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दीक्षांत समारोह
दीक्षांत समारोह

दीक्षण समारोह : कृषि शिक्षा, एआई और ड्रोन तकनीक से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था 

छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित 11वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल रमेन डेका ने कृषि में वैल्यू एडिशन, आधुनिक तकनीक और कम जमीन में अधिक उत्पादन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने एआई, ड्रोन, डिजिटल कृषि, हाइड्रोपोनिक्स और प्राकृतिक खेती को भविष्य की जरूरत बताया। समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों के हित में सरकार की योजनाओं और कृषि के आधुनिकीकरण पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर 128 शोधार्थियों को पीएचडी, 518 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर और 1234 विद्यार्थियों को स्नातक उपाधियां प्रदान की गईं।

कीर्तिमान न्यूज
15 May 2026, 05:44 PM
रायपुर
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छत्तीसगढ़ की लगभग 80 प्रतिशत अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। आज भूमि लगातार संकुचित होती जा रही है। अतएव हमें कम जमीन में ज्यादा से ज्यादा उत्पादन के लिए कार्य करना होगा। अर्थव्यवस्था के तेजी से विकास के लिए वैल्यू एडिशन उत्पादन आज की महती आवश्यकता है।

राज्यपाल रमेन डेका एवं कुलाधिपति, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में यह बात कही। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विष्णु देव साय और विशिष्ट अतिथि के रूप में राम विचार नेताम तथा भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के पूर्व निदेशक और प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार सिंह उपस्थित थे।

मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान की गई उपाधियां और पदक

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को पदक एवं उपाधियां वितरित की गईं। विभिन्न संकायों में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को 13 स्वर्ण, 7 रजत एवं 2 कांस्य पदक सहित 128 शोधार्थियों को पीएचडी, 518 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर और 1234 विद्यार्थियों को स्नातक उपाधि प्रदान की गई। कार्यक्रम के अध्यक्षीय उद्बोधन में राज्यपाल रमेन डेका ने उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह छात्र जीवन का एक बहुत बड़ा अवसर होता है। यह केवल डिग्री प्राप्त करने का दिन नहीं बल्कि भविष्य की शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब विश्वविद्यालय स्थापित हुआ था तब यहां केवल दो या तीन स्ट्रीम ही उपलब्ध थीं, लेकिन समय के साथ शिक्षा और अवसरों का विस्तार हुआ है।

एआई और नवाचार की बढ़ती भूमिका

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि आज कृषि परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। अब यह विज्ञान, तकनीक, नवाचार और उद्यमिता से संचालित हो रही है। विश्वभर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ड्रोन, उपग्रह मानचित्र, सटीक कृषि, जलवायु अनुकूल तकनीक, जैव प्रौद्योगिकी और डेटा विश्लेषण का उपयोग बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत भी तेजी से इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। ड्रोन द्वारा उर्वरक एवं कीटनाशक छिड़काव, डिजिटल उपकरणों से मृदा स्वास्थ्य निगरानी, मोबाइल ऐप द्वारा किसान परामर्श और ई-नाम बाजार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदल रहे हैं।

बासमती, हाइड्रोपोनिक्स और प्राकृतिक खेती पर जोर

राज्यपाल ने कहा कि किसानों और युवाओं को आधुनिक और उन्नत खेती की ओर बढ़ना चाहिए। छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, लेकिन अब हमें बासमती जैसे उच्च गुणवत्ता वाले धान के उत्पादन पर भी ध्यान देना चाहिए। इससे कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा खरीद आसान होगी और किसानों को बेहतर लाभ मिल सकेगा।

उन्होंने कहा कि हाइड्रोपोनिक्स और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में भविष्य में बड़ी संभावनाएं हैं तथा विद्यार्थियों को कृषि के क्षेत्र में नवाचार के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भूमि और जल संरचना कृषि के लिए अत्यंत अनुकूल है। यहां पानी आसानी से नीचे नहीं जाता, जिससे उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलती है। सही तकनीक और सकारात्मक सोच के साथ कृषि को और अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कृषि शिक्षा और अनुसंधान की सराहना की

दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय ने कृषि शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। वैज्ञानिकों द्वारा विकसित नई फसल किस्मों और आधुनिक तकनीकों से किसानों को बड़ा लाभ मिल रहा है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खेती को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। 

धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन, फल-सब्जी और मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार, कृषि उपकरणों की उपलब्धता तथा मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

तकनीक और खेती को जोड़ने आव्हान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों से ड्रोन, एआई और डिजिटल तकनीकों को खेती से जोड़कर किसानों और वैज्ञानिकों के बीच सेतु बनने का आह्वान किया।  कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने कहा कि प्रदेश में कृषि को बढ़ावा देने के लिए अनेक नवाचार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में धान की सबसे ज्यादा प्रजातियां हैं और सुगंधित धान के लिए राज्य की विशेष पहचान है। उन्होंने कहा कि फल, फूल और मसालों के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं। विद्यार्थियों के ज्ञान और शोध का लाभ पूरे छत्तीसगढ़ को मिलेगा।

कुलपति ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियां बताईं

समारोह में दीक्षांत भाषण डॉ. अशोक कुमार सिंह ने दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने दीक्षांत प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय की गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर विस्तृत प्रकाश डाला। साथ ही उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को दीक्षा उपदेश भी दिया। दीक्षांत समारोह में विधायक अनुज शर्मा, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, विश्वविद्यालय के प्रबंध मंडल, विद्या परिषद एवं प्रशासनिक परिषद के सदस्यगण, प्राध्यापक, वैज्ञानिक, विश्वविद्यालय के अधिकारी, उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी तथा उनके पालकगण उपस्थित रहे।

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