"हर्बल उत्पाद" के लिए 6 परिणाम मिले
हर्बल उत्पाद : छत्तीसगढ़ की 55 हजार महिलाएं वन धन केंद्रों से जुड़कर बनीं आर्थिक रूप से मजबूत
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में संचालित 155 वन धन विकास केंद्र महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनकर उभरे हैं। इन केंद्रों से करीब 55 हजार महिलाएं जुड़कर लघु वनोपज संग्रहण, प्रसंस्करण और हर्बल उत्पाद निर्माण के जरिए आत्मनिर्भर बन रही हैं। पिछले पांच वर्षों में महिलाओं को करोड़ों रुपये का कमीशन और लाभांश प्राप्त हुआ है।
राज्य सरकार
Vishnu Deo Sai: छत्तीसगढ़ हर्बल्स के दिवाली गिफ्ट पैक लॉन्च, महिला समूहों को मिलेगा लाभ
Vishnu Deo Sai: मुख्यमंत्री निवास में ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ के दिवाली गिफ्ट पैक का लोकार्पण किया। प्रीमियम और सामान्य श्रेणियों में तैयार इन पैक में जामुन जूस, आंवला कैंडी, महुआ कुकीज़, शहद, ग्रीन टी सहित कई स्थानीय उत्पाद शामिल हैं। इनकी बिक्री संजीवनी केंद्रों के माध्यम से की जाएगी।
राज्य सरकार
Chhattisgarh Culture: दिल्ली में दिखेगी छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और विकास की झलक
Chhattisgarh Culture: नई दिल्ली में 14 से 27 नवंबर 2026 तक आयोजित होने वाले 45वें भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, हस्तशिल्प, मिलेट उत्पादों और औद्योगिक विकास को प्रदर्शित किया जाएगा।
स्टार्टअप
Herbal Product Brand: घरेलू हुनर को बनाया कारोबार, महिलाओं ने शुरू किया हर्बल ब्रांड
Herbal Product Brand: गांव की महिलाओं ने अब घरेलू कामकाज तक सीमित रहने के बजाय अपने हुनर को रोजगार का जरिया बनाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में ग्रामीण महिलाओं के एक समूह ने मिलकर प्राकृतिक और हर्बल उत्पाद तैयार करने का काम शुरू किया है।
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर
सौगात : तेंदूपत्ता संग्राहकों को 33.40 लाख रुपए का भुगतान शुरू, वन विभाग की प्रदर्शनी ने खींचा ध्यान
मुख्यमंत्री के एमसीबी जिले के दौरे के दौरान पोंडी स्थित तानसेन भवन परिसर में वन विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। इस अवसर पर उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में बड़ी पहल करते हुए चार प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के संग्राहकों को 33 लाख 40 हजार 40 रुपये का प्रतीकात्मक चेक प्रदान कर भुगतान प्रक्रिया की शुरुआत की।
ग्रीन गोल्ड : हर्बल समृद्धि से आत्मनिर्भरता की ओर, वन संपदा से समृद्धि की नई कहानी
छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध वन संपदा और दूरदर्शी नीतियों के माध्यम से “हर्बल स्टेट” के रूप में नई पहचान बना रहा है। तेंदूपत्ता, बांस, लाख, शहद और औषधीय पौधों जैसे वनोपज, जिन्हें “ग्रीन गोल्ड” कहा जाता है, राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। जामगांव की केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई और “छत्तीसगढ़ हर्बल्स” ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाया जा रहा है। आधुनिक प्रसंस्करण, वैज्ञानिक भंडारण और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने इन उत्पादों की मांग को बढ़ाया है।