"ब्लड शुगर" के लिए 31 परिणाम मिले
राज्य सरकार
Ambedkar Hospital Raipur: बिहार से रायपुर पहुंची 48 वर्षीय महिला की जटिल बाईपास सर्जरी सफल
Ambedkar Hospital Raipur: बिहार के मधुबनी जिले की 48 वर्षीय महिला की सफल कोरोनरी आर्टरी बाईपास सर्जरी (CABG) की गई। मरीज के हृदय की तीनों प्रमुख धमनियों में गंभीर ब्लॉकेज था और पंपिंग क्षमता करीब 40 प्रतिशत थी। साथ ही भर्ती के समय ब्लड शुगर 500 mg/dL से अधिक था, जिसे पहले नियंत्रित किया गया। डॉ. कृष्णकांत साहू और उनकी टीम ने Beating Heart CABG तकनीक से सर्जरी की।
सेहत
Diabetes Risk: परिवार में डायबिटीज है तो कितना खतरा? जानें लक्षण और बचाव के तरीके
Diabetes Risk: परिवार में डायबिटीज होने से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है। समय पर जांच, स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रित रखकर इसके जोखिम को कम किया जा सकता है।
सेहत
सिर्फ 5-10% वजन कम करने से फैटी लिवर और डायबिटीज में मिल सकता है फायदा
फैटी लिवर और टाइप-2 डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए वजन कम करना फायदेमंद हो सकता है। शरीर के कुल वजन का 5 से 10 प्रतिशत कम करने से लिवर में जमा वसा घटने, इंसुलिन रेजिस्टेंस में सुधार और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। विशेषज्ञ संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और चिकित्सकीय सलाह के साथ धीरे-धीरे वजन घटाने की सलाह देते हैं।
सेहत
मोतियाबिंद : देखभाल में बरतें सावधानी, बढ़ती उम्र में आंखों की सेहत का रखें खास ख्याल
मोतियाबिंद अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं है। डायबिटीज, धूम्रपान, प्रदूषण, ज्यादा स्क्रीन टाइम और खराब जीवनशैली के कारण कम उम्र में भी इसका खतरा बढ़ रहा है। स्वस्थ आदतें जैसे यूवी किरणों से बचाव, संतुलित आहार, ब्लड शुगर नियंत्रण, धूम्रपान से दूरी और नियमित आंखों की जांच से मोतियाबिंद की बढ़ती रफ्तार को कम किया जा सकता है। हालांकि, गंभीर स्थिति में सर्जरी ही इसका प्रभावी इलाज है।
सेहत
कौन है ज्यादा फायदेमंद : फैट लॉस जर्नी में दलिया या ओट्स? जानिए एक्सपर्ट की राय
वजन घटाने के लिए दलिया और ओट्स दोनों ही हेल्दी विकल्प माने जाते हैं। दोनों में फाइबर और पोषक तत्व भरपूर होते हैं, जो लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करते हैं। ओट्स में मौजूद बीटा-ग्लूकन फाइबर भूख नियंत्रित करने और ब्लड शुगर संतुलित रखने में मदद कर सकता है, जबकि दलिया पारंपरिक भारतीय डाइट का पौष्टिक हिस्सा है। जानिए डाइटिशियन के अनुसार वेट लॉस के लिए दलिया और ओट्स में कौन बेहतर विकल्प है।
सेहत
संकेत : रात की नींद खराब कर रही बार-बार पेशाब की आदत, इन कारणों को न करें नजरअंदाज
रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना (Nocturia) कई बार सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी रहे तो यह डायबिटीज, ओवरएक्टिव ब्लैडर, स्लीप एपनिया, किडनी या हार्ट से जुड़ी समस्याओं का संकेत हो सकती है। उम्र बढ़ने, ज्यादा तरल पदार्थ लेने या कुछ दवाओं के कारण भी रात में पेशाब बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार बार-बार नींद टूटने से थकान और स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
महासमुंद
स्वास्थ्य शिविर : महासमुंद में बस चालकों-परिचालकों के लिए लगा हेल्थ कैंप, 98 की हुई जांच
महासमुंद बस स्टैंड में परिवहन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और यातायात पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में बस चालकों एवं परिचालकों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 98 चालक-परिचालकों का बीपी, शुगर और नेत्र परीक्षण सहित आवश्यक स्वास्थ्य जांच की गई। साथ ही सड़क सुरक्षा नियमों के पालन, नशामुक्त वाहन संचालन, नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक किया गया।
सेहत
ब्रेन हेल्थ : स्वस्थ दिमाग ही स्वस्थ जीवन की असली नींव, जानें ब्रेन हेल्थ से जुड़ी जरूरी बातें
हर साल 22 जुलाई को वर्ल्ड ब्रेन डे मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य लोगों को दिमागी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। दुनिया में 3.4 अरब से अधिक लोग न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से प्रभावित हैं, इसलिए ब्रेन हेल्थ पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। इस दिन लोगों को स्वस्थ जीवनशैली, सही खानपान, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और समय पर इलाज के जरिए दिमाग को स्वस्थ रखने का संदेश दिया जाता है।
राष्ट्रीय
सोनम वांगचुक हेल्थ अपडेट : सफदरजंग अस्पताल ने जारी किया नया मेडिकल बुलेटिन
सफदरजंग अस्पताल ने सोनम वांगचुक का नया हेल्थ बुलेटिन जारी किया है। डॉक्टरों के मुताबिक उनका ब्लड शुगर और पोटैशियम स्तर कम है, लेकिन वे ग्लूकोज लेने से मना कर रहे हैं।
सेहत
Healthy Lifestyle: रात की ये छोटी लापरवाहियां बना सकती हैं मोटापा और थकान की वजह
सिर्फ हेल्दी डाइट और रोजाना व्यायाम ही अच्छी सेहत की गारंटी नहीं हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार रात की खराब आदतें जैसे देर रात भारी भोजन करना, मोबाइल-टीवी का ज्यादा इस्तेमाल, अनियमित समय पर सोना और कैफीन का सेवन शरीर की रिकवरी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। इससे थकान, वजन बढ़ना, पाचन संबंधी समस्याएं और खराब नींद जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
सेहत
भोजन का सही समय : सेहत से गहरा संबंध, भोजन से सुधर सकता है डायबिटीज नियंत्रण
रिसर्च में पाया गया है कि भोजन का समय शरीर के मेटाबॉलिज्म, ब्लड शुगर और हार्मोन संतुलन को प्रभावित करता है। शरीर की जैविक घड़ी के अनुसार भोजन करने से मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है, जबकि अनियमित या देर रात भोजन स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
सेहत
गजब की खोज : रोजाना सिर्फ 20 मिनट की यह आदत बदल देगी आपकी सेहत, दिल की बीमारियों का खतरा होगा आधा
एक नई ग्लोबल हेल्थ रिपोर्ट के अनुसार, रोजाना केवल 20 से 25 मिनट की तेज वॉक या हल्की शारीरिक गतिविधि करने से दिल की बीमारियों और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा 40% से 50% तक कम हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक बैठे रहना स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन रहा है।