Wednesday, 15 Jul 2026 भारत
ब्रेकिंग
रफ्तार का कहर : कार की टक्कर से हवा में उछले बाइक सवार 3 युवक, CCTV में कैद हादसा कांग्रेस में बगावत की आग : राहुल-खरगे की इमरजेंसी मीटिंग, भूपेश बघेल दिल्ली तलब सड़क सुरक्षा अभियान : NH-49 पर अवैध कब्जों पर कार्रवाई, 41 वाहन चालकों से वसूला गया जुर्माना एक्शन : मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ दुर्ग पुलिस सख्त, युवक पर 5 हजार जुर्माना मुरैना में दावों की खुली पोल : दलदल लांघकर कलेक्ट्रेट पहुंचे नौनिहाल, कैलारस में 3 महीने में ही उखड़ी सड़क रायपुर में गूंजेगी शिक्षकों की आवाज : आज विधानसभा घेराव की तैयारी पूरी, DEO को सौंपा ज्ञापन रफ्तार का कहर : कार की टक्कर से हवा में उछले बाइक सवार 3 युवक, CCTV में कैद हादसा कांग्रेस में बगावत की आग : राहुल-खरगे की इमरजेंसी मीटिंग, भूपेश बघेल दिल्ली तलब सड़क सुरक्षा अभियान : NH-49 पर अवैध कब्जों पर कार्रवाई, 41 वाहन चालकों से वसूला गया जुर्माना एक्शन : मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ दुर्ग पुलिस सख्त, युवक पर 5 हजार जुर्माना मुरैना में दावों की खुली पोल : दलदल लांघकर कलेक्ट्रेट पहुंचे नौनिहाल, कैलारस में 3 महीने में ही उखड़ी सड़क रायपुर में गूंजेगी शिक्षकों की आवाज : आज विधानसभा घेराव की तैयारी पूरी, DEO को सौंपा ज्ञापन
W 𝕏 f
होम बलरामपुर-रामानुजगंज मानवता की मिसाल : देर रात रोती महिला और बच्चों की…
देर रात तीन मासूम बच्चों संग बैठी महिला का भावुक दृश्य
देर रात तीन मासूम बच्चों संग बैठी महिला का भावुक दृश्य
बलरामपुर-रामानुजगंज

मानवता की मिसाल : देर रात रोती महिला और बच्चों की युवकों ने की मदद

नगर के मां महामाया मंदिर के पास देर रात एक महिला अपने तीन छोटे बच्चों के साथ रोती-बिलखती मिली। भूख और प्यास से परेशान बच्चों को देखकर स्थानीय युवकों ने पहले खाने-पीने की व्यवस्था की और फिर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला और बच्चों को समझाइश देकर सुरक्षित घर पहुंचाया। बताया गया कि एक बोरा आम को लेकर हुए पारिवारिक विवाद के बाद महिला बच्चों को लेकर घर छोड़कर निकल गई थी। आर्थिक तंगी और पारिवारिक परेशानियों से जूझ रही महिला की मदद के लिए आगे आए समाजसेवियों और पुलिस की लोगों ने सराहना की।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
20 May 2026, 06:08 PM
रामानुजगंज

नगर के मां महामाया मंदिर के पास बीती रात एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई, जहां एक महिला अपने तीन छोटे बच्चों के साथ रोती-बिलखती हुई मंदिर परिसर के बाहर बैठी मिली। रात करीब 11 बजे का समय था और अधिकांश लोग अपने घरों में जा चुके थे। भूख और प्यास से परेशान बच्चे अपनी मां से लिपटकर रो रहे थे, जबकि महिला बेहद तनाव और मानसिक परेशानी की स्थिति में दिखाई दे रही थी। मंदिर के आसपास का माहौल देर रात अचानक इस दृश्य से संवेदनशील हो उठा। 

इसी दौरान स्थानीय नागरिक कृष्ण गुप्ता, भरत तिवारी और संजय तिवारी की नजर महिला और उसके बच्चों पर पड़ी। तीनों ने बिना देर किए पहले बच्चों और महिला के लिए खाने-पीने की व्यवस्था की। बच्चों को खाना मिलने के बाद उनकी हालत कुछ सामान्य हुई। इसके बाद तीनों युवकों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मदद नहीं मिलती तो महिला और बच्चों की हालत और बिगड़ सकती थी।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

सूचना मिलते ही एएसआई राधेश्याम विश्वकर्मा सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने महिला से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली और काफी देर तक समझाइश दी। इसके बाद महिला और उसके तीनों बच्चों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाया गया। पुलिस की इस संवेदनशील कार्रवाई की इलाके में काफी सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि पुलिस ने सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं बल्कि मानवीय जिम्मेदारी भी निभाई। जानकारी के अनुसार, महिला का लगभग 15 वर्षीय पुत्र कहीं से एक बोरा आम तोड़कर घर ले आया था। इस बात को लेकर महिला ने बेटे को समझाया और आपत्ति जताई। महिला का कहना था कि बिना पूछे किसी का सामान लाना गलत आदत को बढ़ावा दे सकता है और आगे चलकर बच्चा चोरी जैसी गलत राह पर जा सकता है। इसी बात को लेकर महिला की अपने भाई और भाभी से कहासुनी हो गई। विवाद धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि आहत महिला अपने तीन बच्चों को लेकर घर छोड़कर निकल गई।

संघर्षों से भरी है महिला की जिंदगी

महिला की पहचान रजवंती देवी (40 वर्ष) पति गणेश सोनी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि उसकी शादी काफी अधिक उम्र के व्यक्ति से हुई थी, जो वर्तमान में डाल्टनगंज में रहता है। महिला खुद मेहनत-मजदूरी कर अपने बच्चों का पालन-पोषण करती है। वह रोज काम पर जाते समय अपने एक वर्ष के बेटे और तीन वर्ष की बेटी को भी साथ लेकर जाती है। आर्थिक तंगी और पारिवारिक परेशानियों के बीच महिला किसी तरह अपने परिवार का जीवन चला रही है। जानकारी के मुताबिक करीब दो माह पूर्व महिला के एक पुत्र की रिंग रोड में वाहन की टक्कर से दर्दनाक मौत हो चुकी है। इस हादसे के बाद से महिला मानसिक और आर्थिक रूप से काफी टूट चुकी है। परिवार की जिम्मेदारी और गरीबी के बीच वह लगातार संघर्ष कर रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि महिला का जीवन लंबे समय से परेशानियों से घिरा हुआ है।

समय पर मदद मिलने से टला बड़ा संकट

स्थानीय नागरिकों, समाजसेवियों और पुलिस की तत्परता से एक बड़ा संकट टल गया। लोगों ने कहा कि समाज में आज भी ऐसे लोग मौजूद हैं जो जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आते हैं। देर रात महिला और बच्चों की मदद करने वाले युवकों तथा संवेदनशीलता दिखाने वाली पुलिस टीम की नगर में जमकर सराहना हो रही है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
गाइए और छा जाइए
कलमकार
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
भारत
विदेश
राजनीति
मनोरंजन
खेल
तकनीक
कारोबार
शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें