"करोड़ों रुपये की लागत" के लिए 5 परिणाम मिले
बिलासपुर
Bilaspur News: 188 करोड की लागत से बनी सड़क निर्माण पुरा होने से पहले ही जर्ज़र
Bilaspur News: NH-130A पर 188 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने के बावजूद सड़क की गुणवत्ता, मरम्मत और अधूरे निर्माण पर सवाल उठ रहे हैं। डामर की सड़क पर सीमेंट-कंक्रीट से रिपेयरिंग, साइन बोर्ड और मील स्टोन की कमी के बीच विभागीय निगरानी भी सवालों के घेरे में है। ठेकेदार को दो बार नोटिस जारी।
गरियाबंद
राजिम सड़क निर्माण विवाद : शीतला तालाब की मिट्टी से बन रही करोड़ों की सड़क, गुणवत्ता और नियमों पर उठे सवाल
राजिम में शीतला तालाब सौंदर्यीकरण से निकली मिट्टी के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि 36 करोड़ रुपये की लागत से बन रही सड़क में तालाब की मिट्टी का उपयोग किया गया, जबकि सड़क निर्माण में Selected Soil के मानकों का पालन जरूरी होता है। मामले को लेकर निर्माण गुणवत्ता और नियमों पर सवाल उठ रहे हैं।
राजनांदगांव
भ्रष्टाचार की पहली बारिश : करोड़ों के चमचमाते पुल ताश के पत्तों की तरह ढहे, जनता में भारी आक्रोश
छत्तीसगढ़ में मानसून की पहली तेज बारिश के बाद राजनांदगांव और कोरबा में करोड़ों रुपये की लागत से बने पुल और ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त हो गए। कहीं लंबी दरारें आईं तो कहीं सड़क और पुलिया का हिस्सा बह गया। घटनाओं के बाद निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
राष्ट्रीय
बंद ICU से बढ़ा संकट : स्टाफ नहीं, मरीजों को 70 किमी दूर इलाज की मजबूरी
मध्य प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे लगातार किए जाते हैं, लेकिन कटनी जिले की बहोरीबंद विधानसभा की तस्वीर इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आती है। यहां करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किया गया आधुनिक आईसीयू पिछले करीब एक साल से बंद पड़ा है। कारण सिर्फ इतना है कि इसे चलाने के लिए डॉक्टर, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और टेक्नीशियन की नियुक्ति अब तक नहीं हो सकी है।
शिक्षा
बच्चों पर संकट : 3 साल में ही जर्जर हुआ 15 करोड़ का स्कूल, खतरे के साए में पढ़ने को मजबूर 800 छात्र
रायपुर के दलदल सिवनी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का करोड़ों रुपये की लागत से बना भवन कुछ ही वर्षों में जर्जर हो गया है। धंसते फर्श दरकती दीवारों और कमजोर नींव के बीच करीब 800 विद्यार्थी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे हैं। भवन की स्थिति को लेकर अभिभावकों और विद्यार्थियों में चिंता बढ़ गई है, वहीं निर्माण गुणवत्ता और जिम्मेदार एजेंसियों पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।