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पारदर्शिता की नई पहल: HMS पोर्टल के होम पेज पर दिखेगी आश्रम और छात्रावास के विद्यार्थियों की जानकारी
छत्तीसगढ़ के आश्रम और छात्रावासों में प्रवेशित विद्यार्थियों का विवरण अब ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध रहेगा। इसके साथ हर माह की उपस्थिति भी अपडेट की जाएगी। मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना के लाभार्थियों की जानकारी भी पोर्टल पर देखी जा सकेगी।
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में कृषि केन्द्रों पर कार्रवाई, अवैध गोदाम सील
खरीफ सीजन 2026 में किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने जांच अभियान तेज किया है। गंडई में अवैध गोदाम सील कर संदिग्ध कीटनाशक और उर्वरक जब्त किए गए। वहीं, नियमों के उल्लंघन पर कृषि केन्द्र संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। बिना स्त्रोत प्रमाण पत्र के 250 लीटर जैव उत्प्रेरक समेत जैव उर्वरक का स्टॉक भी जब्त किया गया।
कोरबा की महिलाओं का हुनर: धान, साबूदाना और चावल से बनाई अनोखी राखियां
कोरबा के बेला कछार की प्रसन्न स्व सहायता समूह की महिलाओं ने स्थानीय संसाधनों से आकर्षक राखियां तैयार कर महिला उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। 22 सदस्यीय समूह की दीदियां 2018 से बिहान से जुड़कर विभिन्न आजीविका गतिविधियों से आय अर्जित कर रही हैं।
बीएससी कृषि कालेजों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग शुरू, 23 अगस्त तक फीस जमा करने का मौका
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी कृषि प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया जारी है। सीट नहीं मिलने या सीट सुरक्षित नहीं कर पाने वाले अभ्यर्थी 24 अगस्त 2026 तक स्पॉट एवं कन्वर्शन काउंसलिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
PM आवास बना सहारा: कच्चे मकान से पक्के घर तक पहुंची अशक्का यालम की जिंदगी
बीजापुर के भोपालपटनम की अशक्का यालम का वर्षों पुराना पक्के घर का सपना प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पूरा हुआ। कच्चे मकान की परेशानियों से राहत मिलने के बाद अब वह सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रही हैं।
बस्तर में कोसा उत्पादन को बढ़ावा देने की तैयारी, 50 हितग्राहियों को मिलेगा प्रशिक्षण
ग्रामोद्योग विभाग के सचिव राजेश सिंह राणा ने बस्तर और कांकेर में ककून बैंक, धागाकरण केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने 50 हितग्राहियों को टसर कृमिपालन व धागाकरण प्रशिक्षण देने और सुकमा-दंतेवाड़ा में भी प्रशिक्षण शुरू करने के निर्देश दिए।
प्राकृतिक सौंदर्य के बीच नया आकर्षण बना वुडन ब्रिज, बिलासा ताल में बढ़ेंगी पर्यटन गतिविधियां
बिलासा ताल में 24.38 लाख रुपये की लागत से बने आकर्षक वुडन ब्रिज का लोकार्पण किया गया। इससे पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिलने के साथ बिलासा ताल की खूबसूरती और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
चिरायु योजना से बदली 11 साल की किनामिका की जिंदगी, मुफ्त इलाज से परिवार को मिली राहत
मुंगेली के ग्राम नारायणपुर निवासी 11 वर्षीय किनामिका साहू बाल मधुमेह से पीड़ित है। निजी अस्पताल में इलाज पर परिवार को हर महीने 10 से 12 हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे थे। चिरायु टीम की पहल से बच्ची का जिला अस्पताल में उपचार शुरू हुआ और योजना के तहत उसे निःशुल्क ग्लूकोमीटर व इंसुलिन उपलब्ध कराई गई। इससे बच्ची के नियमित इलाज में सुविधा मिली और परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम हुआ।
नदी बचेगी तो जल बचेगा और जल बचेगा तो जीवन बचेगा, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर में ‘स्रोत महोत्सव 2026’ का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नदी और जलस्रोतों के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीक, पारंपरिक ज्ञान और जनभागीदारी के माध्यम से नदियों के उद्गम स्थलों और जलग्रहण क्षेत्रों के संरक्षण के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
मुफ्त बीज और तकनीकी मार्गदर्शन से बदली खेती की तस्वीर, आधुनिक खेती को मिल रहा बढ़ावा
सरगुजा के अम्बिकापुर विकासखंड के किसान रमेश रजवाड़े ने कृषि विभाग के सहयोग से 2 एकड़ में मक्का की खेती की है। निःशुल्क बीज और तकनीकी मार्गदर्शन से फसल की अच्छी बढ़वार हो रही है और किसान को बेहतर उत्पादन व आय बढ़ने की उम्मीद है।
दंतेवाड़ा में माउस डियर का रेस्क्यू, इलाज के बाद बचेली वन क्षेत्र में छोड़ा
दंतेवाड़ा कलेक्ट्रेट परिसर में कुत्तों के पीछा करने से घबराकर पहुंचा माउस डियर वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू किया। स्वास्थ्य जांच और आवश्यक उपचार के बाद उसे बचेली वन क्षेत्र के प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। वन विभाग ने नागरिकों से वन्यजीव दिखने पर दूरी बनाए रखने और तत्काल विभाग को सूचना देने की अपील की है।
महाराजा चक्रधर सिंह की जयंती पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया नमन
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने संगीत सम्राट महाराजा चक्रधर सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह ने शास्त्रीय संगीत, कथक, नृत्य और साहित्य को बढ़ावा देकर रायगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनकी कला साधना और सांस्कृतिक योगदान आज भी कलाकारों और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।