"आदिवासी परिवार" के लिए 20 परिणाम मिले
अंबिकापुर (सरगुजा)
पहाड़ हो रहे गायब : माफिया काटकर बेच रहे मुरम-पत्थर, कार्रवाई का इंतजार
अंबिकापुर के मानिकप्रकाशपुर और क्रांति प्रकाशपुर में वन अधिकार अधिनियम के तहत मिली जमीन की आड़ में पहाड़ियों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। आरोप है कि माफिया जेसीबी से पहाड़ काटकर मुरम और पत्थर निकाल रहे हैं, जबकि ग्रामीणों को पहाड़ समतल कर मकान बनाने का झांसा दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने पर्यावरण संरक्षण और अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
राष्ट्रीय
मेहनत लाई रंग : किस्मत हो तो ऐसी दो साल पहले 93 लाख, अब फिर मिला 30 लाख का हीरा
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में एक आदिवासी परिवार की किस्मत दूसरी बार चमकी है। अहिरगवां की निजी हीरा खदान से 11.19 कैरेट का जेम्स क्वालिटी हीरा मिला है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये है। इससे पहले वर्ष 2024 में इसी परिवार को 19.22 कैरेट का हीरा मिला था, जिसकी नीलामी 93 लाख रुपये में हुई थी।
रायपुर
विकास : नक्सलमुक्त बस्तर अब आर्थिक और तकनीकी हब बनने को तैयार
नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नक्सलमुक्त बस्तर के लिए व्यापक विकास रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने आदिवासी परिवारों की आय दोगुनी करने, डेयरी क्रांति लाने, 32 हजार हेक्टेयर में सिंचाई विस्तार, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और पर्यटन को रोजगार के बड़े स्रोत के रूप में विकसित करने की योजना साझा की।
राज्य सरकार
दुग्ध क्रांति : 156 दुग्ध समितियों से किसानों को मिल रहा लाभ
महासमुंद जिले में पशुपालन और दुग्ध व्यवसाय ग्रामीणों की आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनकर उभर रहा है। जिले से प्रतिदिन लगभग 34 हजार लीटर दूध का विक्रय देवभोग दुग्ध महासंघ और निजी डेयरियों के माध्यम से किया जा रहा है।
राष्ट्रीय
दावों की खुली पोल : मुरैना के आदिवासी गांवों में बूंद-बूंद को तरस रहे लोग, 45°C की तपिश में घड़ा ढो रही हैं महिलाएं
मुरैना के बहेरी समेत आसपास के पांच गांवों में जल संकट गंभीर रूप ले चुका है। गर्मी और मानसून दोनों मौसमों में ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। कई बार उन्हें गंदे गड्ढों और नालों का पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है, जिससे डायरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियां फैल रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
सूरजपुर
अंधेरे में डूबा अमूवारीपारा : 9 महीने से बंद पड़ा सोलर पावर प्लांट, गर्मी में तड़प रहे ग्रामीण
सूरजपुर जिले के दूरस्थ आदिवासी गांव अमूवारीपारा में पिछले 9 महीनों से सोलर पावर प्लांट बंद पड़ा है, जिससे ग्रामीण अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी के बीच बिजली नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई, मोबाइल चार्जिंग और दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने क्रेड़ा विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कई बार शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने की बात कही है। गांव में अंधेरे के कारण जंगली जानवरों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से तत्काल मरम्मत की मांग करते हुए जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
महासमुंद
विकास या विनाश : सड़क बनाने बागबाहरा के द्वारतराकला में रातों रात जड़ से उखाड़ फेंके सैकड़ों फलदार पेड़
आदिवासी आजीविका पर गहरा संकट : सड़कें आवाजाही के लिए होती हैं, उजाड़ने के लिए नहीं। बागबाहरा के द्वारतराकला में विकास के नाम पर जो हुआ, वह पेड़ों की कटाई नहीं, आदिवासी संस्कृति और उनकी आजीविका की हत्या है। जिन पेड़ों को पीढ़ियों ने सींचा, उन्हें सरकारी मशीनों ने चंद घंटों में मिट्टी में मिला दिया।
छत्तीसगढ़
नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर-2 प्रोजेक्ट की शुरुआत : सीएम साय सुकमा पहुंचे, 308 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
सुकमा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 308 करोड़ रुपए के 228 विकास कार्यों की सौगात दी, जिसमें 159 का शिलान्यास और 69 का लोकार्पण शामिल है। नक्सल प्रभावित बस्तर में अब तेजी से शांति और विकास लौट रहा है—3 हजार से अधिक नक्सली सरेंडर कर चुके हैं, गांवों में स्कूल और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं। “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” के तहत 1100 टीमें घर-घर जांच करेंगी, वहीं महिलाओं, आदिवासियों और दिव्यांगों को योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया है।