"आजीविका मिशन" के लिए 43 परिणाम मिले
राज्य सरकार
मत्स्य पालन : ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बदलाव की कहानी, मछली पालन और खेती से उमा सिंह बनीं आत्मनिर्भर
उमा सिंह ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर खेती, मत्स्य पालन और छोटे व्यवसाय के माध्यम से आत्मनिर्भरता हासिल की। 85 हजार रुपये के सहयोग से शुरू किए गए कार्यों ने उन्हें “लखपति दीदी” की पहचान दिलाई। उनकी सफलता से ग्रामीण महिलाओं में स्वरोजगार के प्रति प्रेरणा और जागरूकता बढ़ी है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था : मुख्यमंत्री साय ने कहा- हर ग्रामीण परिवार को मिलेगा सम्मान और सुरक्षा का अधिकार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के तहत आरंग विकासखंड के ग्राम कोसरंगी पहुंचकर स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्रामीणों को पट्टे वितरित किए और उन्हें संपत्ति का वैधानिक अधिकार प्रदान किया। उन्होंने कहा कि इस योजना से ग्रामीणों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और बैंक ऋण व सरकारी योजनाओं का लाभ लेना आसान होगा।
आजीविका मॉडल : सेरीखेड़ी पहुंचे केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान, महिला समूहों के नवाचार की सराहना
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने रायपुर के सेरीखेड़ी स्थित मल्टी यूटिलिटी सेंटर का दौरा कर अजा परियोजना, पिंक दीदी ई-ऑटो सेवा और महिला स्व-सहायता समूहों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण आजीविका मॉडल को देशभर के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
जनसमस्या शिविर : ग्रामीणों की समस्याओं का हुआ त्वरित समाधान एवं हितग्राहियों को मिला लाभ
पिथौरा विकासखंड के ग्राम सलडीह में प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया गया तथा विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।
ग्रामीण महिलाओं की नई उड़ान : इलेक्ट्रिशियन प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम
बिलासपुर के कोनी स्थित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आर-सेटी) में ग्रामीण महिलाओं को पहली बार इलेक्ट्रिशियन का प्रशिक्षण दिया गया है। ‘बिहान’ योजना से जुड़ी 20 महिलाएं इस प्रशिक्षण के माध्यम से पुरुष-प्रधान माने जाने वाले तकनीकी क्षेत्र में कदम रखकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। प्रशिक्षण में उन्हें वायरिंग, घरेलू विद्युत उपकरणों की मरम्मत, सुरक्षा उपाय और तकनीकी ज्ञान सिखाया गया।
बदली जिंदगी : बैंक से डरने वाली सकीना बनी आत्मनिर्भर उद्यमी, रोज़ 6-7 हजार की कमाई
छत्तीसगढ़ की “बिहान” योजना (SRLM) के तहत डाड़गांव की सकीना की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है। पहले बैंक जाने से घबराने वाली सकीना अब स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर उद्यमी बन गई हैं। डीएमएफ से मिली सीमेंट मिक्सर मशीन और शटरिंग प्लेट्स तथा 60,000 रुपये के ऋण से उन्होंने निर्माण कार्यों में अपना व्यवसाय शुरू किया, जिससे उन्हें प्रतिदिन लगभग 6,000–7,000 रुपये की आय हो रही है।
विदेश
ग्रामीण रोजगार में बड़ा बदलाव, अब फेस स्कैन और e-KYC अनिवार्य
1 अप्रैल 2026 से ग्रामीण रोजगार के लिए VB G RAM G योजना लागू होगी, जिसमें फेस स्कैन और e-KYC अनिवार्य किए गए हैं। अब NMMS ऐप के जरिए डिजिटल हाजिरी दर्ज होगी और बिना e-KYC श्रमिकों को काम नहीं मिलेगा। नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।