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विदेश
राफेल ने रचा इतिहास : नाटो एयरस्पेस में मार गिराया दुश्मन का ड्रोन, भारत के लिए क्यों है यह गेम-चेंजर?
लातविया के हवाई क्षेत्र में नाटो के एयर पुलिसिंग मिशन पर तैनात एक फ्रांसीसी राफेल लड़ाकू विमान ने घुसपैठ करने वाले एक ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया। इस घटना को आधुनिक हवाई युद्ध में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि ड्रोन ऐसे क्षेत्र में उड़ रहा था जहां भारी इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर गतिविधियां चल रही थीं।
विदेश
महासंग्राम : रूस के Su-57 फेलन पर पुतिन का भारत को खुला ऑफर, क्या अमेरिका का F-35 पड़ेगा भारी?
एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती सैन्य प्रतिस्पर्धा के बीच रूस ने भारत को अपने पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर Su-57 Felon कार्यक्रम में शामिल होने का प्रस्ताव दिया है। चीन के J-35A और पाकिस्तान को संभावित स्टील्थ फाइटर मिलने की आशंका के बीच भारत भी अपनी वायु शक्ति मजबूत करने के विकल्पों पर विचार कर रहा है।
विदेश
रूसी का चेकमेट : सुखोई Su-75 स्टील्थ फाइटर का प्रोटोटाइप तैयार, क्या भारत बनेगा इसका गेम-चेंजर पार्टनर?
रूस ने अपने दूसरे पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान Su-75 Checkmate के पहले फ्लाइंग प्रोटोटाइप के निर्माण की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। वर्ष 2021 में पहली बार पेश किए गए इस विमान की परियोजना लंबे समय से देरी का सामना कर रही थी, लेकिन अब इसके पुर्जों और एडवांस सेंसरों का परीक्षण शुरू हो चुका है।
रक्षा
भारत की नई ताकत : लद्दाख की चोटियों पर मेड इन इंडिया का दम, मिनटों में सेना तक सामान
अहमदाबाद स्थित ड्रोन स्टार्टअप Bajrang UAV Private Limited ने लद्दाख के शिंकुला टॉप पर अपने स्वदेशी हैवी-लिफ्ट ड्रोन PX4P2300 का सफल परीक्षण कर भारतीय रक्षा क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। इस ड्रोन ने 16,400 फीट की ऊंचाई पर 30 किलोग्राम पेलोड उठाकर कठिन मौसम और पतली हवा में स्थिर उड़ान भरी।
विदेश
भारत : राफेल डील से वैश्विक रक्षा बाजार में हलचल
भारत और फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों की संभावित डील वैश्विक रक्षा जगत में चर्चा का विषय बन गई है। इस डील के तहत 90 विमानों का निर्माण भारत में हो सकता है। वहीं यूक्रेन, जो खुद राफेल जेट खरीदने की योजना बना रहा है, अब फंडिंग और सप्लाई को लेकर चिंतित दिखाई दे रहा है।
रक्षा
मॉस्को का महा-ऑफर : चीन की चुनौती और ड्रोन युग के बीच भारत के 3600 टैंकों को अजेय बनाएगा रूस
भारत के T-72 ‘अजेय’ और T-90 ‘भीष्म’ टैंकों को आधुनिक युद्ध की चुनौतियों, खासकर ड्रोन और एंटी-टैंक मिसाइलों से बचाने के लिए रूस ने बड़ा रक्षा सहयोग प्रस्ताव दिया है। Uralvagonzavod ने भारतीय टैंकों में ड्रोन-रोधी सुरक्षा, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और आधुनिक फायर कंट्रोल तकनीक जोड़ने की पेशकश की है।
रक्षा
भारत : आर्मेनिया की नजर भारत की ‘प्रलय’ मिसाइल पर, रक्षा साझेदारी को मिल सकती है नई ताकत
दक्षिण कॉकस क्षेत्र में बदलते सामरिक हालात के बीच आर्मेनिया भारत के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक आर्मेनिया भारत की अत्याधुनिक ‘प्रलय’ बैलिस्टिक मिसाइल, Akash-NG एयर डिफेंस सिस्टम और Su-30SM लड़ाकू विमानों के अपग्रेड को लेकर बातचीत कर रहा है। अजरबैजान संघर्ष के बाद रूसी हथियारों पर भरोसा कम होने से आर्मेनिया अब भारतीय रक्षा तकनीक को अधिक विश्वसनीय मान रहा है। विशेषज्ञ इसे भारत की रक्षा कूटनीति और वैश्विक रक्षा निर्यात के लिए बड़ा अवसर मान रहे हैं।
विदेश
रक्षा समझौता : भारत और दक्षिण कोरिया के बीच बढ़े रक्षा संबंध, इंडो-पैसिफिक में नए समीकरण
भारत और दक्षिण कोरिया के बीच रक्षा साझेदारी तेजी से मजबूत हो रही है। राजनाथ सिंह के हालिया सियोल दौरे में दोनों देशों ने रक्षा तकनीक, सैन्य सहयोग और इंडो-पैसिफिक सुरक्षा पर अहम चर्चा की। विशेषज्ञ इसे चीन की बढ़ती आक्रामकता और बदलते एशियाई रणनीतिक समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं।
विदेश
भारतीय सैटेलाइट : स्वदेशी हथियारों से लैस होगा राफेल F4+, बढ़ेगी IAF की ताकत
भारत और फ्रांस के बीच राफेल F4 और F4+ लड़ाकू विमानों को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत चल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत के लिए तैयार किया जा रहा Rafale F4+ भारतीय जरूरतों के अनुसार गहराई से कस्टमाइज होगा। इसमें भारतीय मिसाइलें, सैटेलाइट नेटवर्क, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और स्वदेशी कम्युनिकेशन तकनीक को जोड़ा जाएगा। यह फाइटर जेट खासतौर पर हिमालयी मिशन और स्टील्थ फाइटर्स से मुकाबले को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञ इसे भारतीय वायुसेना की भविष्य की युद्ध क्षमता और रक्षा आत्मनिर्भरता के लिए बड़ा कदम मान रहे हैं।
विदेश
भारत-दक्षिण कोरिया : रक्षा साझेदारी का नया अध्याय, अगली पीढ़ी के हथियारों पर साथ काम करेंगे दोनों देश
भारत और दक्षिण कोरिया ने रक्षा सहयोग को नई रणनीतिक दिशा देने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। रक्षा मंत्री Rajnath Singh के सियोल दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच लेजर हथियार, गाइडेड एनर्जी वेपन्स, मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम और एडवांस सैन्य तकनीकों के संयुक्त विकास व उत्पादन को लेकर महत्वपूर्ण समझौते हुए। विशेषज्ञ इसे भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सामरिक राजनीति के लिहाज से बेहद अहम मान रहे हैं।
विदेश
ब्रह्मोस : चीन की बढ़ेगी टेंशन, वियतनाम करेगा तैनाती
Vietnam भारत से BrahMos missile खरीदने की तैयारी कर रहा है, जिससे दक्षिण चीन सागर में China की चिंता बढ़ सकती है। ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है, जिसे भारत और रूस ने मिलकर विकसित किया है। इसकी तेज गति, सटीक निशाना और दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने की क्षमता इसे बेहद खतरनाक बनाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वियतनाम इन मिसाइलों को अपने तटीय इलाकों में तैनात करता है, तो चीन की नौसैनिक गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ सकता है। भारत के लिए यह सौदा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक ताकत बढ़ाने और रक्षा निर्यात मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।