेबाजी करने के साथ ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी करती हैं। अंडर-15 और अंडर-19 स्तर पर उनके प्रदर्शन ने फ्रेंचाइजी का ध्यान खींचा। अब WPL में उन्हें अपने खेल को अगले स्तर तक ले जाने का अवसर मिलेगा।

समायरा राघव: गुजरात जायंट्स ने जताया भरोसा
दिल्ली की ऑलराउंडर समायरा राघव इस नीलामी में बिकने वाली दूसरी सबसे युवा खिलाड़ी रहीं। 23 जनवरी 2010 को जन्मी समायरा की उम्र नीलामी के समय 16 साल थी। गुजरात जायंट्स ने उन्हें 10 लाख रुपए में खरीदा। समायरा मिडिल ऑर्डर में आक्रामक बल्लेबाजी करने के लिए जानी जाती हैं। इसके अलावा वह लेग स्पिन गेंदबाजी भी करती हैं। दिल्ली प्रीमियर लीग में उन्होंने अपनी फिनिशिंग क्षमता से प्रभावित किया था। गुजरात जायंट्स के लिए समायरा का चयन भविष्य की तैयारी के लिहाज से अहम हो सकता है। हालांकि, सीनियर स्तर पर उन्हें कितने मौके मिलते हैं और वह उनका किस तरह फायदा उठाती हैं, इस पर नजर रहेगी।

जी कमालिनी: 40 लाख रुपए में गुजरात जायंट्स के साथ जुड़ीं
18 साल की जी कमालिनी भी इस ऑक्शन में बिकने वाली सबसे युवा खिलाड़ियों में से एक हैं। उनका जन्म 20 जुलाई 2008 को हुआ था। वह भारतीय टीम के लिए भी खेल चुकी हैं। इस बार वह अंडर-19 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा थीं, लेकिन उन्होंने इस टूर्नामेंट की बजाय विमेंस प्रीमियर लीग में सीनियर खिलाड़ियों के बीच खेलने का फैसला किया। उन्हें ऑक्शन में गुजरात जायंट्स ने ₹40 लाख में खरीदा। इससे पहले वह मुंबई की टीम का हिस्सा थीं। तमिलनाडु की विकेटकीपर-बैटर ने अंडर-19 विश्व कप और घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है।

अक्षिता भगत: मुंबई इंडियंस ने 10 लाख रुपए में खरीदा
पंजाब की फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर अक्षिता भगत को मुंबई इंडियंस ने नीलामी के आखिरी दौर में 10 लाख रुपए में खरीदा। 12 अक्टूबर 2006 को जन्मी अक्षिता की उम्र नीलामी के समय 20 साल थी। अक्षिता अंडर-23 स्तर पर अपने प्रदर्शन से पहचान बना चुकी हैं। उन्हें इंडिया-ए टीम में भी शामिल किया गया है, जो उनके करियर के लिए अहम मौका है। WPL में मुंबई इंडियंस जैसी टीम के साथ जुड़ना उनके लिए सीखने और अपनी क्षमताओं को निखारने का अवसर हो सकता है। अगर वह गेंद और बल्ले दोनों से प्रभाव छोड़ने में सफल रहती हैं, तो भारतीय टीम में जगह बनाने की उनकी दावेदारी मजबूत हो सकती है।

सानिका चाल्क: घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन का मिला इनाम
सानिका चाल्क को भी मुंबई इंडियंस ने 10 लाख रुपए में अपने साथ जोड़ा। 23 जनवरी 2006 को जन्मी सानिका नीलामी के समय 20 साल की थीं। बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने वाली सानिका ने अंडर-19 और घरेलू टी20 क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से ध्यान खींचा है। WPL में उन्हें मजबूत टीमों के खिलाफ खेलने और अपने खेल को बेहतर बनाने का मौका मिलेगा। इस लीग में अच्छा प्रदर्शन उनके करियर के लिए अहम साबित हो सकता है। घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने के बाद अब उनके सामने बड़े मंच पर खुद को साबित करने की चुनौती होगी। लगातार अच्छा प्रदर्शन उन्हें भारतीय टीम के चयनकर्ताओं का ध्यान खींचने में मदद कर सकता है।
WPL 2027 में युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेंगी नजरें
WPL जैसी प्रतियोगिता युवा क्रिकेटरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ खेलने और दबाव में प्रदर्शन करने का अवसर देती है। उमा काश्वी और समायरा राघव जैसी कम उम्र की खिलाड़ियों के लिए यह अनुभव खास हो सकता है, जबकि जी कमालिनी, अक्षिता भगत और सानिका चाल्क के सामने अपनी प्रतिभा को बड़े मंच पर साबित करने का मौका है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इनमें से कौन खिलाड़ी मिले अवसर का फायदा उठाकर अपनी टीम के लिए अहम योगदान देती है। नीलामी में चयन उनके करियर की शुरुआत का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन आगे की पहचान मैदान पर उनके प्रदर्शन से ही बनेगी।







