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जगदलपुर (बस्तर)
बाघ की आहट : बस्तर के दरभा में वन्यजीव की हलचल, बाघ होने की आशंका पर अलर्ट जारी
बस्तर के दरभा क्षेत्र के कुरंदी गांव में बड़े आकार के ताजा पगमार्क मिलने के बाद वन विभाग ने अलर्ट जारी किया है। करीब 10 साल बाद क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी की आशंका जताई जा रही है। ट्रैप कैमरों और वैज्ञानिक जांच के जरिए पगमार्क की पुष्टि की जा रही है, जबकि ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
राज्य सरकार
आत्मनिर्भर : महासमुंद के किसानों को मिले उन्नत बीज, वैज्ञानिकों ने सिखाए खेती के नए तरीके
कृषि विज्ञान केन्द्र महासमुंद ने आत्मनिर्भर दलहन मिशन योजना के तहत किसानों को अरहर, उड़द और मूंगफली के उन्नत बीज वितरित किए। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने फसल विविधीकरण, बीज उपचार, मृदा परीक्षण, जैव उर्वरक और आधुनिक खेती की तकनीकों की जानकारी देकर किसानों को आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
रायगढ़
मौत से जीती जंग : सांप के जहर से लड़कर जीते 5 मासूम, रायगढ़ मेडिकल कॉलेज की टीम ने बचाई जान
रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में करैत, कोबरा और रसेल वाइपर के डंस से गंभीर हुए पांच बच्चों का सफल इलाज किया गया। समय पर एंटी-स्नेक वेनम, पीआईसीयू और वेंटिलेटर सुविधा मिलने से सभी बच्चों की जान बच गई और उन्हें स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
धर्म
पहली बार कांवड़ यात्रा में शामिल हो रहे हैं तो जान लें जरूरी नियम और सावधानियां
कांवड़ यात्रा 2026 में पहली बार शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए सही तैयारी और नियमों की जानकारी बेहद जरूरी है। यात्रा 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि के दिन जलाभिषेक के साथ समाप्त होगी। इस दौरान श्रद्धालुओं को सात्विक भोजन, स्वच्छता, संयम और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
राष्ट्रीय
बरसात बनी मुसीबत: मुरैना में कीचड़ से होकर निकली अंतिम यात्रा, श्मशान तक सड़क नहीं
मुरैना के ग्राम गड़ुआ जाटव का पुरा में बारिश के कारण श्मशान तक जाने का रास्ता कीचड़ और जलभराव से भर गया। अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों को शव कंधों पर उठाकर दुर्गम रास्ते से गुजरना पड़ा। ग्रामीणों ने श्मशान घाट और पक्की सड़क के निर्माण की मांग करते हुए विकास के दावों पर सवाल उठाए।
राज्य सरकार
कृषि विभाग : किसानों को धान की जगह दलहन खेती करने की सलाह
कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र, महासमुंद ने किसानों से खरीफ मौसम में धान के स्थान पर उपयुक्त क्षेत्रों में दलहन फसलों की खेती बढ़ाने की अपील की है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे उत्पादन लागत कम होगी, मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी और किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ मिलेगा।
कोरबा
बारिश का कहर : हसदेव नदी उफान पर, दर्री बांध का गेट खुलते ही प्रशासन अलर्ट
छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश से कोरबा जिले में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। हसदेव नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि बढ़ते जलस्तर के कारण दर्री बांध का गेट खोल दिया गया है। प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
यात्रा
वृंदावन : बांके बिहारी की नगरी में आत्मिक शांति की तलाश, इन मंदिरों के बिना अधूरी है आपकी यात्रा
अगर आप वृंदावन की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो बांके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर, इस्कॉन मंदिर, राधा रमण मंदिर, निधिवन और रंगनाथ जी मंदिर को अपनी सूची में जरूर शामिल करें। ये सभी स्थल आस्था, इतिहास और आध्यात्मिक अनुभव के लिए प्रसिद्ध हैं।
राष्ट्रीय
लैंडस्लाइड : वायनाड में निर्माण स्थल पर भूस्खलन, मलबे में दबे कई लोग, 1 की मौत
लगातार बारिश के बीच सुरंग परियोजना के निर्माण स्थल पर हादसा। राहत और बचाव अभियान जारी, लापता लोगों की तलाश तेज।
राज्य सरकार
कृषि-वनीकरण : अबूझमाड़ में कॉफी आधारित एग्रोफॉरेस्ट्री मॉडल पर काम, किसानों को मिलेगी नई आजीविका
छत्तीसगढ़ सरकार ने अबूझमाड़ में कॉफी की वैज्ञानिक खेती की संभावनाओं का अध्ययन शुरू किया है। भारतीय कॉफी बोर्ड और जिला प्रशासन मिलकर इस परियोजना पर काम कर रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। भविष्य में कुछ क्षेत्रों में चाय की खेती की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा।
राष्ट्रीय
बाढ़ से तबाही : डोडा में बारिश के बाद अचानक बाढ़, थथरी में जनजीवन अस्त-व्यस्त
जम्मू-कश्मीर के थथरी इलाके में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात। राहत और सफाई अभियान शुरू, नुकसान का आकलन जारी
राष्ट्रीय
खदान में गिरी गेंद बनी काल : पल भर में छिनी खुशिया एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत
जगनियापुरा गांव में सोमवार शाम एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। खेलते-खेलते पानी से भरी स्टोन क्रेशर की खदान के पास पहुंचे दो मासूम भाई-बहन देखते ही देखते गहरे पानी में समा गए। उनकी चीख सुनकर उन्हें बचाने के लिए दौड़ी बुआ ने भी बिना अपनी जान की परवाह किए खदान में छलांग लगा दी, लेकिन वह भी बाहर नहीं निकल सकीं।