सावन का पवित्र महीना धार्मिक आस्था के साथ-साथ ज्योतिषीय दृष्टि से भी बेहद खास माना जा रहा है। इस बार सावन का दूसरा सोमवार 10 अगस्त 2026 को पड़ रहा है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस दिन ग्रहों की विशेष स्थिति कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आ सकती है। द्रिक पंचांग के अनुसार, सावन के दूसरे सोमवार पर सूर्य और बुध ग्रह कर्क राशि में एक साथ मौजूद रहेंगे। सूर्य और बुध की इस युति से बुधादित्य योग का निर्माण होगा। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को बुद्धि, आत्मविश्वास, मान-सम्मान और आर्थिक उन्नति से जोड़कर देखा जाता है। सावन सोमवार के व्रत और इस शुभ योग के संयोग से कुछ राशियों को विशेष लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए बुधादित्य योग सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। इस दौरान साहस और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी। लंबे समय से अटके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। परिवार और भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। नौकरी करने वाले लोगों को कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रशंसा और नए अवसर मिल सकते हैं।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए यह योग शुभ फल देने वाला माना जा रहा है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। कामकाज में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए संपर्कों और योजनाओं से लाभ मिलने के संकेत हैं।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए बुधादित्य योग लाभ भाव में बनने से आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। पुराने निवेश से फायदा मिल सकता है। व्यापार में नए अवसर सामने आ सकते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों और अनुभवी लोगों का सहयोग करियर में आगे बढ़ने में मदद करेगा।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह योग भाग्य में वृद्धि करने वाला माना जा रहा है। रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। शिक्षा, धार्मिक यात्रा और नए अनुभवों के अवसर मिल सकते हैं। नौकरी और करियर में उन्नति के साथ आर्थिक स्थिति बेहतर होने के संकेत हैं।
सावन सोमवार पर करें ये उपाय
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के दूसरे सोमवार पर भगवान शिव की पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं। इस दिन कुछ विशेष उपाय किए जा सकते हैं—
- शिवलिंग पर जलाभिषेक कर बेलपत्र और शमी के पत्ते अर्पित करें।
- भगवान शिव का ध्यान करते हुए ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें।
- बुध ग्रह की कृपा के लिए ॐ बुधादित्य नमः मंत्र का स्मरण करें।
- सूर्य देव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें और अक्षत (चावल) चढ़ाएं।
नोट: ज्योतिषीय मान्यताएं धार्मिक विश्वासों पर आधारित होती हैं। इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसे सामान्य जानकारी के रूप में ही लें।