"पेयजल समस्या" के लिए 18 परिणाम मिले
राज्य सरकार
रायपुर : खम्हारडीह में 20.92 करोड़ की जल परियोजना का भूमिपूजन, 2500 घरों को मिलेगा शुद्ध पेयजल
रायपुर के खम्हारडीह क्षेत्र में 20.92 करोड़ रुपये की जलागार और पाइपलाइन विस्तार परियोजना का भूमिपूजन किया गया। इस परियोजना से 2500 घरों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा और क्षेत्र की वर्षों पुरानी जल समस्या का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है।
जगदलपुर (बस्तर)
पानी का संकट : प्रशासनिक दावों की खुली पोल, दिव्यांग महिला के घर सूखा पड़ा नल
बस्तर ब्लॉक के जामगुड़ा गांव की एक दिव्यांग महिला, जिसकी पेयजल समस्या पहले सुर्खियों में आई थी, आज भी पानी के लिए संघर्ष करने को मजबूर है। खबर सामने आने के बाद प्रशासन ने उसके घर के पास नल तो लगवा दिया, लेकिन कुछ दिनों बाद ही जलापूर्ति बंद हो गई।
संरक्षण पर फोकस : खनन प्रभावित क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और स्थायी आजीविका सृजन की दिशा में बड़ा कदम
कोरबा में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) शासी परिषद की बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर कुणाल दुदावत ने की, जबकि मुख्य उपस्थिति मंत्री लखनलाल देवांगन, सांसद ज्योत्सना महंत और अन्य जनप्रतिनिधियों की रही। बैठक में बताया गया कि डीएमएफ कोरबा जिले के विकास का प्रमुख आधार बन चुका है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर कार्य हो रहे हैं। मंत्री ने सभी कार्यों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।
भाजपा
लोखान में सुशासन तिहार के दौरान सीएम का श्रमिकों के बीच भोजन सहभागिता
कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने निर्माणाधीन पंचायत भवन का औचक निरीक्षण किया और श्रमिकों के बीच पहुंचकर उनके साथ आत्मीय संवाद किया। महिला श्रमिकों के आमंत्रण पर उन्होंने पारंपरिक भोजन (बोरे बासी, भाजी, आमा चटनी आदि) उनके साथ जमीन पर बैठकर ग्रहण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्रमिकों से सरकारी योजनाओं जैसे महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में फीडबैक लिया तथा गांव की पेयजल समस्या को गंभीरता से सुना। कलेक्टर द्वारा 26 गांवों के लिए तैयार पेयजल योजना की जानकारी दिए जाने पर मुख्यमंत्री ने इसे शीघ्र स्वीकृति देकर लागू करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को जल्द राहत मिल सके।
छत्तीसगढ़
मैराथन समीक्षा बैठक : पेयजल, अवैध निर्माण और पीएम आवास पर सख्ती
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने प्रदेश के नगर निगमों और नगर पालिकाओं की व्यापक समीक्षा बैठक ली। उन्होंने पेयजल आपूर्ति में लगातार शिकायतों, अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर सख्त नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। धमतरी की पेयजल योजना में देरी पर अधिकारी को निलंबित करने और ठेकेदार पर पेनाल्टी लगाने के आदेश भी दिए गए। उन्होंने सभी निकायों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य करने, नालों की सफाई 31 मई तक पूरी करने और बरसात में जलभराव रोकने के लिए तैयारी करने को कहा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपूर्ण आवासों को सितंबर 2026 तक पूरा करने और नए स्वीकृत आवासों का काम तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा पीएम स्वनिधि, स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और अन्य शहरी विकास योजनाओं की भी समीक्षा की गई। बैठक में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई और जवाबदेही तय करने पर जोर दिया गया।
छत्तीसगढ़
सुशासन तिहार: 30 अप्रैल तक लंबित प्रकरणों के त्वरित निपटारे के निर्देश, 1 मई से 10 जून तक लगेंगे जनसमस्या निवारण शिविर
छत्तीसगढ़ में “सुशासन तिहार 2026” के तहत आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। कलेक्टर ने अधिकारियों को 30 अप्रैल 2026 तक सभी लंबित मामलों—जैसे भूमि विवाद, मनरेगा भुगतान, प्रमाण पत्र, बिजली व पेयजल समस्याएं तथा विभिन्न योजनाओं के लाभ—का प्राथमिकता से निपटारा करने के निर्देश दिए हैं। 1 मई से 10 जून 2026 तक पंचायत और वार्ड स्तर पर जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित होंगे, जहां आवेदन लिए जाएंगे और अधिकतम एक माह में उनका समाधान किया जाएगा। अभियान के दौरान सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर विशेष जोर रहेगा तथा वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि शिविरों का निरीक्षण करेंगे।