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फरार आरोपियों ने की आत्मसमर्पण
फरार आरोपियों ने की आत्मसमर्पण
दुर्ग संभाग

चक्रव्यूह में सटोरिए : पुलिस की सतर्कता के चलते ONLINE सट्‌टा का कारोबार चला रहे दो आरोपियों ने किया सरेंडर

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के धमधा थाना क्षेत्र में चल रहे अवैध ऑनलाइन सट्टा मामले में लंबे समय से फरार दो मुख्य आरोपी—नीतिश गुप्ता और अमित शर्मा—ने पुलिस के दबाव और तकनीकी निगरानी के कारण आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने इनके खिलाफ जुआ एक्ट के तहत केस दर्ज कर लगातार छापेमारी और डिजिटल ट्रैकिंग की थी। पूछताछ में सट्टा नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस ने अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 07 May 2026, 04:16 PM · अपडेट: 13 Sep 2026, 11:11 PM
भिलाई
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में ऑनलाइन सट्टे के अवैध सिंडिकेट के खिलाफ पुलिस ने अपनी कार्रवाई इतनी तेज कर दी है कि अब आरोपियों के पास भागने का कोई रास्ता नहीं बचा है। धमधा थाना क्षेत्र में चल रहे अवैध सट्टा संचालन के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों ने पुलिस की चौतरफा घेराबंदी और तकनीकी दबाव से घबराकर अंततः आत्मसमर्पण कर दिया है।

दबिश और तकनीकी निगरानी ने बढ़ाई मुश्किलें

धमधा पुलिस ने इस अवैध कारोबार को जड़ से मिटाने के लिए कई स्तरों पर रणनीति तैयार की थी। पुलिस की स्पेशल टीमें लगातार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थीं। इसके साथ ही, पुलिस का तकनीकी विंग आरोपियों की हर गतिविधि और उनके डिजिटल फुटप्रिंट्स पर कड़ी नजर रख रहा था। अपराध क्रमांक 193/2025 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ एक्ट की धारा 7(2) के तहत मामला दर्ज होने के बाद से ही ये आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे।

पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर हुए मजबूर

पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार जारी इस विशेष अभियान ने सट्टेबाजों के बीच खौफ का माहौल पैदा कर दिया। जब आरोपियों को यह आभास हो गया कि आधुनिक तकनीकी विश्लेषण और पुलिस की सक्रियता के कारण वे ज्यादा दिनों तक सलाखों से दूर नहीं रह पाएंगे, तो उन्होंने खुद को कानून के हवाले करना ही बेहतर समझा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:

  • नीतिश गुप्ता (35 वर्ष): निवासी बनियापारा, धमधा।

  • अमित शर्मा (46 वर्ष): निवासी ग्राम बिरझापुर।

न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी

आत्मसमर्पण के तुरंत बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर विस्तृत पूछताछ की। पूछताछ के दौरान ऑनलाइन सट्टा संचालन के नेटवर्क, उनके साथियों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस ने आरोपियों को न्यायिक रिमांड के लिए माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।

पुलिस की कड़ी चेतावनी और अपील

दुर्ग पुलिस की इस सफलता में धमधा थाना स्टाफ की सक्रियता और तकनीकी टीम के सटीक विश्लेषण की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पुलिस विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में किसी भी प्रकार का अवैध जुआ या ऑनलाइन सट्टा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस प्रकार के साइबर अपराधों और अवैध गतिविधियों से दूर रहें। यदि किसी व्यक्ति को ऐसे नेटवर्क की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। दुर्ग पुलिस का यह कड़ा रुख उन सभी सट्टेबाजों के लिए एक सीधी चेतावनी है जो कानून की नजरों से बचकर अवैध साम्राज्य चलाने का ख्वाब देख रहे हैं—"कानून के हाथ लंबे हैं, और देर-सवेर हर अपराधी को उसके अंजाम तक पहुंचना ही होगा।"

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