"यूरिया" के लिए 68 परिणाम मिले
राज्य सरकार
खाद-बीज वितरण : बालोद में सहकारी समितियों से समय पर मिल रहा खाद-बीज, किसानों ने की सराहना
बालोद जिले में खरीफ 2026 के लिए किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने हेतु सहकारी समितियों में मजबूत व्यवस्था की गई है। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देश पर सभी समितियों में भंडारण और वितरण की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। फागुनदाह के कृषक चोवाराम और पेण्डरवानी के बेनीराम साहू ने समय पर वितरण व्यवस्था की सराहना की और इसे कृषि के लिए लाभकारी बताया।
राज्य सरकार
कृषि में बड़ा बदलाव : 40 लाख किसानों के लिए नई रणनीति, डिजिटल खेती और प्राकृतिक कृषि पर जोर
छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक धान की खेती से आगे बढ़कर फसल विविधीकरण, डिजिटल तकनीक और प्राकृतिक खेती के नए युग में प्रवेश कर रहा है। ‘‘नवा अंजोर विज़न 2047’’ के तहत राज्य सरकार का लक्ष्य 40 लाख किसानों की आय बढ़ाना और कृषि को आधुनिक बनाना है। नई दिल्ली में हुई उच्च स्तरीय बैठक में बताया गया कि राज्य में दलहन उत्पादन में 76% की वृद्धि और तिलहन क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।
राज्य सरकार
किसानों को राहत : उचित दर पर खाद वितरण सुनिश्चित करने प्रशासन सख्त
महासमुंद जिले में किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कृषि एवं राजस्व विभाग ने संयुक्त रूप से उर्वरक विक्रेताओं पर सख्त निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान कई दुकानों और गोदामों में स्टॉक एवं रिकॉर्ड में अनियमितताएं पाई गईं, वहीं अवैध रूप से भंडारित यूरिया भी जब्त किया गया। विभाग ने विक्रेताओं को नियमों का पालन करने के निर्देश देते हुए किसानों से पक्का बिल लेने की अपील की है।
राज्य सरकार
किसानों के लिए राहत : खरीफ सीजन 2026 में उर्वरक वितरण के नए नियम लागू
कृषि विभाग ने खरीफ सीजन 2026 के लिए उर्वरक वितरण की नई कार्ययोजना जारी की है। इसके तहत पिछले वर्ष की तुलना में सीमित मात्रा में यूरिया और डीएपी/एनपीके खाद किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। भूमि रकबे के आधार पर वितरण का नया मानक तय किया गया है और किसानों को तीन श्रेणियों में बांटकर किस्तों में खाद दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़
बरगद के नीचे लगी चौपाल, मुख्यमंत्री ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महासमुंद जिले के ग्राम कमरौद में बरगद के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने योजनाओं की जमीनी स्थिति का फीडबैक लिया और महिलाओं के लिए भवन, कमरौद-चरोदा सड़क तथा मुक्तिधाम निर्माण की घोषणा की। चौपाल में दिव्यांग हितग्राहियों को व्हीलचेयर और ट्रायसिकल भी वितरित किए गए।
छत्तीसगढ़
खाद-डीजल संकट पर भड़के किसान, आरंग में मंत्री कार्यालय का घेराव
खेती के सीजन में खाद और डीजल की किल्लत से नाराज आरंग क्षेत्र के किसानों ने मंत्री कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। किसानों ने डीएपी, यूरिया, पोटाश और डीजल की तत्काल उपलब्धता की मांग करते हुए चेतावनी दी कि समस्या का समाधान नहीं होने पर रायपुर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
समीक्षा बैठक : कलेक्ट्रेट बैठक में बड़ा एक्शन प्लान, खाद वितरण, राशन भंडारण और रेत उत्खनन पर फोकस
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने समय सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने, पीओएस मशीन से वितरण सुनिश्चित करने और खाद की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही शासकीय खर्च में मितव्ययता, ई-ऑफिस को बढ़ावा, पीएम किसान योजना के तहत एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीयन बढ़ाने, सुशासन तिहार के लंबित आवेदनों का समयबद्ध निराकरण, पीएम आवास योजना के अधूरे आवास जल्द शुरू कराने तथा ‘मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0’ के तहत जल संरक्षण कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया गया।
किसान कल्याण : जैविक एवं वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा, आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
खरीफ 2026 के लिए कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा सहकारी क्षेत्र में उर्वरक वितरण संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुसार एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा देते हुए रासायनिक उर्वरकों के साथ जैव उर्वरक, जैविक खाद एवं हरी खाद के उपयोग पर जोर दिया गया है।
रायपुर संभाग
धरना प्रदर्शन : प्रति एकड़ खाद सीमा घटाने पर भड़के किसान, सोसायटी मैदान में प्रदर्शन
नारा, संडी और डिधारी गांवों के किसानों ने प्रति एकड़ रासायनिक खाद की मात्रा में कटौती के विरोध में सोसायटी मैदान में धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर पुरानी खाद वितरण व्यवस्था बहाल करने, पर्याप्त डीजल उपलब्ध कराने और नैनो खाद व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग की। किसानों का कहना है कि कम खाद मिलने से उत्पादन घटेगा और खेती की लागत बढ़ेगी।
छत्तीसगढ़
किसानों का फूटा गुस्सा : खाद कटौती पर रीवा में धरना, बोले- “कम खाद से घटेगी पैदावार”
रीवा, कुकरा और रसनी के किसानों ने खाद की मात्रा में कटौती के विरोध में शांतिपूर्ण धरना देकर पूर्ववत उर्वरक वितरण की मांग की। किसानों का कहना है कि नई व्यवस्था से उत्पादन घटेगा और खेती की लागत बढ़ेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम ज्ञापन सौंपते हुए किसानों ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।
रायपुर
तैयारी तेज : नवापारा-राजिम में किसानों को मिल रहा खाद-बीज और कृषि ऋण
नवापारा-राजिम अंचल में किसान खरीफ सीजन की तैयारियों में जुट गए हैं। खेतों की साफ-सफाई, मेढ़ सुधार और जुताई का कार्य तेज हो गया है। सहकारी समितियों में किसानों को खाद, बीज और कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। समिति प्रबंधन के अनुसार किसानों को डीएपी, यूरिया, पोटाश, राखड़ और प्रमाणित धान बीज निर्धारित दर पर दिए जा रहे हैं।
कृषि जागरूकता : किसानों को आधुनिक खेती एवं संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए किया गया जागरूक
विकसित कृषि संकल्प अभियान एवं सुशासन तिहार के अंतर्गत जिले के पांचों विकासखंडों के 10 ग्रामों में जागरूकता एवं समाधान शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में कृषि विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा किसानों को शासन की योजनाओं, संतुलित उर्वरक उपयोग, आधुनिक खेती की तकनीकों एवं जैविक खेती के संबंध में जानकारी दी गई।