Bagbahara Leopard Attack: बागबाहरा क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियां अब ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता बनती जा रही हैं। कभी पहाड़ी और जंगलों के आसपास तो कभी गांवों की गलियों और घरों की बाड़ियों में तेंदुए की मौजूदगी सामने आ रही है। शुक्रवार की दरम्यानी रात पंडरीपानी में तेंदुए ने दो अलग-अलग घरों में घुसकर एक बत्तख और गर्भवती बकरी का शिकार कर लिया। इससे पहले करिपाट पहाड़ में युवक पर हमला और झिटकी में छह लोगों को घायल करने की घटना सामने आ चुकी है। वहीं बोकरामुड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों में भी तेंदुए की मौजूदगी देखे जाने की खबरें मिलती रही हैं। घटनाओं का बढ़ता दायरा ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रहा है।
एक ही रात दो घरों में घुसकर किया शिकार
पंडरीपानी में शुक्रवार की रात तेंदुआ सबसे पहले चैतराम पांडे के घर में घुसा और वहां बत्तख का शिकार कर लिया। इसके बाद वह पड़ोस की बाड़ी में पहुंचा और बकरी पालक कुसनो पिता मारकण्डो के बकरी शेड में घुसकर गर्भवती बकरी को मार डाला। एक ही रात में दो घरों में तेंदुए की घुसपैठ से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। घरों के आसपास इस तरह वन्यजीव की मौजूदगी ने लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
इसी महीने 3 अक्टूबर को करिपाट पहाड़ में लक्ष्मी चंद यादव नाम के युवक पर तेंदुए ने हमला किया था। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हुआ था और उसके शरीर पर बने घाव अब तक पूरी तरह नहीं भर पाए हैं। इसके अगले दिन पड़ोसी गांव झिटकी में तेंदुए ने छह लोगों पर गंभीर हमला कर दिया था। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई थी। हमले में शामिल तेंदुए का वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू किया था, लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई थी।
बोकरामुड़ा से आसपास के गांवों तक दिखती रही मौजूदगी
तेंदुए की मौजूदगी की खबरें केवल पंडरीपानी और झिटकी तक सीमित नहीं रही हैं। बोकरामुड़ा सहित आसपास के इलाकों में भी तेंदुए को देखे जाने की सूचनाएं सामने आती रही हैं। इसके अलावा बेहराभांठा, बनियातोरा और परकोम क्षेत्र में भी 20 अक्टूबर की दरम्यानी रात से तेंदुए की गतिविधियों की खबरें मिली थीं। वही बोकरामुड़ा खुर्द क्षेत्र के आसपास भी अलग-अलग समय पर तेंदुए की मौजूदगी की चर्चा सामने आई है। अलग-अलग दिशाओं और स्थानों से मिल रही ऐसी सूचनाओं ने पूरे क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा बनी बड़ी चुनौती
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच ग्रामीणों के लिए अपने बच्चों, परिवार के सदस्यों और पालतू पशुओं की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बन गई है। रात के समय घरों से बाहर निकलने और मवेशियों को बाड़ी में बांधकर रखने में भी लोग डर महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावित गांवों में नियमित गश्त बढ़ाने, तेंदुए की गतिविधियों पर निगरानी रखने और लोगों को समय रहते सतर्क करने की व्यवस्था करने की मांग की है।







