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मंत्रालय एवं छत्तीसगढ़ संवाद सहित कई कार्यालयों में बायोमेट्रिक सिस्टम ठप, 900 अधिकारी-कर्मचारियों की अटेंडेंस अटकी

रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ मंत्रालय और छत्तीसगढ़ संवाद कार्यालय में शुक्रवार सुबह बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम अचानक ठप हो गया। करीब 900 अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति थंब मशीन से दर्ज नहीं हो सकी। आधे घंटे बाद प्रशासन ने सर्वर डाउन होने की जानकारी दी और मैन्युअल रजिस्टर से अटेंडेंस दर्ज करने के निर्देश दिए। बताया गया कि तकनीकी समस्या भारत सरकार के सर्वर से जुड़ी है। जनवरी से लागू इस सिस्टम में यह पहली बड़ी खराबी रही, जिससे कुछ समय के लिए कामकाज प्रभावित हुआ।

कीर्तिमान ब्यूरो
कीर्तिमान ब्यूरो
08 May 2026, 05:25 PM
रायपुर

रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ मंत्रालय और छत्तीसगढ़ संवाद कार्यालय में शुक्रवार सुबह रोजाना की तरह उपस्थिति दर्ज करने पहुंचे अधिकारी-कर्मचारियों को उस समय परेशानी का सामना करना पड़ा जब बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम अचानक काम करना बंद कर गया। सुबह करीब 10 बजे लगभग 900 अधिकारी और कर्मचारी जैसे ही थंब मशीन पर पहुंचे, सिस्टम ने रिस्पॉन्स देना बंद कर दिया।

कुछ ही मिनटों में स्थिति यह हो गई कि एक-एक कर कर्मचारी मशीन के सामने थंब इंप्रेशन देने की कोशिश करते रहे, लेकिन स्क्रीन पर न तो कोई एंट्री दिखी और न ही उपस्थिति दर्ज हो सकी। इससे दफ्तर परिसर में हलचल और असमंजस का माहौल बन गया।

कर्मचारी परेशान

सिस्टम फेल होने के बाद मंत्रालय परिसर में थंब मशीन के सामने कर्मचारियों की लंबी कतारें लग गईं। कई लोग बार-बार प्रयास करते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। सुबह के समय उपस्थिति दर्ज कराने का निर्धारित समय होने के कारण बड़ी संख्या में कर्मचारी वहीं खड़े रहे।

कर्मचारियों के बीच यह चर्चा भी शुरू हो गई कि यह समस्या केवल स्थानीय स्तर की है या पूरे सर्वर सिस्टम में खराबी आई है। कुछ देर तक स्थिति स्पष्ट नहीं होने से असमंजस और बढ़ गया।

सर्वर डाउन बताया गया

करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद मंत्रालय की अधीक्षण शाखा की ओर से आधिकारिक सूचना जारी की गई। इसमें बताया गया कि बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम का सर्वर डाउन हो गया है, जिसके कारण उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही है।

सूचना में यह भी कहा गया कि यह तकनीकी समस्या भारत सरकार की ओर से संचालित सर्वर में आई है, जिसके चलते पूरे सिस्टम पर असर पड़ा है। इस जानकारी के बाद कर्मचारियों को कुछ राहत मिली, लेकिन उपस्थिति दर्ज न होने की समस्या बनी रही।

तत्काल मैन्युअल अटेंडेंस के निर्देश

स्थिति सामान्य न होते देख विभागीय स्तर पर निर्देश जारी किए गए कि फिलहाल बायोमेट्रिक प्रणाली के बजाय मैन्युअल अटेंडेंस दर्ज की जाए। इसके बाद सभी विभागों में रजिस्टर खोले गए और कर्मचारियों ने हस्ताक्षर कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

कई अनुभागों में सुबह की औपचारिक प्रक्रिया कुछ समय के लिए बाधित रही, लेकिन बाद में मैन्युअल व्यवस्था से काम चलाया गया।

1 जनवरी से लागू है बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ मंत्रालय में 1 जनवरी से बायोमेट्रिक आधारित उपस्थिति प्रणाली लागू की गई थी। इस व्यवस्था के तहत उप सचिव स्तर तक के अधिकारी भी रोजाना थंब इंप्रेशन के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करते हैं।

इस डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य उपस्थिति प्रणाली को पारदर्शी, सटीक और निगरानी योग्य बनाना था, ताकि मैन्युअल एंट्री पर निर्भरता कम हो सके।

लागू होने के बाद पहली बड़ी तकनीकी खराबी

जनवरी में सिस्टम लागू होने के बाद यह पहला अवसर है जब इतनी बड़ी तकनीकी गड़बड़ी सामने आई है। इससे पहले सिस्टम सामान्य रूप से काम कर रहा था और रोजाना हजारों उपस्थिति रिकॉर्ड डिजिटल रूप से दर्ज किए जा रहे थे।

इस अचानक आई खराबी ने मंत्रालय के नियमित कामकाज की गति को भी कुछ समय के लिए प्रभावित किया।


NIC और GAD की निगरानी में सिस्टम

इस पूरे बायोमेट्रिक सिस्टम का संचालन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) और सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा किया जा रहा है। तकनीकी टीम को सूचना मिलने के बाद सर्वर को ठीक करने के प्रयास शुरू कर दिए गए।

हालांकि, दोपहर तक भी सिस्टम पूरी तरह से बहाल नहीं हो सका था और तकनीकी सुधार की प्रक्रिया जारी रही। विभागीय स्तर पर स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि सिस्टम को जल्द सामान्य किया जा सके और फिर से डिजिटल अटेंडेंस सुचारू रूप से शुरू हो सके।

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