फुकेट-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट में तेज झटके, डोप टेस्ट रिपोर्ट को लेकर उठे सवाल, DGCA कर रहा जांच
Air India की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट AI2379 में टर्बुलेंस के दौरान विमान करीब 300 फीट नीचे गिर गया था। हादसे के बाद एक पायलट के डोप टेस्ट पॉजिटिव होने का दावा सामने आया है, हालांकि एयरलाइन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। DGCA पूरे मामले की जांच कर रहा है।
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कीर्तिमान न्यूज
09 Aug 2026, 02:53 PM
नई दिल्ली
4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 में हवा में अचानक आए भीषण टर्बुलेंस (तेज झटकों) ने यात्रियों की सांसें अटका दीं। उड़ान के दौरान प्लेन अचानक करीब 300 फीट नीचे की ओर गिर गया, जिससे केबिन के भीतर चीख-पुकार मच गई। इस घटना में कई यात्री और क्रू मेंबर्स घायल हो गए। हालांकि, पायलटों ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंड करा लिया। अब इस मामले में नया मोड़ सामने आ रहा है।
एयर इंडिया ने नहीं की पुष्टि
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि घटना के बाद प्रोटोकॉल के तहत कराए गए डोप टेस्ट में एक पायलट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस खबर के बाहर आते ही विमान सेवा की सुरक्षा और पायलटों की फिटनेस को लेकर नए सिरे से सवाल उठने लगे हैं। पायलट के डोप टेस्ट पॉजिटिव आने के दावों पर एयर इंडिया ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
रिपोर्ट से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सहीं नहीं
एयरलाइन के प्रवक्ता का कहना है कि नियमों के तहत घटना के बाद क्रू का मेडिकल टेस्ट कराया गया था, लेकिन इसकी आधिकारिक रिपोर्ट अभी एयरलाइन को नहीं मिली है। एयर इंडिया ने यह भी साफ किया कि उनके यहां क्रू मेंबर्स का डोप और अल्कोहल टेस्ट एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसे समय-समय पर अंजाम दिया जाता है। इसलिए किसी अंतिम रिपोर्ट के आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा।
एयर इंडिया फ्लाइट में घायल यात्री यात्री उछलकर ओवरहेड बिन्स से टकराए
इस भयावह अनुभव की आपबीती बताते हुए एक यात्री ने डीजीसीए (DGCA) के 'एयरसेवा' पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक, फ्लाइट अचानक इतनी तेजी से नीचे गिरी कि कई यात्री अपनी सीटों से उछलकर ऊपर ओवरहेड बिन्स (सामान रखने की जगह) से जा टकराए। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू के अनुसार, दिल्ली लैंडिंग के तुरंत बाद करीब 24 यात्रियों को प्राथमिक इलाज और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण अस्पताल ले जाया गया था। राहत की बात यह रही कि प्राथमिक उपचार और जरूरी जांचों के बाद ज्यादातर यात्रियों को छुट्टी दे दी गई।
डीजीसीए ने संभाली जांच की कमान
विमानन नियामक DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने इस पूरी घटना की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है। जांच टीम मुख्य रूप से दो पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है:
क्या विमान के अचानक 300 फीट नीचे गिरने की वजह सिर्फ खराब मौसम और हवा का दबाव (टर्बुलेंस) था या कोई तकनीकी खराबी?
क्या उड़ान के दौरान सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों और प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया गया था?
जांच अधिकारियों का कहना है कि पायलटों की डोप और मेडिकल रिपोर्ट इस पूरे मामले में बेहद निर्णायक साबित होगी। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की असली वजह और लापरवाही के कारणों का खुलासा हो सकेगा।