"ऐतिहासिक धरोहर" के लिए 19 परिणाम मिले
राज्य सरकार
Ghotul Tradition: गोलियों की गूंज की जगह अब मांदर की थाप, अबूझमाड़ में लौट रही घोटुल की रौनक
Ghotul Tradition: नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा हालात बेहतर होने के साथ आदिवासी समाज की पारंपरिक घोटुल परंपरा फिर जीवंत हो रही है। अंदरूनी गांवों में ग्रामीण प्राकृतिक सामग्रियों से घोटुल तैयार कर रहे हैं, जहां युवा बुजुर्गों से लोकगीत, नृत्य, सामाजिक अनुशासन और जीवनोपयोगी परंपराएं सीख रहे हैं। कभी नक्सली हिंसा के कारण थम चुकी शामें अब मांदर की थाप और ‘चेलिक-मोटियारिन’ के लोकगीतों से गूंजने लगी हैं।
यात्रा
झरने, गुफाएं, मंदिर और जंगल... कुदरत और संस्कृति का अनूठा संगम, छत्तीसगढ़ के 10 दर्शनीय स्थल
छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक स्थलों का अनोखा संगम है। चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, तीरथगढ़, कुटुंबसर गुफाएं, सिरपुर, भोरमदेव मंदिर, बारनवापारा अभयारण्य, डोंगरगढ़, गंगरेल बांध और बारसूर-दंतेश्वरी मंदिर राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं, जो हर साल बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
राष्ट्रीय
सनसनीखेज : शिवपुरी के नरवर किले में बड़ी चोरी, हथियारबंद बदमाश ले गए 400 साल पुरानी तोप
मध्य प्रदेश के शिवपुरी स्थित ऐतिहासिक नरवर किले से करीब 400 साल पुरानी दुर्लभ तोप चोरी हो गई। हथियारबंद बदमाशों ने गार्डों को धमकाकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने हेरिटेज तस्करी के एंगल से जांच शुरू कर दी है, जबकि सुरक्षा लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।
रक्षा
युवाओं को रोजगार : शिवपुरी में बनने जा रहा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा प्राइवेट मिसाइल हब
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के पाली गांव में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा निजी मिसाइल इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। 2,500 करोड़ रुपये के इस डिफेंस प्रोजेक्ट से 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है और यह भारत को रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरगुजा संभाग
रामगढ़ महोत्सव : प्राचीन गुफाओं का मुख्यमंत्री ने किया भ्रमण, पर्यटन को बढ़ावा देने की कही बात
रामगढ़ महोत्सव-2026 के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सीताबेंगरा, जोगीमारा गुफाओं और हाथीपोल का भ्रमण किया। उन्होंने रामगढ़ की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
छत्तीसगढ़
पत्थरों में उकेरी गई इतिहास की जीवंत गाथा, बारसूर का बत्तीसा मंदिर बना बस्तर की अद्भुत पहचान
दंतेवाड़ा जिले के बारसूर स्थित ऐतिहासिक बत्तीसा मंदिर अपनी अद्भुत शिल्पकला और प्राचीन वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। 11वीं शताब्दी में बने इस मंदिर की पूरी संरचना 32 पत्थर के स्तंभों पर टिकी है और इसका निर्माण बिना चूना-गारा के किया गया था। मंदिर में दो गर्भगृह, घूमने वाला शिवलिंग और विशाल नंदी प्रतिमा विशेष आकर्षण हैं। बारसूर का यह मंदिर बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन वैज्ञानिक समझ का जीवंत प्रतीक माना जाता है।
छत्तीसगढ़ में ‘ज्ञानभारतम’ अभियान को रफ्तार, 4 हजार से अधिक पांडुलिपियों का सर्वे पूर्ण
छत्तीसगढ़ में “ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान” तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक 26 जिलों में समितियों का गठन हो चुका है और 4191 पांडुलिपियों का सर्वे पूरा किया गया है। संस्कृति विभाग के नेतृत्व में प्रशिक्षित टीमों द्वारा जमीनी स्तर पर सर्वे कार्य किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य राज्य की प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहर को खोजकर डिजिटल रूप में संरक्षित करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों तक यह अमूल्य ज्ञान सुरक्षित पहुंच सके।