Wednesday, 28 Oct 2026 भारत
ब्रेकिंग
Crime News: कवर्धा में बड़ी लूट, बाइक सवार बदमाशों ने व्यापारी को बनाया निशाना Municipal Corporation: राजधानी में अब सड़क या नालियों में मलबा फेंका तो खैर नहीं! रायपुर नगर निगम लाया कड़े नियम, 1 लाख तक जुर्माने का प्रस्ताव POCSO Act: नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में शिक्षक गिरफ्तार, अब निलंबित robbery case: पांच और शातिर बदमाश गिरफ्तार, 17 लाख का माल बरामद Cyclone Arnab: आंध्र प्रदेश के तट से टकराया चक्रवाती तूफान अर्नब, कई राज्यों में हाई अलर्ट पर प्रशासन POCSO Case: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 78 साल के प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद, ताउम्र कटेगी जेल में रातें Crime News: कवर्धा में बड़ी लूट, बाइक सवार बदमाशों ने व्यापारी को बनाया निशाना Municipal Corporation: राजधानी में अब सड़क या नालियों में मलबा फेंका तो खैर नहीं! रायपुर नगर निगम लाया कड़े नियम, 1 लाख तक जुर्माने का प्रस्ताव POCSO Act: नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में शिक्षक गिरफ्तार, अब निलंबित robbery case: पांच और शातिर बदमाश गिरफ्तार, 17 लाख का माल बरामद Cyclone Arnab: आंध्र प्रदेश के तट से टकराया चक्रवाती तूफान अर्नब, कई राज्यों में हाई अलर्ट पर प्रशासन POCSO Case: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 78 साल के प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद, ताउम्र कटेगी जेल में रातें
W 𝕏 f
होम › कारोबार › गुजरात के वडिनार में : 1,570 करोड़ की शिप रिपेयर …
शिप रिपेयर सुविधा को मंजूरी
शिप रिपेयर सुविधा को मंजूरी
कारोबार

 गुजरात के वडिनार में : 1,570 करोड़ की शिप रिपेयर सुविधा को मंजूरी, समुद्री क्षेत्र में बड़ा कदम

गुजरात के वडिनार में 1,570 करोड़ रुपये की शिप रिपेयर सुविधा को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट समिति (CCEA) ने मंजूरी दी है। इस परियोजना से भारत के मैरिटाइम सेक्टर को मजबूती मिलेगी और विदेशी शिपयार्ड पर निर्भरता कम होगी। वडिनार में बनने वाली यह अत्याधुनिक सुविधा जहाजों की मरम्मत और मेंटेनेंस के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराएगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेंगे, बंदरगाह आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और भारत के समुद्री व्यापार को नई गति मिलेगी। कुल मिलाकर यह प्रोजेक्ट देश के मैरिटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 06 May 2026, 07:08 PM · अपडेट: 19 Oct 2026, 06:56 PM
दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने मंगलवार को गुजरात के वडिनार में 1,570 करोड़ रुपये की शिप रिपेयर सुविधा को मंजूरी दी। इस फैसले को देश के मैरिटाइम सेक्टर के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे भारत की शिप रिपेयर क्षमता में सुधार होगा और विदेशी शिपयार्ड पर निर्भरता कम होगी। इस परियोजना के जरिए बंदरगाह आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और भारत के समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

 क्या होगा इस प्रोजेक्ट में खास

इस परियोजना के तहत वडिनार में एक अत्याधुनिक शिप रिपेयर और मेंटेनेंस सुविधा विकसित की जाएगी, जहां बड़े और छोटे जहाजों की मरम्मत, ओवरहॉलिंग और तकनीकी सुधार का काम किया जाएगा। इस सुविधा को आधुनिक मशीनरी, डॉकयार्ड और हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस किया जाएगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर के जहाजों की भी मरम्मत संभव हो सकेगी।

 निवेश और आर्थिक महत्व

इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 1,570 करोड़ रुपये का भारी निवेश किया जाएगा। यह निवेश न सिर्फ समुद्री ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा करेगा। इससे इंजीनियरिंग, टेक्निकल स्टाफ और सपोर्ट सेक्टर में बड़ी संख्या में नौकरियां उपलब्ध होंगी। 

वडिनार को मिलेगा नया पहचान

इस सुविधा के बनने के बाद वडिनार का महत्व और बढ़ जाएगा और यह क्षेत्र एक प्रमुख मैरिटाइम हब के रूप में विकसित हो सकता है। इससे गुजरात के बंदरगाह आधारित उद्योगों को नई गति मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी। साथ ही भारत की विदेशी देशों पर शिप रिपेयर के लिए निर्भरता भी कम होगी।

देश को लाभ 

गुजरात के वडिनार में 1,570 करोड़ रुपये की शिप रिपेयर सुविधा को मंजूरी मिलने से देश के मैरिटाइम सेक्टर को बड़ा फायदा होने वाला है। इस परियोजना से भारत की शिप रिपेयर क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे अब जहाजों की मरम्मत और मेंटेनेंस के लिए विदेशी शिपयार्ड पर निर्भरता कम हो जाएगी। इससे देश का समय और विदेशी मुद्रा दोनों की बचत होगी। साथ ही समुद्री व्यापार को भी नई मजबूती मिलेगी, जिससे भारत का एक्सपोर्ट और इंपोर्ट सिस्टम और अधिक प्रभावी बन सकेगा। इस प्रोजेक्ट के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, खासकर इंजीनियरिंग, टेक्निकल और सपोर्ट सेक्टर में बड़ी संख्या में नौकरियां मिलेंगी। इसके अलावा बंदरगाह आधारित उद्योगों का विस्तार होगा और वडिनार क्षेत्र एक प्रमुख मैरिटाइम हब के रूप में उभरकर सामने आएगा। कुल मिलाकर यह परियोजना भारत के मैरिटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें