Tuesday, 29 Sep 2026 भारत
ब्रेकिंग
Mining News: दुलना में चूना पत्थर खदानों की हैवी ब्लास्टिंग से घर-मंदिरों में दरार, खनिज विभाग ने DGMS को लिखा पत्र Surajpur Murder Case: मां-बेटी हत्याकांड के मुख्य आरोपी को 10 साल की सजा, कोर्ट से निकला तो मुस्कुराकर बोला- स्माइली वाला फोटो दिखाइएगा Road Accident: तेज रफ्तार कार मोबाइल शोरूम में घुसी, कांच का दरवाजा टूटा Raipur Crime News: होर्डिंग पोल से लटका मिला युवक का शव, जांच में जुटी पुलिस Road Accident: मजदूरों से भरी पिकअप पलटी, 14 घायल, सोयाबीन कटाई से लौट रहे थे सभी मजदूर Durg Drowning Case: नहाने गए युवक की डूबने से मौत, SDRF की टीम ने बाहर निकाला शव Mining News: दुलना में चूना पत्थर खदानों की हैवी ब्लास्टिंग से घर-मंदिरों में दरार, खनिज विभाग ने DGMS को लिखा पत्र Surajpur Murder Case: मां-बेटी हत्याकांड के मुख्य आरोपी को 10 साल की सजा, कोर्ट से निकला तो मुस्कुराकर बोला- स्माइली वाला फोटो दिखाइएगा Road Accident: तेज रफ्तार कार मोबाइल शोरूम में घुसी, कांच का दरवाजा टूटा Raipur Crime News: होर्डिंग पोल से लटका मिला युवक का शव, जांच में जुटी पुलिस Road Accident: मजदूरों से भरी पिकअप पलटी, 14 घायल, सोयाबीन कटाई से लौट रहे थे सभी मजदूर Durg Drowning Case: नहाने गए युवक की डूबने से मौत, SDRF की टीम ने बाहर निकाला शव
W 𝕏 f
होम › स्टार्टअप › कम बजट में स्टार्टअप : घर से शुरू करें अचार, पापड…
अचार, पापड़ और बड़ी का व्यवसाय
अचार, पापड़ और बड़ी का व्यवसाय
स्टार्टअप

कम बजट में स्टार्टअप : घर से शुरू करें अचार, पापड़ और बड़ी का कारोबार, मिलेगा बेहतर मुनाफा 

यदि घर में रसोई, जरूरी बर्तन और सामान सुखाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है तो अचार, पापड़ और बड़ी बनाने का व्यवसाय करीब 15 से 30 हजार रुपए में शुरू किया जा सकता है। शुरुआत में कच्ची सामग्री पर 5 से 8 हजार रुपए मसाले और खाद्य तेल पर 3 से 5 हजार रुपए पैकेट-बोतल पर 3 से 6 हजार रुपए तथा सीलिंग और वजन मशीन पर लगभग 3 से 5 हजार रुपए खर्च हो सकते हैं।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 12 Aug 2026, 06:52 PM · अपडेट: 23 Sep 2026, 07:36 PM
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
यदि घर में रसोई, जरूरी बर्तन और सामान सुखाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है तो अचार, पापड़ और बड़ी बनाने का व्यवसाय करीब 15 से 30 हजार रुपए में शुरू किया जा सकता है। शुरुआत में कच्ची सामग्री पर 5 से 8 हजार रुपए मसाले और खाद्य तेल पर 3 से 5 हजार रुपए पैकेट-बोतल पर 3 से 6 हजार रुपए तथा सीलिंग और वजन मशीन पर लगभग 3 से 5 हजार रुपए खर्च हो सकते हैं। इसके अलावा लेबल और प्रचार के लिए 2 से 3 हजार रुपए का बजट रखना होगा। नुकसान से बचने के लिए शुरुआत छोटे बैच से करना बेहतर रहेगा।

कौन-कौन से उत्पाद बनाएं

व्यवसाय की शुरुआत आम, नींबू, मिर्च, लहसुन या मिक्स अचार से की जा सकती है। इसके साथ उड़द, मूंग और चावल के पापड़ तथा विभिन्न दालों की बड़ी भी तैयार की जा सकती है। शुरुआत में एक साथ कई उत्पाद बनाने के बजाय दो या तीन ऐसे उत्पाद चुनें, जिनकी स्थानीय बाजार में अधिक मांग हो। ग्राहकों की पसंद के अनुसार कम तेल, अधिक तीखा, सामान्य स्वाद और बिना लहसुन-प्याज वाले विकल्प भी तैयार किए जा सकते हैं। 

कितनी हो सकती है कमाई

यदि उत्पादों की गुणवत्ता और बिक्री अच्छी रहती है तो हर महीने 60 से 80 हजार रुपए तक का कारोबार किया जा सकता है। कच्ची सामग्री, पैकिंग, परिवहन और अन्य खर्च निकालने के बाद लगभग 15 से 25 हजार रुपए तक की बचत होने की संभावना रहती है। त्योहारों, शादी के मौसम और विशेष आयोजनों के दौरान अचार, पापड़ और बड़ी की मांग बढ़ने से कमाई भी बढ़ सकती है। हालांकि, वास्तविक लाभ उत्पाद की लागत, बिक्री और बाजार की मांग पर निर्भर करेगा।

कहां बेच सकते हैं उत्पाद

तैयार उत्पादों को स्थानीय किराना दुकानों, सुपरमार्केट, साप्ताहिक बाजारों, मेलों और महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से बेचा जा सकता है। आसपास के परिवारों को छोटे नमूने देकर भी ग्राहक बनाए जा सकते हैं। व्हाट्सऐप पर उत्पादों की तस्वीरें और मूल्य सूची भेजकर घर से ऑर्डर लिए जा सकते हैं। कारोबार बढ़ने पर मजबूत पैकिंग के साथ ऑनलाइन माध्यम से दूसरे शहरों में भी उत्पाद भेजे जा सकते हैं। 

साफ-सफाई और पैकिंग का रखें ध्यान

खाद्य उत्पादों के व्यवसाय में स्वाद के साथ साफ-सफाई और गुणवत्ता का विशेष महत्व होता है। अचार, पापड़ और बड़ी तैयार करते समय साफ पानी, अच्छी कच्ची सामग्री और स्वच्छ बर्तनों का इस्तेमाल करना चाहिए। पैकिंग ऐसी होनी चाहिए, जिससे उत्पाद नमी, धूल और हवा से सुरक्षित रहें। पैकेट या बोतल पर उत्पाद का वजन, सामग्री, निर्माण तिथि, उपयोग की अवधि और संपर्क विवरण स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए।

FSSAI पंजीकरण और स्थानीय नियम जरूरी

खाद्य व्यवसाय शुरू करने से पहले लागू FSSAI पंजीकरण और स्थानीय नियमों की जानकारी लेना जरूरी है। छोटे स्तर पर घर से कारोबार शुरू करने वालों के लिए व्यवसाय के आकार और सालाना कारोबार के आधार पर पंजीकरण की श्रेणी तय होती है। सभी जरूरी अनुमतियां लेने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने से ग्राहकों का भरोसा बढ़ता है तथा भविष्य में व्यवसाय को बड़े स्तर पर ले जाने में आसानी होती है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? हमारी सुधार नीति देखें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें