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जशपुर
हादसा : मकान की मरम्मत के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से युवक की मौत
छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक के बाद बिजली से जुड़े हादसों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बारिश के मौसम में गीले वातावरण और खुले बिजली तारों के कारण जरा-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो रही है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से करंट लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
राज्य सरकार
कच्चे मकान से पक्के घर तक : सरकारी योजनाओं का मिला सहारा, सरिता बैगा के परिवार को मिला नया जीवन
सरिता बैगा के परिवार को प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से पक्का घर और महतारी वंदन योजना से नियमित आर्थिक सहायता मिली है। इन योजनाओं के लाभ से परिवार को सुरक्षित आवास, आर्थिक संबल और सम्मानजनक जीवन का आधार मिला है, जिससे उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़
बारिश बनी आफत : चुरेला पुल पर तेज़ बहाव के बीच जारी आवागमन, हादसे का बढ़ा खतरा
सारंगढ़-सरसीवा मार्ग पर ग्राम चुरेला के पास एनएच-130बी का पुल तेज़ बहाव वाले पानी में डूबा हुआ है। इसके बावजूद वाहन चालक जोखिम उठाकर पुल पार कर रहे हैं। ग्रामीणों ने हर साल बनने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान करते हुए ऊंचा और चौड़ा नया पुल बनाने की मांग की है।
दुर्ग
पहली ही बारिश में डूबा भिलाई : जलभराव ने खोली निगम की तैयारियों की पोल, लोग हुए परेशान
भिलाई में 181 मिमी की भारी बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। नालियां जाम होने से सड़कों और घरों में पानी घुस गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। पहली ही बारिश में नगर निगम की मानसून तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं, जबकि मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक और बारिश की संभावना जताई है।
कोंडागांव
देशी मशरूम बना मुसीबत : फूड पॉइजनिंग से एक परिवार के 8 सदस्य अस्पताल पहुंचे
कोंडागांव जिले के पलारी गांव में देशी मशरूम (फूटू) की सब्जी खाने के बाद एक परिवार के आठ लोगों समेत पड़ोसी परिवार के कुछ सदस्य फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। सभी का जिला अस्पताल में इलाज जारी है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है।
बलौदाबाज़ार
बाढ़ का खतरा : तुरतुरिया मंदिर में फंसे 250 श्रद्धालु, उफनती नदी के बीच पुलिस ने किया सफल रेस्क्यू
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के तुरतुरिया मंदिर में रविवार को अचानक आई बाढ़ के कारण करीब 250 श्रद्धालु फंस गए। तेज बारिश से बालमदेही नदी उफान पर आने के बाद पुलिस ने तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद नगर सेना की देरी को लेकर स्थानीय लोगों ने नाराजगी भी जताई।
रायपुर
लगातार दो दिनों की झमाझम बारिश : कहीं किसानों के चेहरे खिले, तो कहीं आम जनजीवन बेपटरी
रायपुर, महासमुंद और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही बारिश से किसानों को खेती के लिए बड़ी राहत मिली है। वहीं शहरों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और बिजली कटौती जैसी समस्याओं ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने अगले 3 से 4 दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
राष्ट्रीय
आसमानी आफत : भारी बारिश के बीच घाट सेक्शन में लैंडस्लाइड, मुंबई-पुणे रेल रूट ठप, कई ट्रेनें रद्द
मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर भारी बारिश के कारण हुए दो भूस्खलनों से रेलवे की तीनों लाइनें बाधित हो गई हैं। कई प्रमुख ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं, जबकि 9 लंबी दूरी की ट्रेनों के रूट बदले गए हैं। रेलवे यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन का स्टेटस जांचने की अपील कर रहा है।
राष्ट्रीय
बारिश बनी आफत : मुंबई में पेड़ गिरने से 63 वर्षीय व्यक्ति की मौत, पुणे में दीवार गिरी
महाराष्ट्र में मानसून की भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते मुंबई और पुणे में कई जगह हादसों की खबरें सामने आई हैं। मुंबई के कुर्ला इलाके में रविवार को एक पेड़ गिरने से 63 वर्षीय व्यक्ति की जान चली गई। वहीं पुणे में एक दीवार ढहने से दो मजदूर घायल हो गए हैं।
राष्ट्रीय
समंदर के सिकंदर : उफनती लहरों के बीच भारतीय तटरक्षक बल ने बचाई देश की वैज्ञानिक आंख
भारतीय तटरक्षक बल ने बंगाल की खाड़ी में अपनी तय जगह से 150 किलोमीटर दूर बह गए वैज्ञानिक डेटा बॉय को सफलतापूर्वक सुरक्षित बरामद किया। यह उपकरण मौसम पूर्वानुमान, समुद्री अनुसंधान और आपदा प्रबंधन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे पहले तटरक्षक बल ने 90 मिनट के रेस्क्यू ऑपरेशन में छह मछुआरों की जान भी बचाई थी।
राष्ट्रीय
बारिश की तबाही : जनजीवन बेहाल, कई राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा
मॉनसून अब देश के लगभग सभी राज्यों में अपनी दस्तक दे चुका है। राजस्थान और गुजरात के कुछ ही हिस्से ऐसे बचे हैं जहां पानी नहीं बरसा है। हालांकि मॉनसून के पूरी तरह पहुंचने से पहले ही गुजरात के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। सड़कों पर कई फीट पानी जमा होने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
राष्ट्रीय
मानसून का रौद्र रूप : किन्नौर में बाढ़ से थमी ज़िंदगी, तीन दिन में 16 करोड़ स्वाहा, अब तक 14 की मौत
हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआत के साथ ही भारी तबाही देखने को मिल रही है। किन्नौर में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन से NH-5 घंटों बंद रहा, जबकि रिब्बा-कंडे मार्ग भी मलबे के कारण ठप हो गया। पिछले तीन दिनों में राज्य को करीब 16 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और 14 लोगों की मौत हो चुकी है। फिलहाल 49 सड़कें और 3 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं।