"विशेष पिछड़ी जनजाति" के लिए 22 परिणाम मिले
रायपुर
जनजाति : दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए
राज्यपाल ने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने, दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में अधोसंरचना विकसित करने, छात्रावास सुविधाओं और शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उनका उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों का सर्वांगीण विकास और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है।
राज्य सरकार
विकास की नई सौगात : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जन चौपाल में की बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम गारपा में सुशासन तिहार के तहत आयोजित जन चौपाल में ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने क्षेत्र में नक्सल प्रभाव के बाद अब तेजी से हो रहे विकास कार्यों पर जोर देते हुए सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की प्रतिबद्धता दोहराई।
राज्य सरकार
तैराकी में छलांग : पेण्ड्रा के तरणताल में गूंज रहा आत्मविश्वास, राष्ट्रीय प्रशिक्षकों से मिल रहा आधुनिक प्रशिक्षण
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के पेण्ड्रा तरणताल में आयोजित ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर बैगा समुदाय के बच्चों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आया है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस शिविर में विशेष पिछड़ी जनजाति के बच्चों को तैराकी का आधुनिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
आदिवासी क्षेत्रों में विकास : पहाड़ी कोरवा परिवारों के द्वार पहुंचा सुशासन, शिविरों में मिली कई सुविधाएं
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिला में “सबसे दूर सबसे पहले” अभियान के तहत जनजातीय गरिमा उत्सव शिविरों का आयोजन कर दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। पतरापारा और बराहनगर में आयोजित शिविरों में स्वास्थ्य जांच, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, प्रमाण पत्र, पेंशन, श्रम कार्ड और कृषि सेवाएं प्रदान की गईं।
समीक्षा बैठक : जशपुर में महिला सशक्तिकरण और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
जशपुर में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में वित्त मंत्री एवं प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी ने अधिकारियों को विकास कार्य समय-सीमा में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। शिलापट्ट स्थापना में अनदेखी पर कार्रवाई की चेतावनी देते हुए महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार, फलोत्पादन और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। बैठक में मेडिकल कॉलेज, नालंदा परिसर, तीरंदाजी केंद्र और अन्य प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई।
अंबिकापुर (सरगुजा)
काल बनी रफ्तार : दो भीषण सड़क हादसों में 6 की मौत, 100 मीटर घसीटकर भागा ट्रैक्टर चालक
छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में रविवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। बलरामपुर जिले के सनावल क्षेत्र में ईंट से लदे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक सवार चार पंडो युवकों को कुचल दिया। आरोप है कि चालक घायलों को घसीटते हुए फरार हो गया और साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई।
रायपुर संभाग
मानवता की मिसाल : विधायक रोहित साहू ने मासूम युवराज को दिलाया बेहतर इलाज
गरियाबंद जिले के बेहराडीह गांव निवासी विशेष पिछड़ी कमार जनजाति के तीन वर्षीय मासूम युवराज नेताम जन्मजात गंभीर बीमारी एनोरेक्टल मालफॉर्मेशन से पीड़ित है। आर्थिक तंगी के कारण परिवार पिछले तीन वर्षों से इलाज के लिए भटक रहा था। मामला सामने आने पर राजिम विधायक रोहित साहू ने तत्काल पहल करते हुए बच्चे को रायपुर के डीकेएस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया।
रायपुर
वायरल वीडियो पर प्रशासन का स्पष्टीकरण : उड़ीसा में रहने के कारण सर्वे से बाहर था परिवार, अब पीएम जनमन योजना से मिलेगा आवास
गरियाबंद में वायरल वीडियो पर प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विशेष पिछड़ी जनजाति का परिवार पहले उड़ीसा में रहने के कारण आवास सर्वे में शामिल नहीं हो पाया था। अब पीएम जनमन योजना के तहत उनका पुनः सर्वे कर लिया गया है और जल्द आवास स्वीकृत किया जाएगा। प्रशासन ने बताया कि जिले में 33 हजार से अधिक आवास स्वीकृत हो चुके हैं और छूटे हुए सभी पात्र परिवारों को दोबारा सर्वे कर योजना से जोड़ा जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के दुर्गम वनांचलों में मोबाइल मेडिकल यूनिट बनी वरदान, 3.5 महीनों में 2035 ग्रामीणों को मिला घर के पास इलाज
छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचलों और विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 15 जनवरी 2026 से शुरू हुई इस सेवा ने पिछले साढ़े तीन महीनों में लगभग 2035 लोगों को उनके ही गांवों में निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इस चलते-फिरते अस्पताल में डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन और नर्स की टीम बीपी, शुगर, मलेरिया और हीमोग्लोबिन जैसी जांचें मौके पर ही करती है और मुफ्त दवाइयां भी देती है। पहले जहां ग्रामीणों को इलाज के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था, अब उन्हें गांव में ही सुविधा मिल रही है।
छत्तीसगढ़
कमार जनजाति के 940 परिवारों का डिजिटल सर्वे अभियान तेज, 30 अप्रैल 2026 तक लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश
जिले में कमार विशेष पिछड़ी जनजाति के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए डिजिटल सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 76 PVTG गांवों में निवासरत 940 परिवारों (कुल 3306 जनसंख्या) का शत-प्रतिशत ऑनलाइन दस्तावेजीकरण किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों तक सरकारी योजनाओं का सही लाभ पहुंचाना और स्वास्थ्य, शिक्षा व बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का आकलन करना है।