"धार्मिक आस्था" के लिए 64 परिणाम मिले
महासमुंद
अक्षय तृतीया पर चाक की रफ्तार तेज, मिट्टी की मूर्तियों और बर्तनों की बढ़ी मांग
अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर मिट्टी के बर्तनों और मूर्तियों की मांग तेजी से बढ़ जाती है, जिसके चलते कुम्हार समुदाय 15–20 दिन पहले से तैयारी में जुट जाता है। काली मिट्टी को आकार देकर, सुखाकर, भट्टी में पकाकर और फिर रंग-रोगन कर तैयार किया जाता है। इस अवसर पर गुड्डा-गुड़िया, कलश और देवी-देवताओं की मूर्तियों की विशेष मांग रहती है। परंपरागत मान्यताओं और धार्मिक आस्था के कारण आज भी मिट्टी के उत्पादों का महत्व बना हुआ है, जो कुम्हारों की आजीविका और सांस्कृतिक विरासत दोनों को संजोए रखता है।
छत्तीसगढ़
श्रीमद्भागवत कथा: ‘अनुराग’ के संदेश से गूंजा पूरा क्षेत्र, भक्तिमय हुआ वातावरण
खैरागढ़ जिले के ग्राम देवरी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में भारी श्रद्धालु उमड़ रहे हैं और पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा है। कथा के दौरान आचार्य नरेन्द्र नयन शास्त्री ने बताया कि भक्ति का वास्तविक आधार केवल भजन-कीर्तन नहीं बल्कि सच्चा अनुराग (प्रेम और समर्पण) है।
महासमुंद
मेरा गांव : प्रकृति, परंपरा और परिवर्तन के बीच संतुलन साधता जीवंत गांव कौंदकेरा
कौंदकेरा एक ऐसा गांव है, जहां प्रकृति, संस्कृति और सामुदायिक भावना का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। यह गांव जहां अपनी परंपराओं से शक्ति प्राप्त करता है, वहीं आधुनिक चुनौतियों से जूझ भी रहा है। आवश्यकता है संतुलित विकास और सामाजिक जागरूकता की, ताकि यह गांव अपनी पहचान को बनाए रखते हुए भविष्य की ओर मजबूती से कदम बढ़ा सके।
महासमुंद
खल्लारी धाम में गूंजा आस्था का स्वर : उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने माता के चरणों में नवाया शीश, प्रदेश की खुशहाली की कामना
खल्लारी मेला महोत्सव में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने माँ खल्लारी के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने मंदिर तक पहुंच मार्ग के सुदृढ़ीकरण की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।