"बकरी पालन" के लिए 16 परिणाम मिले
राज्य सरकार
Women Empowerment: बिहान की मदद से बदली जिंदगी, बकरी पालन बना परिवार की आय का मजबूत जरिया
Women Empowerment: बिहान योजना के तहत महिला स्व-सहायता समूह से 80 हजार रुपये का ऋण लेकर बकरी पालन को व्यवसाय के रूप में विकसित किया। आज इस काम से उनकी सालाना आय करीब 2 लाख रुपये तक पहुंच गई है। उनकी सफलता ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणादायक मिसाल है।
राज्य सरकार
New Hope for Women: लेमन ग्रास की खेती से लखपति दीदी बनने की राह पर अमारू की महिलाएं
New Hope for Women: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम अमारू में बिहान योजना से जुड़ी 10 महिला स्वसहायता समूहों की महिलाएं करीब 20 एकड़ में लेमन ग्रास की सामूहिक खेती कर रही हैं। खेती से प्राप्त तेल को बाजार और औषधीय संस्थानों तक पहुंचाने की तैयारी है। सरकारी आर्थिक सहायता, बैंक लिंकेज और प्रशिक्षण के साथ महिलाएं बकरी पालन, मुर्गी पालन, सब्जी बाड़ी, किराना और टेंट हाउस जैसे अन्य व्यवसाय भी कर रही हैं।
राज्य सरकार
Seva Sankalp Abhiyan: सुशासन से संवर रहा छत्तीसगढ़, जनकल्याण से बदल रही तस्वीर
Seva Sankalp Abhiyan: सुशासन और जनकल्याण की योजनाओं से छत्तीसगढ़ में गांव, गरीब, किसान, महिला, बच्चे और युवाओं के जीवन में बदलाव की तस्वीर सामने आ रही है। सुरक्षित आवास, डिजिटल सेवाएं, महिला सशक्तिकरण, सुपोषण, कृषि और पशुपालन जैसी पहलें लोगों को बेहतर सुविधाओं के साथ आत्मनिर्भरता और सम्मान का अवसर दे रही हैं।
राज्य सरकार
Bihan Yojana: आत्मविश्वास और मेहनत से संतोषी ने हासिल किया लखपति दीदी का मुकाम
Bihan Yojana: कोरिया जिले की संतोषी देवांगन ने आत्मविश्वास और मेहनत के दम पर पारंपरिक बकरी पालन को सफल व्यवसाय में बदल दिया। बिहान स्व सहायता समूह से जुड़कर आर्थिक मदद प्राप्त की और आज लखपति दीदी बनकर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।
महासमुंद
Bihaan Yojana: बागबाहरा में 53 महिला समूहों को 2.35 करोड़ की आर्थिक मदद, गांव की महिलाएं संभाल रहीं कारोबार
Bihaan Yojana: योजना से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार की नई मिसाल पेश कर रही हैं। 53 महिला समूहों को 2.35 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता और 22 उद्यमी दीदियों को व्यक्तिगत ऋण की मंजूरी मिली। किराना, बकरी पालन, डेयरी, फैंसी स्टोर, टेंट हाउस सहित कई व्यवसायों से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।
राज्य सरकार
फुलवारी की महिलाओं ने हुनर को बनाया रोजगार का जरिया, राखी बिक्री से बढ़ी आमदनी
ग्राम फुलवारी की सरस्वती स्व सहायता समूह की महिलाएं बिहान से जुड़कर बकरी पालन और राखी निर्माण जैसी गतिविधियों के जरिए आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। रक्षाबंधन पर महिलाओं ने प्राकृतिक सामग्री से राखियां बनाकर कलेक्टोरेट के सामने स्टॉल लगाया और बिक्री से अतिरिक्त आय अर्जित की।
राज्य सरकार
बदली जिंदगी की दिशा : सुकमा में आत्मसमर्पित युवाओं ने सीखी खेती और स्वरोजगार की तकनीक
सुकमा जिले में 25 आत्मसमर्पित युवाओं को कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विभाग द्वारा 15 दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण दिया गया। युवाओं ने प्राकृतिक खेती, पशुपालन और कृषि आधारित स्वरोजगार की तकनीकें सीखकर आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया।
गरियाबंद
नई रफ्तार : 7 पंचायतों में आधुनिक बकरी शेड से बढ़ेगी पशुपालकों की आय
जिला प्रशासन ने मनरेगा के तहत ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए 7 ग्राम पंचायतों में लगभग 3 लाख रुपये प्रति इकाई लागत से आधुनिक बकरी पालन शेड स्वीकृत किए हैं। इन शेडों का निर्माण वैज्ञानिक मॉडल पर किया जाएगा, जिससे पशुओं को मौसम और बीमारियों से सुरक्षा मिलेगी तथा उत्पादन और आय में वृद्धि होगी। योजना में बकरी पालन के साथ देशी मुर्गी पालन को भी एकीकृत किया गया है, जिससे ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे। साथ ही पशुपालकों को चारा, स्वास्थ्य सेवाएं और तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यह पहल रोजगार सृजन, स्थायी परिसंपत्ति निर्माण और ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
रायपुर
आत्मनिर्भरता की मिसाल : 10 साल का संघर्ष, 185 बकरियों का फार्म मुंगेली के रामलाल की प्रेरक सफलता
मुंगेली जिले के ग्राम सुरही निवासी रामलाल लकड़ा ने बकरी पालन को अपनी आजीविका का मजबूत साधन बनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। उन्होंने लगभग 10 वर्ष पहले कुछ बकरियों से शुरुआत की थी, जो आज बढ़कर करीब 185 बकरियों के बड़े फार्म में बदल चुकी है।
राज्य सरकार
विकास की नई सौगात : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जन चौपाल में की बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम गारपा में सुशासन तिहार के तहत आयोजित जन चौपाल में ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने क्षेत्र में नक्सल प्रभाव के बाद अब तेजी से हो रहे विकास कार्यों पर जोर देते हुए सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की प्रतिबद्धता दोहराई।
राज्य सरकार
समीक्षा बैठक : बस्तर के विकास और सुशासन पर सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों की विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा और राजस्व प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि बस्तर संभाग के दूरस्थ क्षेत्रों तक सभी शासकीय योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पहुंचे और नागरिकों को समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े।
आजीविका मॉडल : सेरीखेड़ी पहुंचे केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान, महिला समूहों के नवाचार की सराहना
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने रायपुर के सेरीखेड़ी स्थित मल्टी यूटिलिटी सेंटर का दौरा कर अजा परियोजना, पिंक दीदी ई-ऑटो सेवा और महिला स्व-सहायता समूहों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण आजीविका मॉडल को देशभर के लिए प्रेरणास्रोत बताया।