"रोजगार सृजन" के लिए 28 परिणाम मिले
बीजापुर
अभियान : अंदरूनी इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की कमी उजागर, विधायक ने किया व्यापक दौरा
विधायक विक्रम मंडावी ने बीजापुर जिले के उसूर और गंगालूर विकासखंड के 33 अंदरूनी गांवों का चार दिवसीय दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी प्रमुख समस्याएं सुनीं, जिनमें स्कूल, अस्पताल, सड़क, पेयजल, बिजली, आंगनबाड़ी केंद्र और रोजगार की कमी शामिल रही। विधायक ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सभी मांगों को गंभीरता से लेकर सरकार तक पहुंचाया जाएगा और क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दुर्गम इलाकों में विकास की बड़ी जरूरत है और रोजगार सृजन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत : पीएलएफएस 2025 में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, बेरोजगारी घटी
पीएलएफएस 2025 के अनुसार छत्तीसगढ़ की बेरोजगारी दर घटकर 2.3% हो गई है, जो राष्ट्रीय औसत से कम है। यह सुधार राज्य की मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि-आधारित गतिविधियों, वनोपज खरीदी, स्व-सहायता समूहों, कौशल विकास और स्वरोजगार योजनाओं का परिणाम माना जा रहा है। नई औद्योगिक नीति और बढ़ते निवेश से रोजगार के नए अवसर भी बने
रायपुर
बड़ी पहल : AI स्किलिंग से युवाओं को मिलेगा वैश्विक रोजगार और तकनीकी प्रशिक्षण का अवसर
जिला प्रशासन धमतरी ने युवाओं को आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में दक्ष बनाने के लिए “AI Upskilling Course 2026” की शुरुआत की है। इसके तहत प्रवेश परीक्षा का आयोजन पी.जी. कॉलेज धमतरी में किया गया, जिसमें कुल 166 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस पहल के माध्यम से चयनित युवाओं को बेंगलुरु की प्रतिष्ठित संस्था Learnijoy Bangalore द्वारा AI Video Generation, Website Development, AI Agents, Automation Tools, Prompt Engineering जैसी उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सिल्क समग्र 2 योजना से रेशम उत्पादन को बढ़ावा, 21 किसानों को मिला लाभ
महासमुंद जिले में केंद्र प्रायोजित सिल्क समग्र 2 योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। योजना के तहत अब तक 21 किसानों का चयन कर शहतूत पौधरोपण कराया गया है। यह योजना 5 एकड़ से कम भूमि वाले छोटे एवं सीमांत किसानों को रेशम उत्पादन के जरिए अतिरिक्त आय का अवसर देती है, जिसमें प्रति वर्ष लगभग 1 से 1.5 लाख रुपये तक की शुद्ध आय संभव है। किसानों को पौधरोपण, सिंचाई, कृमि पालन गृह निर्माण और उपकरणों के लिए कुल 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी शामिल है।