Sunday, 20 Sep 2026 भारत
ब्रेकिंग
Chhattisgarh News: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आवारा कुत्ते का आतंक, 31 लोगों को काटकर किया घायल Surajpur Crime News: तीजा पर्व पर खाना नहीं बनाने को लेकर हुआ विवाद, बेटे ने टांगी से हमला कर पिता की हत्या की GST Fraud Case: फर्जी दस्तावेजों से 10 फर्में बनाकर करोड़ों का कारोबार दिखाने का आरोप, FIR दर्ज Khargone news: बदहाल सड़क बनी मुसीबत, एंबुलेंस फंसी तो बैलगाड़ी से ले जाना पड़ा प्रसूता, नवजात की मौत Surajpur Crime News: नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज, जांच में जुटी पुलिस Sasaram Murder Case: खौफनाक अंत, जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की हत्या, जंगल में मिला खून से लथपथ शव, जांच में जुटी पुलिस Chhattisgarh News: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आवारा कुत्ते का आतंक, 31 लोगों को काटकर किया घायल Surajpur Crime News: तीजा पर्व पर खाना नहीं बनाने को लेकर हुआ विवाद, बेटे ने टांगी से हमला कर पिता की हत्या की GST Fraud Case: फर्जी दस्तावेजों से 10 फर्में बनाकर करोड़ों का कारोबार दिखाने का आरोप, FIR दर्ज Khargone news: बदहाल सड़क बनी मुसीबत, एंबुलेंस फंसी तो बैलगाड़ी से ले जाना पड़ा प्रसूता, नवजात की मौत Surajpur Crime News: नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज, जांच में जुटी पुलिस Sasaram Murder Case: खौफनाक अंत, जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की हत्या, जंगल में मिला खून से लथपथ शव, जांच में जुटी पुलिस
W 𝕏 f
होम छत्तीसगढ़ गांजा तस्करी : छत्तीसगढ़ और ओडिशा में NH-53  बना …
फाइल फोटो
फाइल फोटो
छत्तीसगढ़

गांजा तस्करी : छत्तीसगढ़ और ओडिशा में NH-53  बना तस्करी का हॉट कॉरिडोर,  महासमुंद के सिंघोडा में  बड़ा जखीरा पकड़ाया

महासमुंद जिले के सिंघोडा थाना क्षेत्र में पुलिस ने 312 किलो से अधिक गांजा जब्त कर दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उस बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करती है, जिसमें ओडिशा से देश के महानगरों तक मादक पदार्थों की आपूर्ति की जा रही है।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 09 Apr 2026, 01:12 PM · अपडेट: 18 Sep 2026, 03:31 AM
महासमुंद
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में थाना सिंघोडा पुलिस ने नारकोटिक्स एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 312.590 किलोग्राम गांजा के साथ दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर ग्राम रेहटीखोल के पास की गई, जो पिछले कुछ समय से तस्करी के लिए संवेदनशील रूट के रूप में उभर रहा है। सिंघोडा पुलिस की यह कार्रवाई केवल एक बड़ी जब्ती नहीं, बल्कि उस संगठित तस्करी नेटवर्क का संकेत है जो छत्तीसगढ़ को ट्रांजिट हब के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। अब जरूरत है सतत निगरानी और राज्यों के बीच मजबूत समन्वय की, ताकि इस अवैध कारोबार पर प्रभावी लगाम लगाई जा सके।
पुलिस को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर टीम ने घेराबंदी कर एक लाल रंग के टाटा 1916 फे ट्रक (KA 13 D 7710) को रोका। तलाशी के दौरान केमिकल की आड़ में छुपाकर रखी गई 15 प्लास्टिक बोरियों में भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इम्तियाज खान (48) निवासी मैसूर, कर्नाटक और रवि प्रकाश राउतकर (45) निवासी बालाघाट, मध्यप्रदेश के रूप में हुई है।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि गांजा ओडिशा के सोनपुर क्षेत्र से लोड किया गया था, जिसे महाराष्ट्र के मुंबई तक पहुंचाना था। बरामद गांजा की कीमत करीब 1.56 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने ट्रक, मोबाइल फोन समेत अन्य सामग्री भी जब्त कर आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट की धारा 20 (बी)(ई)(सी) के तहत मामला दर्ज किया है।
बढ़ता नेटवर्क: छत्तीसगढ़–ओडिशा तस्करी कॉरिडोर
विशेषज्ञों के अनुसार, ओडिशा के पश्चिमी जिलों—विशेषकर सोनपुर, बोलांगीर और कालाहांडी—में अवैध गांजा उत्पादन लंबे समय से जारी है। छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे इन इलाकों से तस्कर NH-53 और अन्य आंतरिक मार्गों का इस्तेमाल कर मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत तक सप्लाई करते हैं। महासमुंद, गरियाबंद और रायगढ़ जैसे जिले इस नेटवर्क के ट्रांजिट पॉइंट बनते जा रहे हैं।
कानून क्या कहता है?
भारत में मादक पदार्थों के नियंत्रण के लिए नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS Act), 1985 लागू है। गांजा की व्यावसायिक मात्रा (20 किलोग्राम से अधिक) के साथ पकड़े जाने पर कठोर सजा का प्रावधान है—
  • 10 से 20 साल तक की सजा
  • 1 से 2 लाख रुपये तक का जुर्माना (या उससे अधिक)
इस कानून के तहत जमानत पाना भी बेहद कठिन होता है, क्योंकि इसे गंभीर और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में रखा गया है।
एक्सपर्ट व्यू:
आंतरिक सुरक्षा और नारकोटिक्स मामलों के जानकारों का मानना है कि “तस्कर अब नए-नए तरीके अपना रहे हैं—केमिकल, फल-सब्जी या अन्य सामान के नीचे छुपाकर गांजा ले जाना आम हो गया है। छत्तीसगढ़-ओडिशा बॉर्डर पर तकनीकी निगरानी, ड्रोन सर्विलांस और इंटर-स्टेट पुलिस कोऑर्डिनेशन बढ़ाना बेहद जरूरी है।”
विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि यदि इस कॉरिडोर पर सख्ती नहीं बढ़ाई गई, तो यह नेटवर्क और संगठित होकर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी चुनौती बन सकता है।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? हमारी सुधार नीति देखें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें